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43 लाख के टेंडर होने के बाद भी लोहारू कैनाल से नहीं जुड़ पाया सांजरवास जलघर
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बौंदकलां। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग लोहारू कैनाल से सांजरवास जलघर को जोड़ने की योजना को 43 लाख के टेंडर कराने के बाद भी सिरे नहीं चढ़ा पाया। इस योजना पर तीन माह के अंदर काम पूरा होना था । 19 फरवरी की डेडलाइन से चार माह बीत जाने पर भी परियोजना पर काम शुरू नहीं हो पाया। बताया जा रहा है कि
गांव सांजरवास व फौगाट के ग्रामीणों ने गत 22 मार्च 2018 को सांजरवास जलघर को लोहारू कैनाल से पानी दिए जाने की मांग को लेकर नारनौल चंडीगढ़ मुख्य मार्ग पर जाम लगाया था। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के तत्कालीन एक्सईएन विशाल बंसल ने जल्द ही परियोजना बनाकर लोहारू कैनाल से जोड़ने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया दिया था। इसके बाद जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने पंचायत से प्रस्ताव लेने के बाद में मई 2018 में कार्य के लिए एस्टिमेट बनवाकर चंडीगढ़ हेड ऑफिस भेज दिया था।
लोहारू कैनाल से लेकर सांजरवास जलघर तक 11 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन डालने के लिए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने 20 नवंबर 2018 को ठेकेदार जितेंद्र के नाम पर टेंडर छोड़ दिया था। टेंडर में विभाग ने पाइप लाइन बिछाने का खर्च, पंप चैंबर निर्माण, बाउंड्री वॉल, मशीनरी समेत अन्य कार्यों के लिए 42 लाख 80 हजार रुपये निर्धारित किए थे। कार्य को पूरा करने के लिए तीन महीने की समय सीमा निर्धारित थी जो गत 19 फरवरी 2019 को पूरी हो चुकी है। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग और ठेकेदार ने तय समय सीमा में कार्य को शुरू तक नहीं किया जिसके चलते सांजरवास व फौगाट के ग्रामीणों को जलघर को लोहारू कैनाल से जोड़ने के लिए धरने पर बैठना पड़ रहा है।
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विभाग ने नहीं दिए निशान, तीन महीने लेबर का खर्च भी उठाया : ठेकेदार
इस बारे में लोहारू कैनाल से सांजरवास जलघर तक पाइप लाइन डालने वाले ठेकेदार जितेंद्र कौशिक ने परियोजना का कार्य शुरू नहीं किए जाने पर कहा कि विभाग ने 20 नवंबर 2018 को उसे टेंडर अलाट किया था। जिसे तीन महीने में पूरा करना था लेकिन विभाग ने उसको बार बार अनुरोध करने पर भी वर्क साइट पर निशान नहीं दिया जिसके चलते कार्य शुरू नहीं किया जा सका। इस दौरान तीन महीने तक जेसीबी मशीन और लेबर भी बैठी रही। जिसका खर्च उसे उठाना पड़ा। निशान मुहैया करवाने को लेकर उसने जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के एसई, एक्सईएन को 29 नवंबर 2018, 11 दिसंबर 2018, एक जनवरी 2019, 13 फरवरी और अंतिम पत्र 20 फरवरी को लिखा था। लेकिन विभाग ने इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की है। इसके साथ ही विभाग से उसने 9 लाख 20 हजार रुपये के हुए नुकसान का हर्जाना 18 प्रतिशत ब्याज सहित मांगा है।
ठेकेदार पर पेनल्टी लगाकर नए सिरे से होगा लाइन डालने का टेंडर : एसई
इस बारे में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के एसई विशाल बंसल ने बताया कि ठेकेदार द्वारा विभाग पर लगाए जा रहे आरोप निराधार है। विभाग ने ठेकेदार को टेंडर अलाट करने के बाद भी बार-बार कार्य आरंभ करने को कहा था। लेकिन ठेकेदार ने वन विभाग व पीडब्ल्यूडी विभाग से एनओसी नहीं होने की बात कहकर काम शुरू नहीं किया। विभाग ने कहा था कि कार्य आरंभ करें और अगर कोई रुकावट होती है उसे दूर किया जाएगा। इसके साथ ही तीन चार महीनों में तीन एक्सईएन बदलने के कारण ठेकेदार को बहाना मिल गया। विभाग संबंधित ठेकेदार पर पेनल्टी लगाकर कार्य आरंभ करने के लिए आदेश देगा। ऐसा नहीं होने पर एक महीने के अंतराल में नए सिरे से टेंडर जारी कर दिया जाएगा। टेंडर होने के बाद काम शुरू करवा दिया जाएगा। परियोजना पर कार्य पूरा होने में छह महीने का समय लग जाएगा।
गांव सांजरवास व फौगाट के ग्रामीणों ने गत 22 मार्च 2018 को सांजरवास जलघर को लोहारू कैनाल से पानी दिए जाने की मांग को लेकर नारनौल चंडीगढ़ मुख्य मार्ग पर जाम लगाया था। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के तत्कालीन एक्सईएन विशाल बंसल ने जल्द ही परियोजना बनाकर लोहारू कैनाल से जोड़ने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया दिया था। इसके बाद जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने पंचायत से प्रस्ताव लेने के बाद में मई 2018 में कार्य के लिए एस्टिमेट बनवाकर चंडीगढ़ हेड ऑफिस भेज दिया था।
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लोहारू कैनाल से लेकर सांजरवास जलघर तक 11 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन डालने के लिए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने 20 नवंबर 2018 को ठेकेदार जितेंद्र के नाम पर टेंडर छोड़ दिया था। टेंडर में विभाग ने पाइप लाइन बिछाने का खर्च, पंप चैंबर निर्माण, बाउंड्री वॉल, मशीनरी समेत अन्य कार्यों के लिए 42 लाख 80 हजार रुपये निर्धारित किए थे। कार्य को पूरा करने के लिए तीन महीने की समय सीमा निर्धारित थी जो गत 19 फरवरी 2019 को पूरी हो चुकी है। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग और ठेकेदार ने तय समय सीमा में कार्य को शुरू तक नहीं किया जिसके चलते सांजरवास व फौगाट के ग्रामीणों को जलघर को लोहारू कैनाल से जोड़ने के लिए धरने पर बैठना पड़ रहा है।
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विभाग ने नहीं दिए निशान, तीन महीने लेबर का खर्च भी उठाया : ठेकेदार
इस बारे में लोहारू कैनाल से सांजरवास जलघर तक पाइप लाइन डालने वाले ठेकेदार जितेंद्र कौशिक ने परियोजना का कार्य शुरू नहीं किए जाने पर कहा कि विभाग ने 20 नवंबर 2018 को उसे टेंडर अलाट किया था। जिसे तीन महीने में पूरा करना था लेकिन विभाग ने उसको बार बार अनुरोध करने पर भी वर्क साइट पर निशान नहीं दिया जिसके चलते कार्य शुरू नहीं किया जा सका। इस दौरान तीन महीने तक जेसीबी मशीन और लेबर भी बैठी रही। जिसका खर्च उसे उठाना पड़ा। निशान मुहैया करवाने को लेकर उसने जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के एसई, एक्सईएन को 29 नवंबर 2018, 11 दिसंबर 2018, एक जनवरी 2019, 13 फरवरी और अंतिम पत्र 20 फरवरी को लिखा था। लेकिन विभाग ने इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की है। इसके साथ ही विभाग से उसने 9 लाख 20 हजार रुपये के हुए नुकसान का हर्जाना 18 प्रतिशत ब्याज सहित मांगा है।
ठेकेदार पर पेनल्टी लगाकर नए सिरे से होगा लाइन डालने का टेंडर : एसई
इस बारे में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के एसई विशाल बंसल ने बताया कि ठेकेदार द्वारा विभाग पर लगाए जा रहे आरोप निराधार है। विभाग ने ठेकेदार को टेंडर अलाट करने के बाद भी बार-बार कार्य आरंभ करने को कहा था। लेकिन ठेकेदार ने वन विभाग व पीडब्ल्यूडी विभाग से एनओसी नहीं होने की बात कहकर काम शुरू नहीं किया। विभाग ने कहा था कि कार्य आरंभ करें और अगर कोई रुकावट होती है उसे दूर किया जाएगा। इसके साथ ही तीन चार महीनों में तीन एक्सईएन बदलने के कारण ठेकेदार को बहाना मिल गया। विभाग संबंधित ठेकेदार पर पेनल्टी लगाकर कार्य आरंभ करने के लिए आदेश देगा। ऐसा नहीं होने पर एक महीने के अंतराल में नए सिरे से टेंडर जारी कर दिया जाएगा। टेंडर होने के बाद काम शुरू करवा दिया जाएगा। परियोजना पर कार्य पूरा होने में छह महीने का समय लग जाएगा।