फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   दो फर्म मालिकों ने 252 किसानों की रोक रखी थी 4.56 करोड़ की राशि

दो फर्म मालिकों ने 252 किसानों की रोक रखी थी 4.56 करोड़ की राशि

Tue, 18 Jun 2019 12:29 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 18 Jun 2019 12:29 AM IST
विज्ञापन
दो फर्म मालिकों ने 252 किसानों की रोक रखी थी 4.56 करोड़ की राशि
चरखी दादरी। किसानों को चूना लगाकर अनाज मंडी से फरार होने वाली दोनों फर्म का ब्योरा जुटाने में जिला प्रशासन जुट गया है। प्रशासनिक रिपोर्ट के मुताबिक 252 किसानों ने मार्केटिंग कमेटी कार्यालय में सबूत के साथ अपने दावे पेश किए हैं। मार्केटिंग बोर्ड के आकलन अनुसार फर्म मालिकों ने इन किसानों की करीब चार करोड़ 56 लाख की पेमेंट का भुगतान नहीं किया है। रविवार शाम तक जहां 221 किसानों के दावे दर्ज किए गए थे तो यह दौर मंगलवार को भी जारी रहा। सोमवार को दावा दर्ज न करवा पाने वाले किसानों को अधिकारियों ने मंगलवार को दोबारा मौका दिया और दिनभर में 31 दावे विभाग के पास जमा हुए।
विज्ञापन

किसानों की शिकायत पर सिटी थाने में जय दादा गुंसाई ट्रेडिंग कंपनी और किरोड़ीमल रामकुमार ट्रेडिंग कंपनी के खिलाफ चार एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। वहीं, किसानों ने जिला उपायुक्त मुकेश आहूजा को भी इस संबंध में शिकायत सौंपी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त ने किसानों के दावे दर्ज करने के लिए छह सदस्यीय कमेटी का गठन किया था। इस कमेटी के अध्यक्ष एसडीएम सतबीर कुंडू थे। उपायुक्त के निर्देशानुसार रविवार को मार्केटिंग बोर्ड कार्यालय में किसानों के सबूत के साथ दावे दर्ज किए गए थे। शाम करीब सात बजे तक दावे दर्ज करने के बाद भी करीब 30 किसान रह गए थे। इन्हें मार्केटिंग बोर्ड अधिकारियों ने सोमवार को बुलाया था। सोमवार सुबह ही ये किसान मंउी पहुंच गए और उन्होंने सबूतों के साथ अपने दावे प्रस्तुत किए।
विज्ञापन

वहीं, मार्केटिंग बोर्ड सूत्रों की मानें तो फर्म संचालकों को रुपये देने के केस सोमवार को दूसरे दिन भी सामने आए हैं। ये अपने दावे दर्ज कराने मार्केटिंग बोर्ड कार्यालय भी पहुंचे। लेकिन वहां से उनको वापिस भेज दिया गया। मार्केटिंग बोर्ड अधिकारियों ने गत सीजन में सरसों, कपास, गेहूं और ग्वार बेचने वाले किसानों के दावे दर्ज किए। मंडी सुपरवाइजर रामकिशन ने बताया कि फर्म संचालक किसानों से अनाल लेकर उन्हें कच्ची पर्ची थमा देते थे। उन्होंने बताया कि सभी किसानों के पास ऐसी ही पर्ची मिली हैं। अगर कोई किसान एक से अधिक बार फसल बेचता तो वो पुरानी पर्ची में ही उसे जोड़ देते थे। इस पर्ची में न तो फर्म का नाम है और न अन्य कोई जानकारी। किसानों से इन पर्चियों की फोटो कापी ली गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


350 से अधिक किसान पहुंचे मंडी
सूत्रों की मानें तो मंडी में 350 से अधिक लोग पहुंचे। इनमें से कुछ के पास फसल बेचने का कोई सबूत नहीं था तो कुछ नकद रुपये देने के केस भी थे। बिन सबूत वाले और नकद देने वालों के दावे दर्ज नहीं किए गए और उन्हें लौटना पड़ा। मंडी सुपरवाइजर रामकिशन ने बताया कि दावे दर्ज कराने वाले किसानों से आधार कार्ड की प्रति और सबूत की प्रति ली गई। उन्होंने बताया कि जिन 252 किसानों ने अपने दावे दर्ज कराए हैं उनमें से 99 प्रतिशत ने सरसों बेची है।

किस फसल का कितना भुगतान बकाया
रविवार और सोमवार को 252 किसानों ने अपने दावे पेश किए। इनके दावों के अनुसार अटकी भुगतान राशि का आकलन सोमवार को मार्केटिंग बोर्ड अधिकारियों ने किया। शाम करीब पांच बजे तक यह प्रक्रिया चली और इसके बाद टीम ने अपनी आंकलन रिपोर्ट तैयार कर ली। इसके अनुसार साढ़े दस हजार क्विंटल सरसों, 130 क्विंटल गेहूं और 250 क्विंटल ग्वार का भुगतान नहीं किया गया है। इसमें सरसों की कीमत करीब चार करोड़ 41 लाख, गेहूं का करीब दो लाख 26 हजार और ग्वार का करीब दस लाख का भुगतान बकाया है।



252 किसानों के दावे हमारे पास पहुंचे हैं। इसके अनुसार हमने अपनी आकलन रिपोर्ट तैयार कर ली है। किसानों ने करीब साढ़े दस हजार क्विंटल सरसों, 130 क्विंटल गेहूं व 250 क्विंटल ग्वार का भुगतान बकाया होने का दावा किया है।
- बसंत कुमार, मार्केटिंग बोर्ड सचिव
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed