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किसानों ने संगठनों ने दी आज एसडीएम कार्यालय का कामकाज बंद कराने की चेतावनी, धारा-144 लागू
Updated Fri, 12 Oct 2018 01:24 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी/बाढड़ा। सात सूत्रीय मांगों के लिए करीब दस दिनों से संयुक्त किसान संघर्ष समिति के बैनर तले धरना दे रहे किसानों ने शुक्रवार को आंदोलन तेज करने का ऐलान कर दिया है। इन किसानों ने शुक्रवार को एसडीएम कार्यालय का कामकाज पूरी तरह ठप करने की घोषणा की है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन सतर्क हो गया है और बाढड़ा एसडीएम मनीष फौगाट ने धारा-144 लागू कर दी है। यह धारा एसडीएम कार्यालय की 200 मीटर की परिधि में भी लागू रहेगी।
किसान संघर्ष समिति द्वारा किसानों की सात सूत्रीय मांगों के लिए शुरू की गई भूख हड़ताल चौथे दिन भी जारी रही। वीरवार को गांव जेवली के राजकुमार, अशोक कुमार, वेदप्रकाश, ख्यालीराम, रामचंद्र, विनोद, सत्यवान, उमेदसिंह, महेंद्र सिंह, राजपाल व विकास आदि किसान 24 घंटे की भूख हड़ताल पर बैठे।
पूर्व सांसद श्रुति चौधरी ने भी धरनास्थल पर पहुंचकर किसानों को समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि किसानों की हालत दयनीय है। इस समय न तो किसानों को फसलों का सही दाम मिल रहा है न ही बारिश व सूखे के कारण बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा मिला है। उन्होंने कहा कि एसवाईएल पर कोर्ट का फैसला आए हुए लगभग दो वर्ष होने को हैं लेकिन दस मुद्दे पर प्रदेश सरकार गंभीर नहीं है। प्रधानमंत्री दो दिन पहले सांपला में हुई रैली में एसवाईएल पर एक भी शब्द नहीं बोले। वहीं, न ही किसानों का कर्ज माफी का जिक्र किया गया।
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इस अवसर पर प्रधान धर्मपाल बाढड़ा ने कहा कि किसानों की मांगों की तरफ सरकार कोई ध्यान नहीं दे रही है। करीब दस दिनों से किसान धरने पर बैठे हैं लेकिन अब तक कोई सकारात्मक आश्वासन सरकार या जिला प्रशासन की तरफ से उन्हें नहीं मिला है। इसलिए अब किसानों ने फैसला लिया है कि 12 अक्तूबर को एसडीएम कार्यालय का कामकाज पूरी तरह बंद कराया जाएगा। वीरवार को धरने पर हरपाल भांडवा, मीरसिंह जेवली, रविंद्र गोपी, सज्जन डांडमा, जगदीप सांगवान, मदन ठेकेदार, विजय खोरड़ा, राजकुमार जेवली, रामप्रताप शर्मा, शीशराम मैचू, भूपेंद्र फौगाट, हरिसिंह, सांगवान, कृष्ण, पार्षद राजबाला श्योराण, सतबीर, जयचंद्र, मोतीराम जांगड़ा, रामभगत व रमेश आदि मौजूद रहे।
शांति भंग करने वालों पर होगी कार्रवाई : एसडीएम
किसानों के प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए एसडीएम मनीष कुमार फौगाट ने धारा-144 लगा दी है। उन्होंने कहा कि ज्ञात हुआ है कि कुछ किसान संगठनों ने बाढड़ा उपमंडल अधिकारी नागरिक कार्यालय की कार्यप्रणाली को 12 तारीख को बाधित करने की चेतावनी दी है। इसलिए 12 अक्तूबर को बाढड़ा एसडीएम कार्यालय व तहसील कार्यालय के आसपास 200 मीटर के दायरे में धारा 144 लागू रहेगी। इस दौरान कोई भी व्यक्ति इस परिधि में ज्वलनशील पदार्थ, घातक व खतरनाक हथियार लेकर घूमता पाया गया या किसी ने शांति व्यवस्था को भंग करने का प्रयास किया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सब डिविजनल मजिस्ट्रेट ने कहा है कि सरकारी कार्य में बाधा न डालने व सरकारी संपत्ति को नुकसान से बचाने के लिए तहसील कार्यालय परिसर के समीप 200 मीटर के दायरे में पांच या पांच से अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने पर पाबंदी रहेगी और न ही कोई जुलूस या जलसा किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि धारा 144 की अवहेलना करने वाले के विरुद्ध आईपीसी की धारा 188 के तहत कार्यवाही की जाएगी।
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चरखी दादरी/बाढड़ा। सात सूत्रीय मांगों के लिए करीब दस दिनों से संयुक्त किसान संघर्ष समिति के बैनर तले धरना दे रहे किसानों ने शुक्रवार को आंदोलन तेज करने का ऐलान कर दिया है। इन किसानों ने शुक्रवार को एसडीएम कार्यालय का कामकाज पूरी तरह ठप करने की घोषणा की है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन सतर्क हो गया है और बाढड़ा एसडीएम मनीष फौगाट ने धारा-144 लागू कर दी है। यह धारा एसडीएम कार्यालय की 200 मीटर की परिधि में भी लागू रहेगी।
किसान संघर्ष समिति द्वारा किसानों की सात सूत्रीय मांगों के लिए शुरू की गई भूख हड़ताल चौथे दिन भी जारी रही। वीरवार को गांव जेवली के राजकुमार, अशोक कुमार, वेदप्रकाश, ख्यालीराम, रामचंद्र, विनोद, सत्यवान, उमेदसिंह, महेंद्र सिंह, राजपाल व विकास आदि किसान 24 घंटे की भूख हड़ताल पर बैठे।
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पूर्व सांसद श्रुति चौधरी ने भी धरनास्थल पर पहुंचकर किसानों को समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि किसानों की हालत दयनीय है। इस समय न तो किसानों को फसलों का सही दाम मिल रहा है न ही बारिश व सूखे के कारण बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा मिला है। उन्होंने कहा कि एसवाईएल पर कोर्ट का फैसला आए हुए लगभग दो वर्ष होने को हैं लेकिन दस मुद्दे पर प्रदेश सरकार गंभीर नहीं है। प्रधानमंत्री दो दिन पहले सांपला में हुई रैली में एसवाईएल पर एक भी शब्द नहीं बोले। वहीं, न ही किसानों का कर्ज माफी का जिक्र किया गया।
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इस अवसर पर प्रधान धर्मपाल बाढड़ा ने कहा कि किसानों की मांगों की तरफ सरकार कोई ध्यान नहीं दे रही है। करीब दस दिनों से किसान धरने पर बैठे हैं लेकिन अब तक कोई सकारात्मक आश्वासन सरकार या जिला प्रशासन की तरफ से उन्हें नहीं मिला है। इसलिए अब किसानों ने फैसला लिया है कि 12 अक्तूबर को एसडीएम कार्यालय का कामकाज पूरी तरह बंद कराया जाएगा। वीरवार को धरने पर हरपाल भांडवा, मीरसिंह जेवली, रविंद्र गोपी, सज्जन डांडमा, जगदीप सांगवान, मदन ठेकेदार, विजय खोरड़ा, राजकुमार जेवली, रामप्रताप शर्मा, शीशराम मैचू, भूपेंद्र फौगाट, हरिसिंह, सांगवान, कृष्ण, पार्षद राजबाला श्योराण, सतबीर, जयचंद्र, मोतीराम जांगड़ा, रामभगत व रमेश आदि मौजूद रहे।
शांति भंग करने वालों पर होगी कार्रवाई : एसडीएम
किसानों के प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए एसडीएम मनीष कुमार फौगाट ने धारा-144 लगा दी है। उन्होंने कहा कि ज्ञात हुआ है कि कुछ किसान संगठनों ने बाढड़ा उपमंडल अधिकारी नागरिक कार्यालय की कार्यप्रणाली को 12 तारीख को बाधित करने की चेतावनी दी है। इसलिए 12 अक्तूबर को बाढड़ा एसडीएम कार्यालय व तहसील कार्यालय के आसपास 200 मीटर के दायरे में धारा 144 लागू रहेगी। इस दौरान कोई भी व्यक्ति इस परिधि में ज्वलनशील पदार्थ, घातक व खतरनाक हथियार लेकर घूमता पाया गया या किसी ने शांति व्यवस्था को भंग करने का प्रयास किया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सब डिविजनल मजिस्ट्रेट ने कहा है कि सरकारी कार्य में बाधा न डालने व सरकारी संपत्ति को नुकसान से बचाने के लिए तहसील कार्यालय परिसर के समीप 200 मीटर के दायरे में पांच या पांच से अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने पर पाबंदी रहेगी और न ही कोई जुलूस या जलसा किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि धारा 144 की अवहेलना करने वाले के विरुद्ध आईपीसी की धारा 188 के तहत कार्यवाही की जाएगी।