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जीएसटी का पहले ही दिन बाजार पर गहरा असर

Sun, 02 Jul 2017 01:05 AM IST
Updated Sun, 02 Jul 2017 01:05 AM IST
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जीएसटी का पहले ही दिन बाजार पर गहरा असर
अमर उजाला ब्यूरो
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बहादुरगढ़।
जीएसटी 1 जुलाई शनिवार से लागू हो गया। पहले दिन ही बाजार पर इसका गहरा असर रहा। इसमें सभी की अपनी अलग-अलग राय रही। कुछ दुकानदारों ने जीएसटी को सराहा तो कुछ ने आलोचना की। दुकानदार और व्यापारी अभी जीएसटी से अपडेट नहीं हो पाए हैं। अनेक उत्पादों की 30 जून तक के लिए शुरू की गई स्पेशल डिस्काउंटेड सेल भी बंद हो गई। दुकानदारों ने बताया कि पहला दिन उनके लिए खाली रहा। ग्राहक केवल पूछताछ करके लौटते रहे। जीएसटी व्यवस्था फिलहाल न तो व्यापारी वर्ग के ही पल्लेे पड़ रही और न उपभोक्ताओं की समझ में आ रही।
इलेक्ट्रानिक
जीएसटी लागू होने के पहले दिन शनिवार पहली जुलाई को शहर के काफी दुकानदार असमंजस में रहे। रेलवे रोड स्थित इलेक्ट्रानिक आइटम के विक्रेता गौरव ने बताया कि जीएसटी बिल का फार्मेट उन्होंने निकलवा लिया है लेकिन उसमें भी अभी स्थिति क्लीयर नहीं है। अभी तक यह नहीं पता लगा है दुकानदार को स्टॉक क्लेम किस तरीके से करना है। यह जानकारी भी उपलब्ध नहीं हो पाई है कि सरकार किस तरह के व्यापारी को किस तरीके से टैक्स वापस देगी। फिलहाल उन्होंने सामान बेचने के लिए फार्मेट के आधार पर बिल बुक छपनी दे दी है। अभी उन्हें आधी-अधूरी जानकारी हैं। पूरी जानकारी तो सीए भी नहीं दे पा रहे। वे व्यवसायइयों को एक-दो दिन इंतजार करने के बाद ही बात करने के लिए कह रहे हैं। वहीं सरकार ने 50 हजार रुपये या इससे ज्यादा का सामान खरीदने वाले उपभोक्ता को पैन नंबर देने के लिए कहा है। इसका बाजार पर असर पड़ेगा। जीएसटी लागू होने के पहले दिन बाजार से ग्राहक नदारद थे और दुकानों पर जो ग्राहक आए वे पूछताछ करके लौट गए।
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ऑटोमोबाइल
बस स्टैंड के नजदीक ऑटो मोबाइल के दुकानदार विपिन कुमार ने जीएसटी व्यवस्था पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए टैक्स रेट घटेगा, फाइनल प्रोडक्ट्स में टैक्स मौजूदा 25 से 40 प्रतिशत से घटकर 18 से 20 प्रतिशत तक हो सकता है। ऑटो पर एक्साइज ड्यूटी, वैट, सीएसटी व एंट्री टैक्स चुकाना पड़ता है। जीएसटी लागू होने पर सिर्फ एक ही टैक्स देना होगा। ये राहत की बात है। उन्होंने ऑटोमोबाइल दुकानदारों के लिए जीएसटी को काफी हद तक सही बताया। दुकानदार विपिन ने बताया कि अभी होल सेल विक्रेता सामान नहीं दे रहे, जिससे उनके लिए मुसीबत बन गई है। जब तक दुकानदार जीएसटी व्यवस्था से अपडेट नहीं हो जाते, तब तक सामान की कमी इसी तरह बनी रहेगी।
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रीयल एस्टेट
फिलहाल इस सेक्टर पर स्टांप ड्यूटी, वैट और सर्विस टैक्स जैसे कई इनडायरेक्ट टैक्स लगते हैं। जीएसटी के तहत स्टांप ड्यूटी जारी रहेगी, लेकिन वैट और सर्विस टैक्स खत्म हो जाएगा। इससे टैक्स का बोझ घटेगा और वैट-सर्विस टैक्स की मुश्किल खत्म हो जाएगी। रीयल एस्टेट व्यवसायी डेविड शर्मा ने कहा कि इसके बावजूद स्थिति क्लीयर न होने तक चिंता बनी रहेगी।
घटे दामों में नहीं बिक रही चीजें
कई दुकानदारों व व्यापारियों ने जीएसटी की पहले दिन ही खुलकर धज्जियां उड़ाई। जिन वस्तुओं के दाम जीएसटी लगने के बाद बढ़ गए हैं, उन्हें तो दुकानदारों ने बढ़े हुए रेटों पर ही बेचा। मगर जिन चीजों के दामों में जीएसटी के बाद कमी आई है उन्हें दुकानदारों ने पहले वाले दामों पर ही बेचकर चांदी कूटी। इस तरह, उपभोक्ताओं को पहले दिन ही कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ा। घटे दामों में उपभोक्ताओं का कहना है कि संबंधित विभाग को इस दिशा में अब ध्यान देने की जरूरत हैं। अन्यथा लोगों को दुकानदार इसी तरह लूटते रहेंगे।
पहले दिन ना के बराबर रहा कारोबार
शहर के कई दुकानदारों ने बताया कि पहले दिन जीएसटी के अनुसार बाजार खाली रहे। दुकानों पर केवल पूछताछ के लिए ही ग्राहक पहुंचे। इससे व्यापारी नाखुश दिखे। कारोबार भी न के बराबर रहा। एक इलेक्ट्रानिक के दुकानदार संदीप कुमार ने बताया कि बताया कि वह प्रतिदिन 15-20 इलेक्ट्रानिक आइटम बेचते थे, लेकिन जीएसटी के पहले दिन एक ही आइटम बिका, क्योंकि जीएसटी के कारण आइटम पर 28 प्रतिशत टैक्स लग गया है।
क्या कहते हैं अधिकारी
बहादुरगढ़ के उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त कुलदीप मलिक ने कहा कि सरकार की ओर से सिस्टम को पूरी तरह अपडेट किया गया है। यदि कहीं किसी को कोई दिक्कत आती है तो कर विभाग के आफिस में संपर्क कर सकते हैं। उनकी हर समस्या का समाधान किया जाएगा। जीएसटी के बारे में दुकानदारों, व्यापारियों को जागरूक भी किया गया है।

निष्कर्ष :
जीएसटी सिस्टम अभी व्यापारी वर्ग के लिए पूरी तरह अपडेट नहीं हो पाया है। बाजार में चल रही छूट संबंधी स्कीमें 1 जुलाई से बंद हो गई हैं। जिन वस्तुओं की कीमत कम हुई है उनका उपभोक्ताओं को कोई फायदा नहीं हो रहा। जीएसटी व्यवस्था से उपभोक्ता इसलिए नाराज हैं कि उन्हें चीजें घटे हुए दामों पर नहीं मिल रही। बाजार में कारोबार भी असामान्य हो गया है।


- शहर के बाजारों में खाली बैठे रहे बड़े दुकानदार
- केवल पूछताछ करके दुकानों से लौट गए ग्राहक
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