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Jhajjar-Bahadurgarh News: आज से नया कानून... धरा और जुर्माना बढ़ा, तय समय में पूरी करनी होगी जांच
Mon, 01 Jul 2024 06:04 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
Updated Mon, 01 Jul 2024 06:04 AM IST
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थानों में आज से नये कानून की धाराओं में दर्ज होंगे मुकदमें, अपराधियों के खिलाफ मजबूत साक्ष्य जुटाएगी पुलिस
बहादुरगढ़। केंद्र सरकार कि तरफ से लाए गया नए कानून की रविवार देर रात 12 बजे से शुरू कि गई है। भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की जगह अब भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) में काम किया जायेगा । भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की जगह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) और इंडियन इविडेंस एक्ट (आईईए) की जगह भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) लेगी। नए कानूनों में दुष्कर्म, हत्या और डकैती पुरानी धाराएं से अलग होगी।
ब्रिटिश काल में सन 1860 में अंग्रेजों की ओर से अपनी सुविधानुसार आईपीसी (भारतीय दंड संहिता) लागू की गई थी। जिसे 2023 में सरकार द्वारा बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) का नाम दे दिया है। इसके तहत आईपीसी की 511 धाराओं की जगह अब पुलिसकर्मी को बीएनएस में 358 धाराएं पर आज से कम करना होगा। महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए नई 45 धाराएं जोड़ी गई हैं। भारतीय दंड संहिता में 33 धाराओं में आज से दंड भी बढ़ाया गया है, जबकि 83 धाराओं में जुर्माना भी बढ़ा दिया गया है। इसी तरह 23 धाराओं में अनिवार्य न्यूनतम सजा का प्रावधान किया गया है। नए कानून में 18 वर्ष से कम आयु के लड़के-लड़कियां चाइल्ड की श्रेणी में आएंगी। इसी तरह विवेचना, रिपोर्ट, जांच की समय सीमा तय कर दी गई है।
आज रात 12 बजे से नई व्यवस्था के तहत केस दर्ज किए जाएंगे। जनपद के सभी थानों के पुलिसकर्मियों को पिछले 20 दिनों से पुलिस लाइंस सभागार में प्रशिक्षण दिया जा रहा था।अधिकारियों के लिए अलग से कोर्स भी चलाए जा रहे थे। थानों के कामकाज संभालने वाले मुंशी भी प्रशिक्षित हो गए हैं, लेकिन आज रात से सभी अधिकारियों व थाने प्रभारी को नए कानून में मामला दर्ज करने होंगे।
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नया कानून पढ़ने के लिए खरीद रहे किताब
भारतीय न्याय संहिता के लागू होने से ही पहले पुलिसकर्मी ने अपनी तरफ से भी तैयारी शुरू कर दी थी। इसके लिए पुलिस कर्मी ने भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता,व भारतीय साक्ष्य अधिनियम की किताबें खरीद कर पढ़ना शुरू कर दिया है। इसके साथ ऑनलाइन भी जानकारी ले रहा है। सभी थाना प्रभारी व पुुलिसकर्मी के बीच आज से शुरू होने वाली भारतीय न्याय संहिता की चर्चा चल रही है।
कुछ प्रमुख धाराएं जो बदली गईं
आज से पुरानी धाराएं की जगह इन धाराएं पर पुलिसकर्मी को काम करना होगा। हत्या 302 103(1) गैर इरादतन हत्या 304 106 दहेज मृत्यु 304 ख 80 हत्या करने का प्रयास 307 109(1) आत्मत्या करने का प्रयास 309 226 लैगिंग उत्पीड़न 354 क 75 लूट 392 309(4) डकैती 395 310 (2) धोखाधड़ी 420 318 मारपीट 323 115 आज से नई धाराएं प्रभावित कि गई है। अब नई धाराएं के तहत केस दर्ज होंगे, इसके साथ ही कुछ धाराओं में जुर्माने की रकम भी बढ़ी है। नए कानून में डिजिटल एविडेंस पर ज्यादा जोर है।
वर्जन:
बहादुरगढ़ के सभी आईओं की रोहतक के सुनारिया पीटीसी सेंटर में ट्रेनिंग करवाई गई है। नई धाराओं में कार्य शुरू कर दिया गया है।
मयंक मिश्रा,डीसीपी बहादुरगढ़
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बहादुरगढ़। केंद्र सरकार कि तरफ से लाए गया नए कानून की रविवार देर रात 12 बजे से शुरू कि गई है। भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की जगह अब भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) में काम किया जायेगा । भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की जगह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) और इंडियन इविडेंस एक्ट (आईईए) की जगह भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) लेगी। नए कानूनों में दुष्कर्म, हत्या और डकैती पुरानी धाराएं से अलग होगी।
ब्रिटिश काल में सन 1860 में अंग्रेजों की ओर से अपनी सुविधानुसार आईपीसी (भारतीय दंड संहिता) लागू की गई थी। जिसे 2023 में सरकार द्वारा बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) का नाम दे दिया है। इसके तहत आईपीसी की 511 धाराओं की जगह अब पुलिसकर्मी को बीएनएस में 358 धाराएं पर आज से कम करना होगा। महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए नई 45 धाराएं जोड़ी गई हैं। भारतीय दंड संहिता में 33 धाराओं में आज से दंड भी बढ़ाया गया है, जबकि 83 धाराओं में जुर्माना भी बढ़ा दिया गया है। इसी तरह 23 धाराओं में अनिवार्य न्यूनतम सजा का प्रावधान किया गया है। नए कानून में 18 वर्ष से कम आयु के लड़के-लड़कियां चाइल्ड की श्रेणी में आएंगी। इसी तरह विवेचना, रिपोर्ट, जांच की समय सीमा तय कर दी गई है।
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आज रात 12 बजे से नई व्यवस्था के तहत केस दर्ज किए जाएंगे। जनपद के सभी थानों के पुलिसकर्मियों को पिछले 20 दिनों से पुलिस लाइंस सभागार में प्रशिक्षण दिया जा रहा था।अधिकारियों के लिए अलग से कोर्स भी चलाए जा रहे थे। थानों के कामकाज संभालने वाले मुंशी भी प्रशिक्षित हो गए हैं, लेकिन आज रात से सभी अधिकारियों व थाने प्रभारी को नए कानून में मामला दर्ज करने होंगे।
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नया कानून पढ़ने के लिए खरीद रहे किताब
भारतीय न्याय संहिता के लागू होने से ही पहले पुलिसकर्मी ने अपनी तरफ से भी तैयारी शुरू कर दी थी। इसके लिए पुलिस कर्मी ने भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता,व भारतीय साक्ष्य अधिनियम की किताबें खरीद कर पढ़ना शुरू कर दिया है। इसके साथ ऑनलाइन भी जानकारी ले रहा है। सभी थाना प्रभारी व पुुलिसकर्मी के बीच आज से शुरू होने वाली भारतीय न्याय संहिता की चर्चा चल रही है।
कुछ प्रमुख धाराएं जो बदली गईं
आज से पुरानी धाराएं की जगह इन धाराएं पर पुलिसकर्मी को काम करना होगा। हत्या 302 103(1) गैर इरादतन हत्या 304 106 दहेज मृत्यु 304 ख 80 हत्या करने का प्रयास 307 109(1) आत्मत्या करने का प्रयास 309 226 लैगिंग उत्पीड़न 354 क 75 लूट 392 309(4) डकैती 395 310 (2) धोखाधड़ी 420 318 मारपीट 323 115 आज से नई धाराएं प्रभावित कि गई है। अब नई धाराएं के तहत केस दर्ज होंगे, इसके साथ ही कुछ धाराओं में जुर्माने की रकम भी बढ़ी है। नए कानून में डिजिटल एविडेंस पर ज्यादा जोर है।
वर्जन:
बहादुरगढ़ के सभी आईओं की रोहतक के सुनारिया पीटीसी सेंटर में ट्रेनिंग करवाई गई है। नई धाराओं में कार्य शुरू कर दिया गया है।
मयंक मिश्रा,डीसीपी बहादुरगढ़