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यूरिया किल्लत पर फूटा किसानों का गुस्सा
Updated Thu, 21 Dec 2017 01:19 AM IST
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यूरिया किल्लत पर फूटा किसानों का गुस्सा
चरखी दादरी ।
अनाज मंडी में जमीदारा सोसायटी कार्यालय के बाहर बुधवार को भी यूरिया खाद को लेकर किसानों में मारामारी मची रही। दिनभर किसान खाद लेने के लिए लाइन में खड़े रहे। इस दौरान किसानों ने खाद न मिलने पर जमकर नारेबाजी की। यूरिया खाद के वितरण में प्रबंधन व व्यवस्था के अभाव में जिले में यूरिया का संकट ज्यादा बना हुआ है। हालांकि जिले को मिलने वाला यूरिया खाद का पूरा कोटा भी अब तक मिला है। जिले में 3.50 लाख बैग की जरूरत है लेकिन अब तक 1.50 लाख बैग ही चरखी दादरी पहुुंचे हैं। मशीन पर अंगूठा मैच करवाए जाने की वजह से खाद वितरण में दो गुना ज्यादा समय लग रहा है। सर्दी के इस मौसम में सुबह जल्दी ही आकर किसान अनाज मंडी में लाइन में लग जाते हैं। इस समय किसान गेहूं व सरसो की फसल में यूरिया खाद का छिड़काव कर रहे हैं।
इस रबी सीजन में किसानों ने गेहूं की बिजाई 59 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में की है । इस समय रोजाना 600 से सात बैग ही आ रहे हैं। शहर की पुरानी अनाज मंडी में दी जमींदारा कोऑपरेटिव सोसायटी कार्यालय में इस खाद का वितरण किया जा रहा है। एक किसान को आधार कार्ड पर तीन ही बैग दिए जा रहे हैं जबकि कई किसानों ने 10 से 15 एकड़ में भी गेहूं की बिजाई कर रखी है ऐसे में उसे कम से कम 15 बैग की जरूरत होती है। पूरे दिन लाइन में लगने के बाद सांय तक पर्याप्त मात्रा में खाद न मिलने के कारण किसानों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि सोसायटी की ओर से किसानों को आधार कार्ड व मशीन पर अंगूठा लगवाने के बाद ही यूरिया खाद वितरित की जा रही है जिससे उन्हें ज्यादा परेशानी हो रही है।
कामकाज छोड़कर घंटों कर रहे इंतजार, फिर भी नहीं मिल रहा यूरिया
1.यूरिया खाद समय पर न मिलने के कारण काफी परेशानी हो रही है। फसलों में नुकसान हो रहा है। सुबह आकर ही लाइन में लगते हैं लेकिन फिर भी पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मिल रही हैं। मशीन में अंगूठे का निशान मैच नहीं करने से काफी परेशानी आ रही है।
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अत्तर सिंह, माई कलां
2.. इस समय खाद की ज्यादा जरूरत है। किसानों ने फसलों की पहली सिंचाई की है ऐसे में खाद का छिड़काव करना जरूरी है। ठंड मेें यूरिया खाद के लिए घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है। इससे किसानों का कामकाज प्रभावित हो जाता है।
मांगेराम , मिसरी
3.. यूरिया खाद न मिलने पर किसानों में रोष है। वहीं शहर मेें प्राइवेट दुकानों पर भी खाद नहीं मिल रही हैं। सोसायटी कार्यालय में मुश्किल से एक या दो बैग ही खाद मिल पाते हैं। पर्याप्त खाद नहीं मिलने से गेहूं व सरसों की फसल खराब हो रही है।
भूप सिंह मकड़ाना
4..: किसान को समय पर यूरिया खाद व बीज मिलना चाहिए। वे पिछले तीन दिनों से यूरिया खाद को लेकर लाइन में लगे हैं लेकिन अब तक यूरिया खाद नहीं मिल पा रहा है। जहां 10 बैग मिलने हैं वहां दो से तीन बैग से ही मिल रहे हैं।
राजपाल, मिसरी
वर्जन::
जल्द ही यूरिया खाद प्राइवेट दुकानों पर भी मिलना शुरू हो जाएगा। दो-तीन रोज में खाद की बड़ी खेप जिले में पहुंचने वाली है। इसके बाद यूरिया का संकट जिले में नहीं रहेगा। किसान थोड़ा संयम बनाए रखें।
डॉ. कृष्ण कुमार, एसडीओ कृषि विभाग
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चरखी दादरी ।
अनाज मंडी में जमीदारा सोसायटी कार्यालय के बाहर बुधवार को भी यूरिया खाद को लेकर किसानों में मारामारी मची रही। दिनभर किसान खाद लेने के लिए लाइन में खड़े रहे। इस दौरान किसानों ने खाद न मिलने पर जमकर नारेबाजी की। यूरिया खाद के वितरण में प्रबंधन व व्यवस्था के अभाव में जिले में यूरिया का संकट ज्यादा बना हुआ है। हालांकि जिले को मिलने वाला यूरिया खाद का पूरा कोटा भी अब तक मिला है। जिले में 3.50 लाख बैग की जरूरत है लेकिन अब तक 1.50 लाख बैग ही चरखी दादरी पहुुंचे हैं। मशीन पर अंगूठा मैच करवाए जाने की वजह से खाद वितरण में दो गुना ज्यादा समय लग रहा है। सर्दी के इस मौसम में सुबह जल्दी ही आकर किसान अनाज मंडी में लाइन में लग जाते हैं। इस समय किसान गेहूं व सरसो की फसल में यूरिया खाद का छिड़काव कर रहे हैं।
इस रबी सीजन में किसानों ने गेहूं की बिजाई 59 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में की है । इस समय रोजाना 600 से सात बैग ही आ रहे हैं। शहर की पुरानी अनाज मंडी में दी जमींदारा कोऑपरेटिव सोसायटी कार्यालय में इस खाद का वितरण किया जा रहा है। एक किसान को आधार कार्ड पर तीन ही बैग दिए जा रहे हैं जबकि कई किसानों ने 10 से 15 एकड़ में भी गेहूं की बिजाई कर रखी है ऐसे में उसे कम से कम 15 बैग की जरूरत होती है। पूरे दिन लाइन में लगने के बाद सांय तक पर्याप्त मात्रा में खाद न मिलने के कारण किसानों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि सोसायटी की ओर से किसानों को आधार कार्ड व मशीन पर अंगूठा लगवाने के बाद ही यूरिया खाद वितरित की जा रही है जिससे उन्हें ज्यादा परेशानी हो रही है।
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कामकाज छोड़कर घंटों कर रहे इंतजार, फिर भी नहीं मिल रहा यूरिया
1.यूरिया खाद समय पर न मिलने के कारण काफी परेशानी हो रही है। फसलों में नुकसान हो रहा है। सुबह आकर ही लाइन में लगते हैं लेकिन फिर भी पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मिल रही हैं। मशीन में अंगूठे का निशान मैच नहीं करने से काफी परेशानी आ रही है।
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अत्तर सिंह, माई कलां
2.. इस समय खाद की ज्यादा जरूरत है। किसानों ने फसलों की पहली सिंचाई की है ऐसे में खाद का छिड़काव करना जरूरी है। ठंड मेें यूरिया खाद के लिए घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है। इससे किसानों का कामकाज प्रभावित हो जाता है।
मांगेराम , मिसरी
3.. यूरिया खाद न मिलने पर किसानों में रोष है। वहीं शहर मेें प्राइवेट दुकानों पर भी खाद नहीं मिल रही हैं। सोसायटी कार्यालय में मुश्किल से एक या दो बैग ही खाद मिल पाते हैं। पर्याप्त खाद नहीं मिलने से गेहूं व सरसों की फसल खराब हो रही है।
भूप सिंह मकड़ाना
4..: किसान को समय पर यूरिया खाद व बीज मिलना चाहिए। वे पिछले तीन दिनों से यूरिया खाद को लेकर लाइन में लगे हैं लेकिन अब तक यूरिया खाद नहीं मिल पा रहा है। जहां 10 बैग मिलने हैं वहां दो से तीन बैग से ही मिल रहे हैं।
राजपाल, मिसरी
वर्जन::
जल्द ही यूरिया खाद प्राइवेट दुकानों पर भी मिलना शुरू हो जाएगा। दो-तीन रोज में खाद की बड़ी खेप जिले में पहुंचने वाली है। इसके बाद यूरिया का संकट जिले में नहीं रहेगा। किसान थोड़ा संयम बनाए रखें।
डॉ. कृष्ण कुमार, एसडीओ कृषि विभाग