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अलसुबह से ही बेरी में उमडने लगती है मां भीमेश्वरी के भक्तों की भीड़
Updated Wed, 21 Mar 2018 01:39 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बेरी (झज्जर)।
चैत्र नवरात्र के तीसरे दिन माता भीमेश्वरी देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। अलसुबह से ही माता भीमेश्वरी देवी की पूजा करने के लिए भक्तों की कतार लगी रही। कस्बे में श्रद्धालुओं की चहल-पहल से चारों और धार्मिक माहौल बना रहा। सप्तमी और अष्टमी के दिनों भक्तों का यह सैलाब अपने चरम पर होगा।
बेरी मंदिर की मान्यता इतनी अधिक है कि न केवल आस-पास के क्षेत्रों से बल्कि कोलकाता, मुंबई, लखनऊ, दिल्ली आदि दूर-दराज के क्षेत्रों से भी श्रद्धालुजन नवरात्रों के पूरे नौ दिन बेरी में ही रहकर मां की पूजा-अर्चना करते हैं। यहां मुख्य मेला सप्तमी और अष्टमी के दिन लगता है। मात्र इन दो दिनों में भी लाखों की संख्या में लोग मां के दर्शनार्थ बेरी पहुंचते हैं। इसी भीड़ के मंदिर के चारों और के सड़क मार्ग वाहनों के लिए पूरी तरह से बंद कर बैरिकेटिंग की जाती है और केवल पैदल रास्ता होता है। मंगलवार को नवरात्रों के तीसरे दिन प्रशासन की तरफ से नायब तहसीलदार रमेश कुमार व डीएसपी हसंराज ने माता के दरबार में माथा टेका और मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कोई असुविधा न हो इसके चलते जायजा लेते हुए दिखे।
मां के स्वागत में हर कोई बैठा है तैयार
बेरी में स्थित मां भीमेश्वरी देवी के यहां दो मंदिर है। एक मंदिर बाहरी क्षेत्र में है और एक भीतर आबादी वाले क्षेत्र में। चली आ रही पंरपरा के अनुसार दिन के समय में मां बाहरी क्षेत्र स्थित बने मंदिर में विराजमान रहती है। जबकि सायं से लेकर रात्रि तक मां भीतर वाले मंदिर में अपने भक्तों को आशीर्वाद देती है। पिछले कई दशकों से चले आ रहे सिलसिले में हर कोई मां के स्वागत को तैयार बैठा हुआ दिखाता है।
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बेरी (झज्जर)।
चैत्र नवरात्र के तीसरे दिन माता भीमेश्वरी देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। अलसुबह से ही माता भीमेश्वरी देवी की पूजा करने के लिए भक्तों की कतार लगी रही। कस्बे में श्रद्धालुओं की चहल-पहल से चारों और धार्मिक माहौल बना रहा। सप्तमी और अष्टमी के दिनों भक्तों का यह सैलाब अपने चरम पर होगा।
बेरी मंदिर की मान्यता इतनी अधिक है कि न केवल आस-पास के क्षेत्रों से बल्कि कोलकाता, मुंबई, लखनऊ, दिल्ली आदि दूर-दराज के क्षेत्रों से भी श्रद्धालुजन नवरात्रों के पूरे नौ दिन बेरी में ही रहकर मां की पूजा-अर्चना करते हैं। यहां मुख्य मेला सप्तमी और अष्टमी के दिन लगता है। मात्र इन दो दिनों में भी लाखों की संख्या में लोग मां के दर्शनार्थ बेरी पहुंचते हैं। इसी भीड़ के मंदिर के चारों और के सड़क मार्ग वाहनों के लिए पूरी तरह से बंद कर बैरिकेटिंग की जाती है और केवल पैदल रास्ता होता है। मंगलवार को नवरात्रों के तीसरे दिन प्रशासन की तरफ से नायब तहसीलदार रमेश कुमार व डीएसपी हसंराज ने माता के दरबार में माथा टेका और मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कोई असुविधा न हो इसके चलते जायजा लेते हुए दिखे।
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मां के स्वागत में हर कोई बैठा है तैयार
बेरी में स्थित मां भीमेश्वरी देवी के यहां दो मंदिर है। एक मंदिर बाहरी क्षेत्र में है और एक भीतर आबादी वाले क्षेत्र में। चली आ रही पंरपरा के अनुसार दिन के समय में मां बाहरी क्षेत्र स्थित बने मंदिर में विराजमान रहती है। जबकि सायं से लेकर रात्रि तक मां भीतर वाले मंदिर में अपने भक्तों को आशीर्वाद देती है। पिछले कई दशकों से चले आ रहे सिलसिले में हर कोई मां के स्वागत को तैयार बैठा हुआ दिखाता है।
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