{"_id":"5a1f13a24f1c1b72548c04e2","slug":"151511986082-jhajjar-bahadurgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"श्रीमद्भागवद गीता व्यक्तित्व के विकास का ग्रंथ : धनखड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
श्रीमद्भागवद गीता व्यक्तित्व के विकास का ग्रंथ : धनखड़
Updated Thu, 30 Nov 2017 01:38 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
जिला स्तरीय गीता महोत्सव के दूसरे दिन बुधवार को जहांआरा बाग स्टेडियम परिसर गीतापुरम में हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण, ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ बतौर मुख्यातिथि पहुंचे। धनखड़ ने जिला स्तर पर आयोजित गीता महोत्सव के दूसरे दिन का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया और प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस दौरान मंत्री ने प्रत्येक स्टॉल पर जाकर उत्पादों, उपलब्धियों व कलाकृतियों के बारे में विस्तृत जानकारी ली। दीप प्रज्ज्वलित कर उन्होंने गीता सेमिनार का शुभारंभ करते हुए गीता विषय को व्यक्तित्व विकास की संज्ञा देते हुए मोटिवेशनल गुरु के रूप में सारगर्भित जानकारी दी।
महोत्सव के मुख्य अतिथि धनखड़ ने कहा कि गीता महोत्सव किसी व्यक्ति विशेष का नहीं बल्कि पूरी मानव जाति के लिए एक उत्सव है जिसे पूरे प्रदेश में भव्यता के साथ मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गीता व्यक्तित्व विकास का ग्रंथ है जिसमें जीवन का सार गर्भित विवरण दिया गया है। उन्होंने उपस्थित दर्शकों विशेषकर युवाओं को गीता पाठन के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि हमें जीवन में आगे बढ़ने की सीख गीता से मिलती है। ज्ञान और परंपरा को साथ लेकर चलने के बारे में गीता के 18 अध्यायों में विस्तार से बताया गया है। जोकि मनुष्य जीवन के विकासात्मक बदलाव में बेहतर कदम है।
वक्ताओं ने बताया गीता का महत्व
कार्यक्रम में श्रीमद्भगवद गीता विषय पर आयोजित सेमिनार में आध्यात्म व शिक्षा क्षेत्र को समर्पित वक्ताओं ने अपने बेबाक विचार व्यक्त किए और गीता को जीवन का मूल मंत्र बताते हुए इसे पढ़ने के साथ-साथ जीवन में उद्देश्यों को धारण करने के लिए प्रेरित किया। गीता पर आधारित सेमिनार में गुरुकुल झज्जर से आचार्य शतक्रतु, इस्कॉन बहादुरगढ़ से स्वामी नित्यानंद आबश्रयदास, ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय से बहन संतोष देवी, शिक्षा विभाग से अरविंद गार्गी ने भी सेमिनार में अपने विचार प्रभावशाली ढंग से रखे और जीवन में गीता के महत्व को बताया।
विज्ञापन
सांस्कृतिक विधा से जमा रंग
गीता महोत्सव के दूसरे दिन ढोल की थाप, लंबू, नगाड़ा वादकों व बीन वादकों ने अपनी स्वर लहरी धुनों के साथ महोत्सव को रंगारंग कर दिया। हास्य कलाकार राज कुमार धनखड़ ने महोत्सव में उपस्थित जनसमूह को अपने अंदाज से खूब गुदगुदाया। दिन भर चले सांस्कृतिक कार्यक्रमों में राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मातनहेल, डीएच लारेंस स्कूल, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भदानी, एमआर स्कूल हसनपुर, संस्कारम पब्लिक स्कूल खातीवास सहित अन्य शिक्षण संस्थाओं के विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति देते हुए समारोह को शोभायमान कर दिया। वहीं, वेद-दमन की जोड़ी ने भी स्वर लहरी बिखेरते हुए समारोह में रंग जमाया।
रंगोली और निबंध में दिखाई प्रतिभाएं
गीता महोत्सव के उपलक्ष्य में जिले के स्कूली विद्यार्थियों द्वारा गीता पर आधारित रंगोली , पेंटिंग श्लोक उच्चारण और निबंध लेखन प्रतियोगिताओं में भाग लिया। रंगोली के माध्यम से जिले भर के विभिन्न स्कूलों से पहुंचे बच्चों ने रंगों के माध्यम से अपनी कला को दर्शाया और गीता का मेरे जीवन पर प्रभाव विषय पर लेखन कार्य भी किया। उपायुक्त सोनल गोयल ने प्रशासनिक अधिकारियों सहित रंगोली का जायजा लेकर विद्यार्थियों को प्रेरित किया।
बेटी के कुआं पूजन की झांकी आकर्षण का केंद्र
गीता महोत्सव में महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का संदेश देती झांकी प्रदर्शनी में आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। प्रदेश में बदल रही पंरपरा को प्रदर्शित करती शुद्ध हरियाणवीं वेशभूषा में इस झांकी में बेटी का जन्म होने पर कुआं पूजन, थाली बजाना और लड्डू बांटकर खुशी मनाना आदि को लघु नाटिका के माध्यम से प्रदर्शित किया गया।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त सुशील सारवान, नप चेयरमैन कविता नंदवानी, भाजपा महिला विंग की जिलाध्यक्ष सुनीता धनखड़, आनंद सागर, राय सिंह, सुनील गुलिया के अलावा प्रशासन की ओर से नगराधीश अश्वनी कुमार, जिप सीईओ शिखा, डीईओ सतबीर सिवाच, डीडी एएच डॉ. मनीष डबास, डीएसओ सत्यदेव मलिक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
ये रही गीता महोत्सव की झलकियां
जहांआरा बाग स्टेडियम में चल रहा गीता महोत्सव जिलावासियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। महोत्सव के पहले व दूसरे दिन जहां स्कूली विद्यार्थियों द्वारा महोत्सव में लगी प्रदर्शनी का अवलोकन किया वहीं सांस्कृतिक मंच के माध्यम से गीता सार सुनते हुए गीता आधारित पहलुओं पर जानकारी भी ली।
दो दिन से चल रहे इस महोत्सव की झलकियां :
- गीतापुरम के रूप में सजा जहांआरा बाग स्टेडियम शहरवासियों के साथ ही क्षेत्र के विभिन्न गांवों से पहुंचे लोगों को भी अनायास ही अपनी ओर आकर्षित कर रहा है।
- नगाड़ा वादन, बीन वादन शैली के साथ ही अन्य वाद्य यंत्रों पर जिलावासी जमकर थिरक रहे हैं।
- सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के स्टॉल पर गीता सार, सरस्वती हैरिटेज के साथ ही आमजन के हितों से जुड़ी जानकारी को दर्शाया गया जिसके माध्यम से लोगों ने जानकारी हासिल की।
- जिलास्तरीय गीता महोत्सव में लगी प्रदर्शनी में जिले के लोगों को सरकार की विकासात्मक योजनाओं के बारे में दर्शाया गया है।
- बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ राष्ट्रीय कार्यक्रम का संदेश कुंआ पूजन के माध्यम से लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता नजर आया। कुंआ पूजन में बेटी के जन्मोत्सव को मनाया जा रहा है। महोत्सव के दूसरे दिन के मुख्यातिथि कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ को मिठाई खिलाकर कुंआ पूजन में पहुंचने पर मिठाई खिलाई गई।
- बागवानी विभाग की प्रदर्शनी में रखे अमरूदों ने झज्जर जिले की पहचान को दिखाया।
- हरियाणा ग्रामीण आजीविका मिशन के स्टाल पर स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा बनाए गए परिधान व अन्य सामग्री भी दो दिन से महिलाओं की स्वावलंबिता को दर्शाते हुए महिला सशक्तीकरण का संदेश देते हुए स्वयं की प्रमाणिकता दर्शाई।
- स्कूली विद्यार्थियों द्वारा गीता संदेश व कृष्ण अर्जुन संवाद देते हुई प्रस्तुतियों ने खूब तालियां बटोरी।
- पारपंरिक विद्युत सप्लाई की अपेक्षा सस्ती व सुलभ तरीके से मिलने वाली सौर ऊर्जा की उपयोगिता को दर्शकों ने देखते हुए सौर ऊर्जा को संसाधन के रूप में अपनाने की प्रेरणा ली।
- इस्कान व ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की ओर से ध्यान योग के साथ ही संकीर्तन की प्रस्तुति ने भी महोत्सव को शोभायमान किया।
विज्ञापन
झज्जर।
जिला स्तरीय गीता महोत्सव के दूसरे दिन बुधवार को जहांआरा बाग स्टेडियम परिसर गीतापुरम में हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण, ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ बतौर मुख्यातिथि पहुंचे। धनखड़ ने जिला स्तर पर आयोजित गीता महोत्सव के दूसरे दिन का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया और प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस दौरान मंत्री ने प्रत्येक स्टॉल पर जाकर उत्पादों, उपलब्धियों व कलाकृतियों के बारे में विस्तृत जानकारी ली। दीप प्रज्ज्वलित कर उन्होंने गीता सेमिनार का शुभारंभ करते हुए गीता विषय को व्यक्तित्व विकास की संज्ञा देते हुए मोटिवेशनल गुरु के रूप में सारगर्भित जानकारी दी।
महोत्सव के मुख्य अतिथि धनखड़ ने कहा कि गीता महोत्सव किसी व्यक्ति विशेष का नहीं बल्कि पूरी मानव जाति के लिए एक उत्सव है जिसे पूरे प्रदेश में भव्यता के साथ मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गीता व्यक्तित्व विकास का ग्रंथ है जिसमें जीवन का सार गर्भित विवरण दिया गया है। उन्होंने उपस्थित दर्शकों विशेषकर युवाओं को गीता पाठन के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि हमें जीवन में आगे बढ़ने की सीख गीता से मिलती है। ज्ञान और परंपरा को साथ लेकर चलने के बारे में गीता के 18 अध्यायों में विस्तार से बताया गया है। जोकि मनुष्य जीवन के विकासात्मक बदलाव में बेहतर कदम है।
विज्ञापन
वक्ताओं ने बताया गीता का महत्व
कार्यक्रम में श्रीमद्भगवद गीता विषय पर आयोजित सेमिनार में आध्यात्म व शिक्षा क्षेत्र को समर्पित वक्ताओं ने अपने बेबाक विचार व्यक्त किए और गीता को जीवन का मूल मंत्र बताते हुए इसे पढ़ने के साथ-साथ जीवन में उद्देश्यों को धारण करने के लिए प्रेरित किया। गीता पर आधारित सेमिनार में गुरुकुल झज्जर से आचार्य शतक्रतु, इस्कॉन बहादुरगढ़ से स्वामी नित्यानंद आबश्रयदास, ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय से बहन संतोष देवी, शिक्षा विभाग से अरविंद गार्गी ने भी सेमिनार में अपने विचार प्रभावशाली ढंग से रखे और जीवन में गीता के महत्व को बताया।
विज्ञापन
सांस्कृतिक विधा से जमा रंग
गीता महोत्सव के दूसरे दिन ढोल की थाप, लंबू, नगाड़ा वादकों व बीन वादकों ने अपनी स्वर लहरी धुनों के साथ महोत्सव को रंगारंग कर दिया। हास्य कलाकार राज कुमार धनखड़ ने महोत्सव में उपस्थित जनसमूह को अपने अंदाज से खूब गुदगुदाया। दिन भर चले सांस्कृतिक कार्यक्रमों में राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मातनहेल, डीएच लारेंस स्कूल, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भदानी, एमआर स्कूल हसनपुर, संस्कारम पब्लिक स्कूल खातीवास सहित अन्य शिक्षण संस्थाओं के विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति देते हुए समारोह को शोभायमान कर दिया। वहीं, वेद-दमन की जोड़ी ने भी स्वर लहरी बिखेरते हुए समारोह में रंग जमाया।
रंगोली और निबंध में दिखाई प्रतिभाएं
गीता महोत्सव के उपलक्ष्य में जिले के स्कूली विद्यार्थियों द्वारा गीता पर आधारित रंगोली , पेंटिंग श्लोक उच्चारण और निबंध लेखन प्रतियोगिताओं में भाग लिया। रंगोली के माध्यम से जिले भर के विभिन्न स्कूलों से पहुंचे बच्चों ने रंगों के माध्यम से अपनी कला को दर्शाया और गीता का मेरे जीवन पर प्रभाव विषय पर लेखन कार्य भी किया। उपायुक्त सोनल गोयल ने प्रशासनिक अधिकारियों सहित रंगोली का जायजा लेकर विद्यार्थियों को प्रेरित किया।
बेटी के कुआं पूजन की झांकी आकर्षण का केंद्र
गीता महोत्सव में महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का संदेश देती झांकी प्रदर्शनी में आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। प्रदेश में बदल रही पंरपरा को प्रदर्शित करती शुद्ध हरियाणवीं वेशभूषा में इस झांकी में बेटी का जन्म होने पर कुआं पूजन, थाली बजाना और लड्डू बांटकर खुशी मनाना आदि को लघु नाटिका के माध्यम से प्रदर्शित किया गया।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त सुशील सारवान, नप चेयरमैन कविता नंदवानी, भाजपा महिला विंग की जिलाध्यक्ष सुनीता धनखड़, आनंद सागर, राय सिंह, सुनील गुलिया के अलावा प्रशासन की ओर से नगराधीश अश्वनी कुमार, जिप सीईओ शिखा, डीईओ सतबीर सिवाच, डीडी एएच डॉ. मनीष डबास, डीएसओ सत्यदेव मलिक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
ये रही गीता महोत्सव की झलकियां
जहांआरा बाग स्टेडियम में चल रहा गीता महोत्सव जिलावासियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। महोत्सव के पहले व दूसरे दिन जहां स्कूली विद्यार्थियों द्वारा महोत्सव में लगी प्रदर्शनी का अवलोकन किया वहीं सांस्कृतिक मंच के माध्यम से गीता सार सुनते हुए गीता आधारित पहलुओं पर जानकारी भी ली।
दो दिन से चल रहे इस महोत्सव की झलकियां :
- गीतापुरम के रूप में सजा जहांआरा बाग स्टेडियम शहरवासियों के साथ ही क्षेत्र के विभिन्न गांवों से पहुंचे लोगों को भी अनायास ही अपनी ओर आकर्षित कर रहा है।
- नगाड़ा वादन, बीन वादन शैली के साथ ही अन्य वाद्य यंत्रों पर जिलावासी जमकर थिरक रहे हैं।
- सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के स्टॉल पर गीता सार, सरस्वती हैरिटेज के साथ ही आमजन के हितों से जुड़ी जानकारी को दर्शाया गया जिसके माध्यम से लोगों ने जानकारी हासिल की।
- जिलास्तरीय गीता महोत्सव में लगी प्रदर्शनी में जिले के लोगों को सरकार की विकासात्मक योजनाओं के बारे में दर्शाया गया है।
- बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ राष्ट्रीय कार्यक्रम का संदेश कुंआ पूजन के माध्यम से लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता नजर आया। कुंआ पूजन में बेटी के जन्मोत्सव को मनाया जा रहा है। महोत्सव के दूसरे दिन के मुख्यातिथि कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ को मिठाई खिलाकर कुंआ पूजन में पहुंचने पर मिठाई खिलाई गई।
- बागवानी विभाग की प्रदर्शनी में रखे अमरूदों ने झज्जर जिले की पहचान को दिखाया।
- हरियाणा ग्रामीण आजीविका मिशन के स्टाल पर स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा बनाए गए परिधान व अन्य सामग्री भी दो दिन से महिलाओं की स्वावलंबिता को दर्शाते हुए महिला सशक्तीकरण का संदेश देते हुए स्वयं की प्रमाणिकता दर्शाई।
- स्कूली विद्यार्थियों द्वारा गीता संदेश व कृष्ण अर्जुन संवाद देते हुई प्रस्तुतियों ने खूब तालियां बटोरी।
- पारपंरिक विद्युत सप्लाई की अपेक्षा सस्ती व सुलभ तरीके से मिलने वाली सौर ऊर्जा की उपयोगिता को दर्शकों ने देखते हुए सौर ऊर्जा को संसाधन के रूप में अपनाने की प्रेरणा ली।
- इस्कान व ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की ओर से ध्यान योग के साथ ही संकीर्तन की प्रस्तुति ने भी महोत्सव को शोभायमान किया।