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जहर उगलने वाली चिमनियां बंद, हाट मिक्स्चर प्लांट्स पर पसरा सन्नाटा

Fri, 10 Nov 2017 01:14 AM IST
Updated Fri, 10 Nov 2017 01:14 AM IST
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जहर उगलने वाली चिमनियां बंद, हाट मिक्स्चर प्लांट्स पर पसरा सन्नाटा
अमर उजाला ब्यूरो
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बादली।
सरकारी आदेशों के बाद जहर उगलने वाली चिमनियां बंद हो गई हैं। क्षेत्र में धुंध के साथ धूल, मिट्टी और धुएं का मिश्रण आमजन के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। पिछले कई दिनों से तो हाल बेहाल है। एनसीआर क्षेत्र में ईंट भट्ठे और हॉट मिक्स्चर प्लांट्स इसका सबसे बड़ा कारण माना गया। हालांकि धान की पुराली जलाने से भी पर्यावरण पर विपरीत असर रहा था, मगर किसानों के जागरूक होने से धान की पराली पर अंकुश लगा है जबकि हाट मिक्स्चर प्लांट्स बुरी तरह से पर्यावरण को प्रदूषित करने में कोई कमी नहीं छोड़ रहे थे। इसी पर कड़ा संज्ञान लेते हुए हरियाणा सरकार ने पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है।
सरकार के आदेशों की जानकारी मिलते ही बृहस्पतिवार को गुभाना, सौलधा और बादली स्थित हॉट मिक्स्चर प्लांट्स पूरी तरह से बंद हो गए। हालांकि बुधवार की रात को प्लांट् चलाए गए, मगर सुबह होते ही प्लांट्स की रोशनी नजर नहीं आई। हॉट मिक्स्चर प्लांट्स क्षेत्र के लिए जहर उगलने वाले साबित होने के साथ ही स्मॉग का एक बड़ा कारण भी बने। क्षेत्र में 250 के करीब ईंट भट्ठे हैं जिनमें से सरकारी आंकड़ों के हिसाब से 40 प्रतिशत जिग जैग बनाए जा चुके हैं और शेष पूरी तरह से बंद हैं। जिग-जैग भट्ठों से धुआं न के बराबर निकलता है। पिछले दिनों एनसीटी के आदेशों के बाद बिना जिग-जैग के भट्ठे पहली अक्तुबर से भट्ठे बंद है। इसके अतिरिक्त हॉट मिक्स प्लांट्स देखे जाएं तो बादली, गुभाना और सौलधा में सैकड़ों की संख्या स्थापित है। जिन पर सरकार ने अंकुश लगा दिया है।
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गाड़ियों को लगा ब्रेक
प्लांट्स बंद होते ही गाड़ियों पर भी ब्रेक लग गया है। दिल्ली और राजस्थान से रोड़ी, क्रेशर और तारकोल में लगी गाड़ियों का काम ठप हो गया है। डीजल ईंधन पर पाबंदी के बाद दिल्ली में माल की आवक बंद है। अब देखना यह है कि सरकार के आदेशों की पालना कब तक हो पाती है और इसका पर्यावरण पर कहां तक असर होता है।
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श्रमिकों की रोजी रोटी बंद
प्लांट्स का बंद होना बेशक आमजन के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक साबित हो मगर श्रमिकों का रोजगार छिन गया है। वीरवार को श्रमिकों ने खाली बैठकर दिन गुजारा। गुभाना गांव के प्लांट पर काम करने वाले श्रमिक, वकील, स्वामीनाथ और मनोज ने बताया कि उनका पेट दिनभर काम करने के बाद ही भरता है। अब प्लांट बंद होने से उन्हें मजदूरी नहीं मिलेगी और उन्हें काम धंधे की चिंता सताने लगी है। ऐसे में उन्हें कोई ओर काम शुरू करना होगा ताकि दो वक्त की रोटी का जुगाड़ किया जा सके।


क्या कहते हैं एसडीएम
उपमंडल अधिकारी त्रिलोकचंद का कहना है कि सरकारी आदेशों के अवहेलना किसी भी सूरत में बर्दास्त नहीं होगी। प्लांट्स पर नजर रखने के लिए संबंधित विभागों को सतर्क कर दिया गया है। बिना जिग जैग के ईंट भट्ठे पिछले दिनों ही बंद करा दिए थे जबकि कुछ भट्ठों पर सील लगाने का काम भी किया गया है। प्रदूषण विभाग को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं जबकि पराली न जलाने के लिए पटवारियों की टीम बनाई है।

जहर उगलने वाली चिमनियां बंद, हॉट मिक्स्चर प्लांट्स पर पसरा सन्नाटा
-रात को नियमों की अवहेलना करने वालों पर होगी कार्रवाई
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---फोटो 5 : हाट मिक्स्चर प्लांट्स बंद होने पर खाली बैठे श्रमिक।
---फोटो 6 : बृहस्पतिवार को इस तरह वीरान नजर आए प्लांट्स।
---फोटो 7 : काम नहीं चला तो गाड़ियां भी हो गई खड़ी।
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