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बिना मॉस्क, दस्ताने व ऑक्सीजन किट के सीवर में उतरते हैं कर्मचारी

Thu, 27 Jun 2019 02:28 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 27 Jun 2019 02:28 AM IST
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बिना मॉस्क, दस्ताने व ऑक्सीजन किट  के सीवर में उतरते हैं कर्मचारी
झज्जर। सीवरेज सफाई करते समय कर्मचारियों की मौत जहरीली गैस से होने की घटनाएं हर साल होती हैं लेकिन फिर भी विभाग इससे सबक नहीं लेते। झज्जर भी इस प्रकार की लापरवाही से अछूता नहीं है। रोहतक में हुए हादसे के बाद अमर उजाला टीम ने शहर में सीवरेज सफाई करने वाले कर्मियों के हालात जानने का प्रयास किया। टीम को ठेकेदार के कर्मचारी सीवरेज सफाई करते हुए कोसली रोड एरिया में मिले। सीवरेज की सफाई करने वाले इन कर्मचारियों के पास सेफ्टी उपकरण के नाम पर कुछ भी नहीं था। कपड़े निकाल कर सीवरेज में घुसने वाला एक कर्मचारी तो अर्धनग्न अवस्था में था। ऐसे हालात में रोहतक जैसा हादसा यहां कभी भी घटित हो सकता है।
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हाथों से करते हैं सफाई
ठेकेदार के कर्मियों ने बताया कि उन्हें न तो उन्हें बदबू से बचने के लिए मास्क दिया है, न ही दम घोटने वाले सीवरेज के अंदर सफाई करने के लिए ऑक्सीजन किट। बिना दस्तानों के वे नंगे हाथों से ही सफाई करते हैं। बिना हेलमेट के वे सीवरेज के अंदर काम करते हैं। सीवरेज की सफाई करते हुए अक्सर गैस चढ़ने व ऑक्सीजन की कमी होने के कारण कर्मियों का दम घुट जाता है। उन्होंने इस बारे में ठेकेदार से कई बार मांग की, लेकिन हर बार उनकी मांग को अनसुना कर दिया गया।
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उचित उपकरण नहीं तो विभाग ने क्यों दिए ऐसे ठेकेदार को ठेका
पब्लिक हेल्थ द्वारा ठेका देने से पहले ठेकेदार के पास पर्याप्त साधन हैं या नहीं इसकी जांच होनी चाहिए। पर्याप्त साधन वाले ठेकेदार को ही ठेका देना चाहिए। विभाग द्वारा समय समय पर ठेकेदारों के उपकरणों व उनके द्वारा करवाए जा रहे कार्यों का निरीक्षण भी किया जाना चाहिए।
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शहर में है एसटीपी
झज्जर शहर में सीवरेज के पानी को ट्रीट करने के लिए दस एमएलडी के दो एसटीपी हैं। इसमें एक तो विभाग के द्वारा संचालित किया जा रहा है तो दूसरे को ठेकेदार के कर्मचारी चलाते हैं। वहीं शहर के सीवरेज की सफाई को ठेकेदार को कार्य दिया गया है। जिसके कर्मचारी ही सीवरेज की सफाई करते हैं।

आज मीटिंग लेंगे एक्सईएन
सरकारी विभागों के अधिकारियों की कार्यशैली कुछ ऐसी हो गई है कि यहां हादसा होने के बाद ही नींद टूटती है। रोहतक में हादसा होने के बाद पब्लिक हेल्थ के अधिकारी झज्जर में भी जागे हैं। सेफ्टी प्रबंधों को लेकर एक्सईएन द्वारा वीरवार को मीटिंग लेकर एसडीओ, जेई व ठेकेदारों को निर्देश दिए जाएंगे।


उन्हें नहीं पता था कि बिना सेफ्टी उपकरण लगाए ठेकेदार के कर्मचारी कार्य करते हैं। वे खुद विजिट कर इसकी जांच करेंगे। वहीं वीरवार को मीटिंग लेकर निर्देश दिए जाएंगे अगर हादसा हुआ तो इसके लिए ठेकेदार व जेई जिम्मेदार होंगे।
धर्मवीर घणघस, एक्सईएन, पब्लिक हेल्थ विभाग, झज्जर।
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