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प्रॉपर्टी टैक्स के डोर-टू-डोर सर्वे से लोगों में रोष
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बहादुरगढ़। शहर में प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर चल रहे सर्वे के प्रति लोगों में रोष पनप रहा है। शहरवासियों का तर्क है कि सर्वे करने वालों के पास कोई पहचान पत्र नहीं है, ऐसे में वे अपनी जानकारी उन्हें कैसे दे दें। सर्वेयरों को पहचान पत्र दिए जाने चाहिए, साथ ही जिस वार्ड में सर्वे हो वहां पहले सूचना जारी करनी चाहिए ताकि लोगों को परेशानी न हो। दरअसल, शहर में पिछले कुछ महीनों से प्रॉपर्टी टैक्स का सर्वे चल रहा है। अब तक करीब 4 हजार घरों का सर्वे किया जा चुका है। सर्वेयर कंपनी के कर्मचारी सर्वे के दौरान आधार कार्ड, रजिस्ट्री की प्रति और भू स्वामी के फोटो समेत आठ दस्तावेजों की प्रतियां साथ रखने का आह्वान कर रहे हैं ताकि सर्वे के दौरान भू स्वामियों को उनकी प्रॉपर्टी की यूनिक आईडी दी जा सके। यहीं यूनिक आईडी भविष्य में ऑनलाइन प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराने व उसकी प्रॉपर्टी के अन्य लेखा-जोखा करने में काम आएगी। वहीं अग्रवाल कॉलोनी निवासी दीपक बंसल, राजीव पांचाल, बिट्टू छिकारा, अजित, मुकेश बंसल, मोहन मोदी, शिवम गोयल आदि ने बताया कि बुधवार को अग्रवाल कॉलोनी में दो महिलाएं व एक युवक सर्वे के लिए आए थे। उनके पास पहचान पत्र भी नहीं थे। ऐसे में वो संपत्ति व अन्य कागजात मांग रहे थे। बिना पहचान पत्र कैसे उन्हें कागजात दिए जा सकते हैं। ऐसे में लोगों को क्या पता कि ये सर्वेयर हैं या फ्रॉड करने वाले। लोगों ने सभी सर्वेयरों को पहचान पत्र देने की भी मांग की है।
जानकारी न देने पर लगेगा जुर्माना
हरियाणा म्यूनिसिपल एक्ट 1973 के सेक्शन 86 के तहत नगर परिषद एरिया में रह रहे हर व्यक्ति की जिम्मेदारी बनती है कि वह टैक्स के लिए अपनी प्रॉपर्टी की पूरी व सही जानकारी नप को दे। अगर कोई जानकारी गलत देता है तो यह जान बूझकर जानकारी न दे तो उसे इस एक्ट के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया जा सकता है। इसके लिए 7 दिन में उसे कारण बताना होगा। कोई ठोस कारण न मिलने पर नप की ओर से उस पर 500 से लेकर 2000 रुपये तक जुर्माना का प्रावधान है। अगर नोटिस के बावजूद प्रॉपर्टी मालिक कोई लिखित में कारण न बताए तो उसे एक्स पार्टी मानकर आगे की कार्रवाई कर उस पर कोर्ट केस भी किया जा सकता है।
ये दस्तावेज जरूरी
बिजली बिल की फोटो कॉपी।
पानी के बिल की फोटो कॉपी।
एक पासपोर्ट साइट फोटो व आईडी प्रूफ।
आधार कार्ड।
संपत्ति की रजिस्ट्री की फोटो कॉपी।
किरायेदार के लिए मालिक के साथ हस्ताक्षर किए गए किराएनामे की कॉपी।
दुकान से संबंधित लाइसेंस की कॉपी।
पहले जमा कराए गए प्रॉपर्टी टैक्स की कॉपी।
कई बार सर्वेयर छोड़कर चले जाते हैं और नए सर्वेयर लगाने पड़ते हैं। उनका पहचान पत्र बनाने में समय लग जाता है। इसीलिए यह समस्या हो जाती है। रही बात मुनादी की तो वे नगर परिषद अधिकारियों से मिलकर भविष्य में कॉलोनी वाइज व वार्ड वाइज मुनादी कराने के बाद ही सर्वे करवाएंगेे।
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अमित राठी, प्रोजेक्ट हेड, सर्वेयर कंपनी।
यह सर्वे बहुत ही जरूरी है। लोग अपनी प्रॉपर्टी से संबंधित आठ दस्तावेज साथ जरूर रखें, ताकि उनकी प्रॉपर्टी को ऑनलाइन किया जा सके और यूनिक आईडी दी जा सके। साथ ही जब भी सर्वेयर आपके भूखंड का सर्वे करने आता है तो उसका पूरा सहयोग करें। अगर कोई सहयोग नहीं करेगा तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
डॉ. विजयपाल, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद बहादुरगढ़।
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जानकारी न देने पर लगेगा जुर्माना
हरियाणा म्यूनिसिपल एक्ट 1973 के सेक्शन 86 के तहत नगर परिषद एरिया में रह रहे हर व्यक्ति की जिम्मेदारी बनती है कि वह टैक्स के लिए अपनी प्रॉपर्टी की पूरी व सही जानकारी नप को दे। अगर कोई जानकारी गलत देता है तो यह जान बूझकर जानकारी न दे तो उसे इस एक्ट के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया जा सकता है। इसके लिए 7 दिन में उसे कारण बताना होगा। कोई ठोस कारण न मिलने पर नप की ओर से उस पर 500 से लेकर 2000 रुपये तक जुर्माना का प्रावधान है। अगर नोटिस के बावजूद प्रॉपर्टी मालिक कोई लिखित में कारण न बताए तो उसे एक्स पार्टी मानकर आगे की कार्रवाई कर उस पर कोर्ट केस भी किया जा सकता है।
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ये दस्तावेज जरूरी
बिजली बिल की फोटो कॉपी।
पानी के बिल की फोटो कॉपी।
एक पासपोर्ट साइट फोटो व आईडी प्रूफ।
आधार कार्ड।
संपत्ति की रजिस्ट्री की फोटो कॉपी।
किरायेदार के लिए मालिक के साथ हस्ताक्षर किए गए किराएनामे की कॉपी।
दुकान से संबंधित लाइसेंस की कॉपी।
पहले जमा कराए गए प्रॉपर्टी टैक्स की कॉपी।
कई बार सर्वेयर छोड़कर चले जाते हैं और नए सर्वेयर लगाने पड़ते हैं। उनका पहचान पत्र बनाने में समय लग जाता है। इसीलिए यह समस्या हो जाती है। रही बात मुनादी की तो वे नगर परिषद अधिकारियों से मिलकर भविष्य में कॉलोनी वाइज व वार्ड वाइज मुनादी कराने के बाद ही सर्वे करवाएंगेे।
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अमित राठी, प्रोजेक्ट हेड, सर्वेयर कंपनी।
यह सर्वे बहुत ही जरूरी है। लोग अपनी प्रॉपर्टी से संबंधित आठ दस्तावेज साथ जरूर रखें, ताकि उनकी प्रॉपर्टी को ऑनलाइन किया जा सके और यूनिक आईडी दी जा सके। साथ ही जब भी सर्वेयर आपके भूखंड का सर्वे करने आता है तो उसका पूरा सहयोग करें। अगर कोई सहयोग नहीं करेगा तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
डॉ. विजयपाल, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद बहादुरगढ़।