{"_id":"5bc8e50dbdec2269556a94e2","slug":"161539892493-jhajjar-bahadurgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीसरे दिन भी जारी रही हड़ताल, अब तक 16 लाख का नुकसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीसरे दिन भी जारी रही हड़ताल, अब तक 16 लाख का नुकसान
Updated Fri, 19 Oct 2018 01:24 AM IST
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बहादुरगढ़। रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही। बुधवार की तरह वीरवार को भी बहादुरगढ़ डिपो की सिर्फ दो बस सड़क पर चल सकीं। बीते तीन दिन में रोडवेज के बहादुरगढ़ डिपो को लगभग 16 लाख रुपये का नुकसान हो चुका है। जेल में गए 61 रोडवेज कर्मियों को बेल तो मिल गई, लेकिन वे सस्पेंड हो चुके हैं।
बीते दो दिनों की तरह वीरवार को तीसरे दिन भी बस अड्डा परिसर में वही हालात रहे। रोडवेज बसें न चलने से यात्रा भी बेहद कम दिखाई दिए। बीते दो दिनों की अपेक्षा पुलिस भी दिखाई नहीं पड़ी। दोपहर को भी अड्डा बिलकुल खाली-खाली नजर आया। बाहर निजी बस चालक जमकर चांदी कूटते नजर आए। बसों में यात्रियों को ठूंस-ठूंस कर भरा जा रहा था। बसों की छतों पर भी यात्रियों को सफर कराया गया।
सिर्फ दो बस चलीं
वीरवार को बहादुरगढ़ डिपो की सिर्फ दो बस ही सड़क पर उतरी। एक बस झज्जर की तरफ रवाना हुई तो दूसरी ने गुड़गांव की तरफ रुख किया। रोडवेज के एसआई धर्मवीर ने लगातार दूसरे दिन कंडक्टर के तौर पर ड्यूटी दी, जबकि दूसरी बस पर बुकिंग ब्रांच के कर्मचारी रवींद्र ने कंडक्टर का कार्यभार संभाला।
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जेल में बंद कर्मचारियों को मिली बेल
मंगलवार को धरना स्थल से उठाकर जेल भेजे गए 61 कर्मचारियों को वीरवार को बेल मिल गई। इन्हें बेल तो मिल गई है लेकिन सरकार की ओर से सस्पेंड कर दिया गया है। अब देखना ये रहता है कि आगे ये क्या करते हैं।
तीन दिन में 16 लाख का नुकसान
तीन दिन से हड़ताल के कारण बहादुरगढ़ डिपो को लभग 16 लाख रुपये का नुकसान हो चुका है। चूंकि अब 61 कर्मचारी सस्पेंड हो गए हैं तो ये सवाल भी है कि अब बसों पर व्यवस्था कौन संभालेगा। वहीं रोडवेज के अधिकारियों की माने तो डिपो में 70 ड्राइवर व 40 कंडक्टर के पद पर भर्ती हुए कुछ ऐसे कर्मचारी हैं जो दूसरी व्यवस्था संभाल रहे हैं। यदि ये हड़ताल खत्म कर काम पर लौटते हैं तो व्यवस्था बन जाएगी।
अन्य हड़तालियों को चेतावनी
सरकार की ओर से हड़ताल कर रहे अन्य कर्मचारियों को चेतावनी दी गई है कि यदि वे काम पर नहीं लौटते हैं तो उन्हें भी निलंबित कर दिया जाएगा। बहादुगगढ़ बस स्टैंड के एसएस जगबीर सिंह ने कहा कि उनके पास चेतावनी संबंधी पत्र पहुंच चुका है और उन्होंने कर्मचारियों को इससे अवगत करा दिया है। अब कर्मचारियों के हाथ में है कि उन्हें क्या करना है।
बीते दो दिनों की तरह वीरवार को तीसरे दिन भी बस अड्डा परिसर में वही हालात रहे। रोडवेज बसें न चलने से यात्रा भी बेहद कम दिखाई दिए। बीते दो दिनों की अपेक्षा पुलिस भी दिखाई नहीं पड़ी। दोपहर को भी अड्डा बिलकुल खाली-खाली नजर आया। बाहर निजी बस चालक जमकर चांदी कूटते नजर आए। बसों में यात्रियों को ठूंस-ठूंस कर भरा जा रहा था। बसों की छतों पर भी यात्रियों को सफर कराया गया।
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सिर्फ दो बस चलीं
वीरवार को बहादुरगढ़ डिपो की सिर्फ दो बस ही सड़क पर उतरी। एक बस झज्जर की तरफ रवाना हुई तो दूसरी ने गुड़गांव की तरफ रुख किया। रोडवेज के एसआई धर्मवीर ने लगातार दूसरे दिन कंडक्टर के तौर पर ड्यूटी दी, जबकि दूसरी बस पर बुकिंग ब्रांच के कर्मचारी रवींद्र ने कंडक्टर का कार्यभार संभाला।
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जेल में बंद कर्मचारियों को मिली बेल
मंगलवार को धरना स्थल से उठाकर जेल भेजे गए 61 कर्मचारियों को वीरवार को बेल मिल गई। इन्हें बेल तो मिल गई है लेकिन सरकार की ओर से सस्पेंड कर दिया गया है। अब देखना ये रहता है कि आगे ये क्या करते हैं।
तीन दिन में 16 लाख का नुकसान
तीन दिन से हड़ताल के कारण बहादुरगढ़ डिपो को लभग 16 लाख रुपये का नुकसान हो चुका है। चूंकि अब 61 कर्मचारी सस्पेंड हो गए हैं तो ये सवाल भी है कि अब बसों पर व्यवस्था कौन संभालेगा। वहीं रोडवेज के अधिकारियों की माने तो डिपो में 70 ड्राइवर व 40 कंडक्टर के पद पर भर्ती हुए कुछ ऐसे कर्मचारी हैं जो दूसरी व्यवस्था संभाल रहे हैं। यदि ये हड़ताल खत्म कर काम पर लौटते हैं तो व्यवस्था बन जाएगी।
अन्य हड़तालियों को चेतावनी
सरकार की ओर से हड़ताल कर रहे अन्य कर्मचारियों को चेतावनी दी गई है कि यदि वे काम पर नहीं लौटते हैं तो उन्हें भी निलंबित कर दिया जाएगा। बहादुगगढ़ बस स्टैंड के एसएस जगबीर सिंह ने कहा कि उनके पास चेतावनी संबंधी पत्र पहुंच चुका है और उन्होंने कर्मचारियों को इससे अवगत करा दिया है। अब कर्मचारियों के हाथ में है कि उन्हें क्या करना है।