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नीमा ने सरकार की नीति पर विरोध जताया
Updated Wed, 08 Nov 2017 02:19 AM IST
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नीमा ने सरकार की नीति पर विरोध जताया
अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
नेशनल इंट्रीग्रेटिड मेडिकल एसोसिएशन (नीमा) से जुड़े चिकित्सकों ने एनसीआईएसएम बिल पर मंगलवार को विरोध जताया। नीमा प्रधान डॉ. कर्णवीर सिंह ने प्रेस बयान में कहा कि नीमा संगठन चाहे तो चुनाव की दशा व दिशा बदल सकता हैं। इसलिए सरकार को इस संगठन को कमजोर नहीं समझना चाहिए । उन्होंने कहा कि उनकी मांगों पर सरकार सकारात्मक रूख अपनाए अन्यथा चिकित्सक बड़ा आंदोलन के लिए तैयार हैं।
नीमा प्रधान ने कहा कि आजादी के कई दशक बाद भी अनपढ़ व अनुभवहीन लोग मंत्री बने हुए हैं लेकिन पढ़े लिखे चिकित्सकों को उनकी रोटी रोजी से वंचित करने की तैयारी चल रही है। उन्होंने कहा कि बीएएमएस चिकित्सकों का पाठ्यक्रम सीसीआईएम तय करती है जो एक संवैधानिक संस्था है। इसी पाठ्यक्रम के अनुरूप अध्ययन कर चिकित्सकों को यूजीसी द्वारा मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों द्वारा उपाधि प्रदान की जाती है । नीमा प्रधान ने कहा कि सरकार अब बीएएमएस चिकित्सकों से संबंधित बिल लाने की तैयार कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि यह बिल बिना संशोधन के पास होता है तो सात लाख से अधिक चिकित्सक एवं 30 लाख से अधिक चिकित्सकों से जुड़े सहायक बेरोजगार हो जायेंगे। इस बिल से छोटे अस्पताल बंद हो जाएंगे एवं चिकित्सा का कार्य कॅारपोरेट हाउसेज के हाथों में चला जाएगा। नीमा प्रधान ने कहा कि वे इसे लेकर दिल्ली में भी विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
नेशनल इंट्रीग्रेटिड मेडिकल एसोसिएशन (नीमा) से जुड़े चिकित्सकों ने एनसीआईएसएम बिल पर मंगलवार को विरोध जताया। नीमा प्रधान डॉ. कर्णवीर सिंह ने प्रेस बयान में कहा कि नीमा संगठन चाहे तो चुनाव की दशा व दिशा बदल सकता हैं। इसलिए सरकार को इस संगठन को कमजोर नहीं समझना चाहिए । उन्होंने कहा कि उनकी मांगों पर सरकार सकारात्मक रूख अपनाए अन्यथा चिकित्सक बड़ा आंदोलन के लिए तैयार हैं।
नीमा प्रधान ने कहा कि आजादी के कई दशक बाद भी अनपढ़ व अनुभवहीन लोग मंत्री बने हुए हैं लेकिन पढ़े लिखे चिकित्सकों को उनकी रोटी रोजी से वंचित करने की तैयारी चल रही है। उन्होंने कहा कि बीएएमएस चिकित्सकों का पाठ्यक्रम सीसीआईएम तय करती है जो एक संवैधानिक संस्था है। इसी पाठ्यक्रम के अनुरूप अध्ययन कर चिकित्सकों को यूजीसी द्वारा मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों द्वारा उपाधि प्रदान की जाती है । नीमा प्रधान ने कहा कि सरकार अब बीएएमएस चिकित्सकों से संबंधित बिल लाने की तैयार कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि यह बिल बिना संशोधन के पास होता है तो सात लाख से अधिक चिकित्सक एवं 30 लाख से अधिक चिकित्सकों से जुड़े सहायक बेरोजगार हो जायेंगे। इस बिल से छोटे अस्पताल बंद हो जाएंगे एवं चिकित्सा का कार्य कॅारपोरेट हाउसेज के हाथों में चला जाएगा। नीमा प्रधान ने कहा कि वे इसे लेकर दिल्ली में भी विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं।
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