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रेल रोको आंदोलन : प्रशासन की अपील पर किसान धरनास्थल पर ही डटे रहे, पुलिस रेलवे स्टेशन और ट्रैक पर रही तैनात
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चरखी दादरी। एनएच-152डी के लिए पुराने रेट पर जमीन अधिग्रहण मामले में किसानों का रेल रोको आंदोलन वीरवार को धरनास्थल तक सीमित रहा। किसानों से अवॉर्ड राशि में संशोधन के लिए 28 जून तक आंदोलन को स्थगित करने की अपील के बाद भी प्रशासन अलर्ट रहा। एक तरफ जहां किसान धरनास्थल पर डटे रहे वहीं भारी संख्या में पुलिस किसी भी तरह की स्थिति से निपटने के लिए रेलवे स्टेशन और रेल रोके जाने के संभावित स्थानों पर डटी रही। प्रशासन की अपील पर किसानों का कहना था कि हर घंटे संशोधन की रिपोर्ट की अपडेट उन तक पहुंचाई जाए। ऐसा नहीं होने पर किसान ट्रेन रोक देंगे। भारी तादात में पुलिस की तैनाती से दिनभर गहमागहमी का आलम था।
अवॉर्ड राशि में संशोधन को लेकर वीरवार दोपहर डीसी मुकेश आहूजा के साथ किसान नेताओं की बैठक हुई। बैठक में किसान नेता रमेश दलाल ने शुक्रवार तक अवार्ड राशि में संशोधन न करने पर चरखी दादरी और जींद डीसी के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई के लिए प्रदेश सरकार को लिखने की चेतावनी दी। रमेश दलाल ने बताया कि अगर शुक्रवार तक संशोधित मुआवजा राशि घोषित नहीं की गई तो फिर दोनों जिलों के डीसी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी और इसके तहत छह माह से लेकर तीन साल तक की सजा का प्रावधान है।
किसानों के रेल रोको आंदोलन के मद्देनजर जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे। वीरवार को जिले में धारा-144 लागू की गई थी। रेलवे ट्रैक की सुरक्षा और लॉ एंड ऑर्डर को कायम रखने के लिए प्रदेश के चार जिलों से करीब 1800 पुलिसकर्मी जिले में तैनात रहे। जिला प्रशासन ने चरखी दादरी रेलवे स्टेशन के अलावा ढाणी फौगाट गांव के फाटक पर भी फोर्स तैनात रखी। वहीं, धरनास्थल के समीप करीब 300 से अधिक पुलिस कर्मचारी मौजूद रहे। धरनास्थल के 200 मीटर की दूरी में प्रशासन ने दो नाके लगाए और इन नाकों पर तीन डीएसपी भी तैनात थे। सुबह करीब 11 बजे किसान नेता रमेश दलाल धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि डीसी द्वारा बनाई कमेटी द्वारा उठाए कदमों की अब हर घंटे बाद समीक्षा की जाएगी और अगर कार्रवाई ढीली पड़ती नजर आई तो उसी समय प्रदेश में 29 जगहों पर रेल रोक दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस बार किसानों ने रेल रोको आंदोलन को स्थगित नहीं किया है। किसान एक्शन मोड में हैं। और जरूरत पड़ी तो तुरंत रेलवे ट्रैक पर उतर आएंगे।
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कोट
किसानों से हमने रेल न रोकने की अपील की थी। अवार्ड राशि में संशोधन के लिए कमेटी ने अपना काम शुरू कर दिया है। प्रशासन अपने काम में जुटा है। किसान नेताओं के लगातार संपर्क में रहेंगे। एहतियात के तौर पर धारा-144 लागू करने के अलावा सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं। पब्लिक प्रॉपर्टी को किसी भी कीमत पर नुकसान नहीं पहुंचाने दिया जाएगा। - मुकेश आहूजा, डीसी, चरखी दादरी
किसानों ने रेल रोको आंदोलन स्थगित नहीं किया है। किसान तैयार हैं, हर घंटे की रिपोर्ट कमेटी से ली जाएगी। जिस समय प्रशासनिक कार्यवाही ढीली पड़ती नजर आएगी, हम रेल रोक देंगे। 28 तक अवार्ड राशि में संशोधन कर सूची नहीं सौंपी गई तो चरखी दादरी और जींद डीसी पर कार्रवाई की मांग सरकार से करेंगे। नियमानुसार दोनों डीसी को छह माह से लेकर तीन साल की सजा हो सकती है। - रमेश दलाल, किसान नेता
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अवॉर्ड राशि में संशोधन को लेकर वीरवार दोपहर डीसी मुकेश आहूजा के साथ किसान नेताओं की बैठक हुई। बैठक में किसान नेता रमेश दलाल ने शुक्रवार तक अवार्ड राशि में संशोधन न करने पर चरखी दादरी और जींद डीसी के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई के लिए प्रदेश सरकार को लिखने की चेतावनी दी। रमेश दलाल ने बताया कि अगर शुक्रवार तक संशोधित मुआवजा राशि घोषित नहीं की गई तो फिर दोनों जिलों के डीसी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी और इसके तहत छह माह से लेकर तीन साल तक की सजा का प्रावधान है।
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किसानों के रेल रोको आंदोलन के मद्देनजर जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे। वीरवार को जिले में धारा-144 लागू की गई थी। रेलवे ट्रैक की सुरक्षा और लॉ एंड ऑर्डर को कायम रखने के लिए प्रदेश के चार जिलों से करीब 1800 पुलिसकर्मी जिले में तैनात रहे। जिला प्रशासन ने चरखी दादरी रेलवे स्टेशन के अलावा ढाणी फौगाट गांव के फाटक पर भी फोर्स तैनात रखी। वहीं, धरनास्थल के समीप करीब 300 से अधिक पुलिस कर्मचारी मौजूद रहे। धरनास्थल के 200 मीटर की दूरी में प्रशासन ने दो नाके लगाए और इन नाकों पर तीन डीएसपी भी तैनात थे। सुबह करीब 11 बजे किसान नेता रमेश दलाल धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि डीसी द्वारा बनाई कमेटी द्वारा उठाए कदमों की अब हर घंटे बाद समीक्षा की जाएगी और अगर कार्रवाई ढीली पड़ती नजर आई तो उसी समय प्रदेश में 29 जगहों पर रेल रोक दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस बार किसानों ने रेल रोको आंदोलन को स्थगित नहीं किया है। किसान एक्शन मोड में हैं। और जरूरत पड़ी तो तुरंत रेलवे ट्रैक पर उतर आएंगे।
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किसानों से हमने रेल न रोकने की अपील की थी। अवार्ड राशि में संशोधन के लिए कमेटी ने अपना काम शुरू कर दिया है। प्रशासन अपने काम में जुटा है। किसान नेताओं के लगातार संपर्क में रहेंगे। एहतियात के तौर पर धारा-144 लागू करने के अलावा सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं। पब्लिक प्रॉपर्टी को किसी भी कीमत पर नुकसान नहीं पहुंचाने दिया जाएगा। - मुकेश आहूजा, डीसी, चरखी दादरी
किसानों ने रेल रोको आंदोलन स्थगित नहीं किया है। किसान तैयार हैं, हर घंटे की रिपोर्ट कमेटी से ली जाएगी। जिस समय प्रशासनिक कार्यवाही ढीली पड़ती नजर आएगी, हम रेल रोक देंगे। 28 तक अवार्ड राशि में संशोधन कर सूची नहीं सौंपी गई तो चरखी दादरी और जींद डीसी पर कार्रवाई की मांग सरकार से करेंगे। नियमानुसार दोनों डीसी को छह माह से लेकर तीन साल की सजा हो सकती है। - रमेश दलाल, किसान नेता