फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   अपनी ही फसल बीमा जागरूकता पाठशाला में घिरे कृषिमंत्री ओपी धनखड़

अपनी ही फसल बीमा जागरूकता पाठशाला में घिरे कृषिमंत्री ओपी धनखड़

Sun, 23 Jul 2017 01:23 AM IST
Updated Sun, 23 Jul 2017 01:23 AM IST
विज्ञापन
अपनी ही फसल बीमा जागरूकता पाठशाला में घिरे कृषिमंत्री ओपी धनखड़
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

झज्जर।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लेकर चलाए जा रहे जागरूकता कार्यक्रम के समापन अवसर पर अपने ही गृह जिले में कृषि मंत्री ओपी धनखड़ शनिवार को किसानों के सवालों से घिरे हुए नजर आए। जब मंत्री संबोधन दे रहे थे तो उनके द्वारा किए जा रहे दावों का किसानों ने कुुर्सियों से खड़े होकर विरोध जताना शुरू किया तो तो कृषि मंत्री ने सभी को बैठने के लिए कहा। लेकिन उनके संबोधन के बीच-बीच में किसान उनको दावों की हकीकत से रुबरू कराते रहे।
इस पर कृषिमंत्री को बार-बार कहना पड़ा कि योजना में जो खामियां रह गई हैं, उन्हें आने वाले दिनों में ठीक करने का प्रयास किया जाएगा। कृषि मंत्री ने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए अगर विपक्ष योजना को लेकर बखेड़ा खड़ा न करता तो वे किसानों को अच्छा लाभ दिलवाते।
विज्ञापन

- अब बनाएंगे सरकारी बीमा कंपनी
विपक्ष द्वारा बार-बार निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने के आरोप लगाए जाने के बाद अब कृषि मंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि बीमा के लिए सरकार एक सरकारी कंपनी बनाएगी। जिसके द्वारा आने वाले दिनों में योजना के तहत बीमा किया जाएगा। बीमा कंपनी के माध्यम से वे किसानों का भला करने का प्रयास करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

- समस्या नहीं सुनी तो हंगामा करने लगे किसान
कृषि मंत्री मंच पर बैठे थे तो कुछ किसान अपनी समस्याओं को लेकर उनसे मिलना चाहते थे। लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें नजदीक जाने से रोक दिया। जिस पर किसानों ने वहीं हंगामा करना शुरू कर दिया। जिस पर कृषि मंत्री किसानों स्टेज से किसानों के पास आए और उनकी शिकायतों वाले कागज लेने में जुट गए। जब किसानों ने वहीं पर जवाब मांगना शुरू किया तो मंत्री वापस मंच पर जाकर बैठ गए।
- समस्या नहीं सुनी तो बीच में चले गए किसान
कृषि मंत्री को किसान जब समस्या सुनाने के लिए मंच के नजदीक गए तो सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें वहां नहीं जाने दिया। जिस पर खोरडा गांव के किसान नाराज होकर कार्यक्रम बीच में छोड़कर ही चले गए। किसानों ने कहा कि अगर कृषि मंत्री को किसानों की बात नहीं सुननी थी तो उन्हें नहीं बुलाना चाहिए थी। किसानों ने कहा कि उन्हें तो यह बताया गया था कि फसल बीमा योजना के हर सवाल का जवाब मंत्री देंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
- बरहाना के किसानों ने जताया रोष
बरहाना गांव के किसानों ने बताया कि बीमा योजना के तहत उन्होंने बीमा करवाया था। लेकिन कंपनी ने उनका क्लेम खारिज कर दिया। पूरे गांव को इकाई मानकर क्लेम दिया जा रहा है। किसानों ने बताया कि खाद-बीज दुकानदार भी उनके साथ लूट मचा रहे हैं लेकिन कृषि मंत्री उनकी बात ही नहीं सुन रहे। किसान ऋषिपाल ने दवा स्लिप दिखाते हुए बताया कि दुकानदार ने एक किलो के पैसे लेकर उसे 750 ग्राम दवाई दी है और बैक डेट का बिल थमा दिया।

- ऑडिटोरियम में सीटें रह गई खाली
कृषि मंत्री के कार्यक्रम के दौरान एक हजार की क्षमता वाले ऑडिटोरियम में काफी सीटें खाली रह गई। कार्यक्रम के द्वारा बालकनी खाली रही तो महिलाओं के लिए लगाई कुर्सियों भी काफी संख्या में खाली दिखाई दी। ऑडिटोरियम में मंच के अलावा किसानों के लिए करीब 800 कुर्सियां लगाई गई थी। जिन पर किसानों के अलावा विभागों के अधिकारी व भाजपा के पदाधिकारी भी बैठे हुए थे।

- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लेकर कृषि मंत्री से सवाल
सवाल : किसान क्रेडिट कार्ड के लोन डिफाल्टर किसानों की बीमित जमीन का मुआवजा बैंक को मिलता है, ऐसे में क्या यह बैंक के लोन की सुरक्षा योजना नहीं गई ?
जवाब : इसमें कोई नुकसान की बात नहीं। मुआवजा किसान के घर में न जा रहा हो लेकिन किसानों के लोन की राशि तो घट रही है।
सवाल : बैंक के द्वारा अपनी मर्जी से ही ऑटो बीमाकट लगाए जा रहे हैं, जिससे किसानों के क्लेम खारिज हो जाते हैं। क्या यह गलत नहीं हैं?
जवाब : बीमा करने के दौरान किसान को सही फसल की जानकारी अपने बैंक के पास जमा करवानी चाहिए। इससे उनके क्लेम खारिज नहीं होंगे।
सवाल : एक गांव को यूनिट के तौर पर कवर किया जा रहा है क्या ये सही है?
जवाब : विपक्ष के द्वारा जनता को गुमराह किया जा रहा है। जलभराव व ओलावृष्टि में पूरे गांव को नहीं एक खेत को यूनिट के तौर लिया गया है।

- जब मंत्री ने नहीं सुनी बात तो कार्यक्रम छोड़कर चले गए किसान
- खामियां गिना रहे किसानों को रोका तो हुआ हंगामा, मंत्री को स्टेज छोड़ सुननी पड़ी किसानों की बात
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed