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किसान बोले : मुआवजा मिलने से पहले नहीं बनने देंगे सड़क
Updated Sun, 07 Jan 2018 01:53 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
गांव कसार के कुछ किसानों ने केएलजे कंपनी के बहुमंजिला फ्लैटों के पास अदालत के स्थगनादेश के बावजूद सड़क बनाने की कोशिशों का विरोध किया है और कहा है कि जब तक उन्हें उनकी जमीन का पूरा मुआवजा नहीं मिलेगा तब तक वे सड़क नहीं बनने देंगे।
कसार के महेंद्र कसारिया और अन्य किसानों ने लोक निर्माण विभाग के स्थानीय विश्राम गृह में हुई प्रेस वार्ता में कहा कि मुआवजा दिए बिना ही शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारी उनकी जमीन में खड़ी फसल को उजाड़ना चाहते हैं और सड़क बनाना चाहते हैं। ये मानवता के खिलाफ है। प्रेस कांफ्रेंस में जमीन की मालिक किसान राजबाला, विनोद कुमार व श्रीभगवान समेत अनेक किसान मौजूद थे। उन्होंने कहा कि हुडा ने अभी तक जमीन का मुआवजा नहीं दिया है और हमारे खेतों में सड़क बनाने की कोशिश की जा रही है। कसारिया ने कहा कि हुडा के अधिकारी इस प्रस्तावित सड़क के साथ बने केएलजे कंपनी के बहुमंजिला फ्लैटों को लाभ पहुंचाना चाहते हैं।
कसारिया ने कहा कि केएलजे को लाभ पहुंचाने के लिए हुडा के कार्यकारी अभियंता इस सड़क को बनवाने में व्यक्तिगत रुचि ले रहे हैं, लेकिन अगर उनकी फसल उजाड़ी गई और जमीन का मुआवजा दिए बिना सड़क बनाने की कोशिश हुई तो वह व उनके परिवार के सदस्य जहर खाकर खुदकुशी कर लेंगे। ग्रामीणों ने बताया कि हुडा की इस कार्रवाई से गांव के 30 से अधिक किसान प्रभावित होते हैं, जिनमें होशियार सिंह, बालीराम, रामबीर और इंद्र सिंह भी शामिल हैं। उधर, कार्यकारी अभियंता कृष्ण कुमार का कहना है कि सड़क का निर्माण नियमानुसार ही होगा। किसी के साथ नाइंसाफी नहीं होगी।
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बहादुरगढ़।
गांव कसार के कुछ किसानों ने केएलजे कंपनी के बहुमंजिला फ्लैटों के पास अदालत के स्थगनादेश के बावजूद सड़क बनाने की कोशिशों का विरोध किया है और कहा है कि जब तक उन्हें उनकी जमीन का पूरा मुआवजा नहीं मिलेगा तब तक वे सड़क नहीं बनने देंगे।
कसार के महेंद्र कसारिया और अन्य किसानों ने लोक निर्माण विभाग के स्थानीय विश्राम गृह में हुई प्रेस वार्ता में कहा कि मुआवजा दिए बिना ही शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारी उनकी जमीन में खड़ी फसल को उजाड़ना चाहते हैं और सड़क बनाना चाहते हैं। ये मानवता के खिलाफ है। प्रेस कांफ्रेंस में जमीन की मालिक किसान राजबाला, विनोद कुमार व श्रीभगवान समेत अनेक किसान मौजूद थे। उन्होंने कहा कि हुडा ने अभी तक जमीन का मुआवजा नहीं दिया है और हमारे खेतों में सड़क बनाने की कोशिश की जा रही है। कसारिया ने कहा कि हुडा के अधिकारी इस प्रस्तावित सड़क के साथ बने केएलजे कंपनी के बहुमंजिला फ्लैटों को लाभ पहुंचाना चाहते हैं।
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कसारिया ने कहा कि केएलजे को लाभ पहुंचाने के लिए हुडा के कार्यकारी अभियंता इस सड़क को बनवाने में व्यक्तिगत रुचि ले रहे हैं, लेकिन अगर उनकी फसल उजाड़ी गई और जमीन का मुआवजा दिए बिना सड़क बनाने की कोशिश हुई तो वह व उनके परिवार के सदस्य जहर खाकर खुदकुशी कर लेंगे। ग्रामीणों ने बताया कि हुडा की इस कार्रवाई से गांव के 30 से अधिक किसान प्रभावित होते हैं, जिनमें होशियार सिंह, बालीराम, रामबीर और इंद्र सिंह भी शामिल हैं। उधर, कार्यकारी अभियंता कृष्ण कुमार का कहना है कि सड़क का निर्माण नियमानुसार ही होगा। किसी के साथ नाइंसाफी नहीं होगी।
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