{"_id":"5d0fd0938ebc3e3f9d7fe2d4","slug":"156131750618-charkhidadri-news177","type":"story","status":"publish","title_hn":"माइनर बंद करने पर सिंचाई विभाग की टीम से ग्रामीणों ने की धक्का-मुक्की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
माइनर बंद करने पर सिंचाई विभाग की टीम से ग्रामीणों ने की धक्का-मुक्की
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चरखी दादरी। लोहारू फीडर पर माइनर बंद करने गई सिंचाई विभाग की टीम के साथ शनिवार देर रात ग्रामीणों की धक्का मुक्की हो गई। सदर थाने पहुंचे टीम सदस्यों पर ने ग्रामीणों पर कपड़े फाड़ने और मोबाइल छीनने के आरोप लगाए हैं। टीम का आरोप है कि घटना पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में हुई है और अब ग्रामीण राजीनामा करने का दबाव बा रहे हैं। रविवार दोपहर एसडीओ दीपक कुमार ने मामले की शिकायत सदर थाना पुलिस को सौंप दी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं, किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने धक्का मुक्की और मोबाइल छीनने के आरोपों को नकारा है।
एसडीओ दीपक कुमार ने बताया कि लोहरवाड़ा माइनर से खातीवास गांव में पानी जाता है। इस माइनर की टर्न सात दिन का है और इस बार आठ दिन विभाग इसमें पानी छोड़ चुका है। शनिवार सुबह विभाग ने माइनर को बंद कर दिया। शनिवार देर रात करीब दस बजे टीम लोहारू फीडर की पेट्रोलिंग करने पहुंची थी। जेई शुभम और विनीत, बेलदार संदीप, इमरान, विनीत व मोहित सहित कैनाल गार्ड संदीप व सतीश सहित चालक राम अवतार की तीन टीमें दो गाड़ियों में सवार होकर पहुंची थी। एसडीओ दीपक ने बताया कि इसी दौरान खातीवास के करीब 40-45 किसान मौके पर पहुंच गए और टीम से उलझ पड़े। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों ने माइनर खोलने की मांग की। इस पर उन्हें बताया कि टर्न से अधिक पानी माइनर में छोड़ा जा चुका है और अब अन्य गांवों के जलघरों को भी भरा जाना है। एसडीओ ने बताया कि यह सुनकर ग्रामीण भड़क उठे और टीम के साथ अंधेरा का फायदा उठाकर धक्का-मुक्की करने लगे। करीब पौने घंटे तक ग्रामीणों ने हंगामा किया और इस दौरान तीन पुलिसकर्मी भी वहां मौजूद रहे। मामला बढ़ता देख एसडीओ ने इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी। रविवार सुबह टीम में शामिल सभी सदस्य सदर थाने पहुंचे और लिखित शिकायत पुलिस को सौंपी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। रविवार को दोनों पक्ष थाने पहुंचे और पुलिस के सामने अपना अपना पक्ष रखा।
वीडियो बनाने पर चालक से छीना मोबाइल
सदर थाने पहुंची टीम सदस्य रामअवतार ने बताया कि वह सरकारी गाड़ी पर चालक है। शनिवार रात दस से पौने 11 बजे तक हुए हंगामे के दौरान वह भी मौजूद था। रामअवतार ने बताया कि जब अधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की की वह वीडियो बनाने लगा तो ग्रामीणों ने उसके कपड़े फाड़ दिए और मोबाइल भी छीन लिया।
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ग्रामीण बोले: सिंचाई के लिए नहीं मिलता नहरी पानी
रविवार को खातीवास गांव के किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल भी सदर थाने पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल में शामिल अनुप फौगाट, उदयवीर, राकेश, महेंद्र, कृष्ण, अनुप सिंह व रविंद्र आदि ने बताया कि गांव में 1400 एकड़ भूमि पर कृषि होती है। लोहारू कैनाल निकलने पर दो माइनर गांव से जोड़ी गई थी। मिर्च माइनर में एक मोगा (नाली) और समसपुर माइनर में तीन मोगे के लिए जगह चिह्नित की गई हैं लेकिन इनका निर्माण नहीं कराया गया। सिंचाई के लिए किसानों को पानी नहीं मिल पा रहा और गांव का जलघर टैंक भी अभी नहीं भरा है। इसके कारण ही किसानों ने माइनर में पानी छोड़ने की मांग अधिकारियों से की थी। किसी किसान ने टीम से धक्का-मुक्की नहीं की।
लोहारू फीडर पर पकड़े नहरी पानी चोरी के 450 मामले
एसडीओ सहित दोनों जेई ने बताया कि किसान भारी मात्रा में पानी चोरी कर रहे हैं। शुक्रवार को विभागों की टीमों ने पुलिस बल के साथ लोहारू फीडर पर छापामारी की और इस दौरान पानी चोरी के 450 मामले पकड़े गए। उन्होंने बताया कि पिछले चार-पांच दिनों से छापामारी शुरू की गई है और अब तक 800 से अधिक पानी चोरी के मामले पकड़े जा चुके हैं। इनके खिलाफ आगामी कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को लिखा जा चुका है।
खातीवास के किसानों ने टीम के साथ धक्का-मुक्की के अलावा दुर्व्यवहार भी किया। चालक के कपड़े फाड़कर ग्रामीणों ने मोबाइल छीन लिया। टीम ने वहां से भागकर अपनी जान बचाई और अब राजीनामा के लिए दबाव बनाया जा रहा है। मैैंने सदर थाने में शिकायत सौंप दी है।
दीपक कुमार, एसडीओ, सिंचाई विभाग
सिंचाई विभाग के एसडीओ ने हमें शिकायत सौंपी थी। इस संबंध में पुलिस ने कुछ नामजद और अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सुरेंद्र सिंह, सदर थाना प्रभारी
प्रत्येक क्षेत्र में पानी पहुंचाना हमारी जिम्मेदारी है। इसके लिए नहरी पानी की चोरी रोकना जरूरी है। शनिवार रात हमारी टीम पानी चोरी रोकने गई थी और उनसे ग्रामीणों ने धक्का-मुक्की की। इसकी शिकायत हमने पुलिस को सौंप दी है।
अरूण मुंजाल, लोहारू जल सेवा, एक्सईएन
एसडीओ दीपक कुमार ने बताया कि लोहरवाड़ा माइनर से खातीवास गांव में पानी जाता है। इस माइनर की टर्न सात दिन का है और इस बार आठ दिन विभाग इसमें पानी छोड़ चुका है। शनिवार सुबह विभाग ने माइनर को बंद कर दिया। शनिवार देर रात करीब दस बजे टीम लोहारू फीडर की पेट्रोलिंग करने पहुंची थी। जेई शुभम और विनीत, बेलदार संदीप, इमरान, विनीत व मोहित सहित कैनाल गार्ड संदीप व सतीश सहित चालक राम अवतार की तीन टीमें दो गाड़ियों में सवार होकर पहुंची थी। एसडीओ दीपक ने बताया कि इसी दौरान खातीवास के करीब 40-45 किसान मौके पर पहुंच गए और टीम से उलझ पड़े। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों ने माइनर खोलने की मांग की। इस पर उन्हें बताया कि टर्न से अधिक पानी माइनर में छोड़ा जा चुका है और अब अन्य गांवों के जलघरों को भी भरा जाना है। एसडीओ ने बताया कि यह सुनकर ग्रामीण भड़क उठे और टीम के साथ अंधेरा का फायदा उठाकर धक्का-मुक्की करने लगे। करीब पौने घंटे तक ग्रामीणों ने हंगामा किया और इस दौरान तीन पुलिसकर्मी भी वहां मौजूद रहे। मामला बढ़ता देख एसडीओ ने इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी। रविवार सुबह टीम में शामिल सभी सदस्य सदर थाने पहुंचे और लिखित शिकायत पुलिस को सौंपी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। रविवार को दोनों पक्ष थाने पहुंचे और पुलिस के सामने अपना अपना पक्ष रखा।
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वीडियो बनाने पर चालक से छीना मोबाइल
सदर थाने पहुंची टीम सदस्य रामअवतार ने बताया कि वह सरकारी गाड़ी पर चालक है। शनिवार रात दस से पौने 11 बजे तक हुए हंगामे के दौरान वह भी मौजूद था। रामअवतार ने बताया कि जब अधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की की वह वीडियो बनाने लगा तो ग्रामीणों ने उसके कपड़े फाड़ दिए और मोबाइल भी छीन लिया।
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ग्रामीण बोले: सिंचाई के लिए नहीं मिलता नहरी पानी
रविवार को खातीवास गांव के किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल भी सदर थाने पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल में शामिल अनुप फौगाट, उदयवीर, राकेश, महेंद्र, कृष्ण, अनुप सिंह व रविंद्र आदि ने बताया कि गांव में 1400 एकड़ भूमि पर कृषि होती है। लोहारू कैनाल निकलने पर दो माइनर गांव से जोड़ी गई थी। मिर्च माइनर में एक मोगा (नाली) और समसपुर माइनर में तीन मोगे के लिए जगह चिह्नित की गई हैं लेकिन इनका निर्माण नहीं कराया गया। सिंचाई के लिए किसानों को पानी नहीं मिल पा रहा और गांव का जलघर टैंक भी अभी नहीं भरा है। इसके कारण ही किसानों ने माइनर में पानी छोड़ने की मांग अधिकारियों से की थी। किसी किसान ने टीम से धक्का-मुक्की नहीं की।
लोहारू फीडर पर पकड़े नहरी पानी चोरी के 450 मामले
एसडीओ सहित दोनों जेई ने बताया कि किसान भारी मात्रा में पानी चोरी कर रहे हैं। शुक्रवार को विभागों की टीमों ने पुलिस बल के साथ लोहारू फीडर पर छापामारी की और इस दौरान पानी चोरी के 450 मामले पकड़े गए। उन्होंने बताया कि पिछले चार-पांच दिनों से छापामारी शुरू की गई है और अब तक 800 से अधिक पानी चोरी के मामले पकड़े जा चुके हैं। इनके खिलाफ आगामी कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को लिखा जा चुका है।
खातीवास के किसानों ने टीम के साथ धक्का-मुक्की के अलावा दुर्व्यवहार भी किया। चालक के कपड़े फाड़कर ग्रामीणों ने मोबाइल छीन लिया। टीम ने वहां से भागकर अपनी जान बचाई और अब राजीनामा के लिए दबाव बनाया जा रहा है। मैैंने सदर थाने में शिकायत सौंप दी है।
दीपक कुमार, एसडीओ, सिंचाई विभाग
सिंचाई विभाग के एसडीओ ने हमें शिकायत सौंपी थी। इस संबंध में पुलिस ने कुछ नामजद और अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सुरेंद्र सिंह, सदर थाना प्रभारी
प्रत्येक क्षेत्र में पानी पहुंचाना हमारी जिम्मेदारी है। इसके लिए नहरी पानी की चोरी रोकना जरूरी है। शनिवार रात हमारी टीम पानी चोरी रोकने गई थी और उनसे ग्रामीणों ने धक्का-मुक्की की। इसकी शिकायत हमने पुलिस को सौंप दी है।
अरूण मुंजाल, लोहारू जल सेवा, एक्सईएन