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नहीं रहे पूर्व स्पीकर मनफूल सिंह, श्रद्धांजलि देने उमड़ी राजनीतिक हस्तियां
Updated Sat, 04 Nov 2017 12:55 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
राजनीति में अहम स्थान रखने वाले हरियाणा विस के पूर्व डिप्टी स्पीकर और पूर्व सीएम बंसीलाल के समधी चौ. मनफूल सिंह का शुक्रवार की शाम उनके पैतृक गांव सिलानी में अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनके निधन के साथ ही जिले की राजनीति का एक अध्याय समाप्त हो गया है।
उनको मुखाग्नि उनके पुत्र एडवोकेट बृजेंद्र चाहर ने दी। शुक्रवार को उनके अंतिम दर्शनों के लिए हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री चौ. भूपेंद्र सिंह हुड्डा, पूर्व विस अध्यक्ष डॉ. रघुबीर सिंह कादियान, कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर, पिछड़ा वर्ग के चेयरमैन रामचंद्र जांगड़ा, कृषि मंत्री ओपी धनखड़ के पुत्र आदित्य धनखड़, नपा चेयरमैन प्रतिनिधि उमेश नंदवानी, इनेेलो जिला प्रधान संजय कबलाना, हरेंद्र सिलाना सहित अनेक राजनीतिक दलों के नेता पहुंचे और उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। जिला प्रशासन की तरफ से नगराधीश अश्वनी कुमार व तहसीलदार भी उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे। ज्ञात हो कि चौ. मनफूल सिंह का निधन शुक्रवार की सुबह दिल्ली के अस्पताल में हुआ था। जोकि पिछले कई दिन से बीमार थे और उन्हें उपचार के लिए दिल्ली अस्पताल में दाखिल कराया था।
जिला गठन में थी अहम भूमिका
झज्जर जिले के गठन की बात की जाए तो जिले के अस्तित्व में आने के पीछे चौ. मनफूल सिंह की अहम भूमिका रही है। वर्ष 1996 में जब हरियाणा में चौ. बंसीलाल मुख्यमंत्री बने थे तो उनके सामने झज्जर को जिला बनाने की मांग मनफूल सिंह ने पुरजोर तरीके से रखी थी। हालांकि चौ. बंसीलाल चुनाव से पूर्व उन्हीं की मांग पर झज्जर को जिला बनाने की घोषणा कर चुके थे। इसे आपसी रिश्तेदारी कहे या फिर चौ. मनफूल सिंह का राजनीतिक कद कि उस समय बंसीलाल ने झज्जर को जिला बना दिया।
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राजनीतिक हस्ती थे मनफूल
चौ. मनफूल सिंह के राजनीतिक इतिहास की बात की जाए तो वे वर्ष 1968 में पहली बार झज्जर हलके से बतौर निर्दलीय प्रत्याशी चुनकर विस में पहुंचे थे। उसी दौरान उन्हें मुख्यमंत्री राव विरेंद्र सिंह की कैबिनेट में हरियाणा विस का डिप्टी स्पीकर चुना गया था। बाद में स्पीकर का निधन हो जाने के बाद उन्हें 9 माह तक स्पीकर पद पर रहना पड़ा था। स्व. मनफूल सिंह हरियाणा विधानसभा में 20 जुलाई 1967 से 21 नवंबर 1967 तक स्पीकर रहे। स्व. मनफूल सिंह के परिवार में उनकी धर्मपत्नी कृष्णा देवी, पुत्र राजेंद्र चाहार, सुरेंद्र चाहार, बृजेंद्र चाहर व जितेंद्र के अतिरिक्त दो पुत्रियां है।
- चौ. मनफूल सिंह के प्रयास से झज्जर बना था जिला
- पूर्व सीएम स्व. बंसीलाल के समधी थे स्व. मनफूल सिंह
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झज्जर।
राजनीति में अहम स्थान रखने वाले हरियाणा विस के पूर्व डिप्टी स्पीकर और पूर्व सीएम बंसीलाल के समधी चौ. मनफूल सिंह का शुक्रवार की शाम उनके पैतृक गांव सिलानी में अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनके निधन के साथ ही जिले की राजनीति का एक अध्याय समाप्त हो गया है।
उनको मुखाग्नि उनके पुत्र एडवोकेट बृजेंद्र चाहर ने दी। शुक्रवार को उनके अंतिम दर्शनों के लिए हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री चौ. भूपेंद्र सिंह हुड्डा, पूर्व विस अध्यक्ष डॉ. रघुबीर सिंह कादियान, कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर, पिछड़ा वर्ग के चेयरमैन रामचंद्र जांगड़ा, कृषि मंत्री ओपी धनखड़ के पुत्र आदित्य धनखड़, नपा चेयरमैन प्रतिनिधि उमेश नंदवानी, इनेेलो जिला प्रधान संजय कबलाना, हरेंद्र सिलाना सहित अनेक राजनीतिक दलों के नेता पहुंचे और उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। जिला प्रशासन की तरफ से नगराधीश अश्वनी कुमार व तहसीलदार भी उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे। ज्ञात हो कि चौ. मनफूल सिंह का निधन शुक्रवार की सुबह दिल्ली के अस्पताल में हुआ था। जोकि पिछले कई दिन से बीमार थे और उन्हें उपचार के लिए दिल्ली अस्पताल में दाखिल कराया था।
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जिला गठन में थी अहम भूमिका
झज्जर जिले के गठन की बात की जाए तो जिले के अस्तित्व में आने के पीछे चौ. मनफूल सिंह की अहम भूमिका रही है। वर्ष 1996 में जब हरियाणा में चौ. बंसीलाल मुख्यमंत्री बने थे तो उनके सामने झज्जर को जिला बनाने की मांग मनफूल सिंह ने पुरजोर तरीके से रखी थी। हालांकि चौ. बंसीलाल चुनाव से पूर्व उन्हीं की मांग पर झज्जर को जिला बनाने की घोषणा कर चुके थे। इसे आपसी रिश्तेदारी कहे या फिर चौ. मनफूल सिंह का राजनीतिक कद कि उस समय बंसीलाल ने झज्जर को जिला बना दिया।
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राजनीतिक हस्ती थे मनफूल
चौ. मनफूल सिंह के राजनीतिक इतिहास की बात की जाए तो वे वर्ष 1968 में पहली बार झज्जर हलके से बतौर निर्दलीय प्रत्याशी चुनकर विस में पहुंचे थे। उसी दौरान उन्हें मुख्यमंत्री राव विरेंद्र सिंह की कैबिनेट में हरियाणा विस का डिप्टी स्पीकर चुना गया था। बाद में स्पीकर का निधन हो जाने के बाद उन्हें 9 माह तक स्पीकर पद पर रहना पड़ा था। स्व. मनफूल सिंह हरियाणा विधानसभा में 20 जुलाई 1967 से 21 नवंबर 1967 तक स्पीकर रहे। स्व. मनफूल सिंह के परिवार में उनकी धर्मपत्नी कृष्णा देवी, पुत्र राजेंद्र चाहार, सुरेंद्र चाहार, बृजेंद्र चाहर व जितेंद्र के अतिरिक्त दो पुत्रियां है।
- चौ. मनफूल सिंह के प्रयास से झज्जर बना था जिला
- पूर्व सीएम स्व. बंसीलाल के समधी थे स्व. मनफूल सिंह