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निजी स्कूल प्रबंधकों ने कहा, जब तक सरकार मांगे नहीं मानती नहीं खोलेंगे स्कूल

Tue, 10 May 2016 02:04 AM IST
jhajjar
jhajjar Updated Tue, 10 May 2016 02:04 AM IST
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134 a protest, private school cordinater in jhajjar
बंद पड़ा स्‍कूल - फोटो : bureau
नियम 134-ए के विरोध में जिले भर के निजी स्कूल सोमवार को बंद रहे। जिसके चलते बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई। निजी स्कूल प्रबंधक जहां अनिश्चितकालीन स्कूल बंद रखने की बात कह रहे हैं, वहीं अभिभावकों का आरोप है कि इससे बच्चों की पढ़ाई बाधित होगी। अभिभावक कहते हैं कि उन्होंने तो फीस जमा करवा दी है, फिर उनके बच्चों को क्यों नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
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उधर प्रदेश की पूर्व शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल कहती हैं कि सरकार नियम 134-ए और आरटीई में फंस कर रह गई है। सरकार इस विषय पर गंभीर नहीं है। उसे दोनों में सामंजस्य बैठा कर कार्य करना चाहिए। नियम134- ए के चलते सरकार और निजी स्कूल संचालकों के बीच तलवारें खींच गई हैं। सरकार नियम 134-ए के तहत निजी स्कूलों में दाखिले देने की बात कह रही है, जो निजी स्कूल संचालकों को मान्य नहीं है।
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जिसके चलते निजी स्कूल संचालक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। राज्य भर में विभिन्न जिलों में निजी स्कूूल संचालक धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं सोमवार को झज्जर के निजी स्कूल संचालकों ने भी स्कूल बंद कर विरोध जताया। निजी स्कूल एसोसिएशन के पदाधिकारी रमेश रोहिल्ला कहते हैं कि निजी स्कूल संचालक सरकार के दबाव में आने वाले नहीं हैं। सरकार चाहे कितना भी दबाव बनाए वो नियम 134-ए को नहीं मानेंगे।
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बच्चों की पढ़ाई बाधित होती है
 अभिभावक संदीप कहते है कि स्कूल बंद होने से बच्चों की पढ़ाई बाधित होगी। हमने अपने बच्चों की फीस जमा करवा दी है। जिन्होंने फीस जमा करवा दी है, उनका क्या कसूर है।

निजी स्कूल संचालक मनमानी कर रहे हैं
अभिभावक सज्जन का कहना है कि निजी स्कूल संचालक मनमानी कर रहे हैं। सरकार और उनकी आपसी खींचातानी में नुकसान हमारे बच्चों का हो रहा है। निजी स्कूलों में जिन बच्चों का दाखिला हो चुका है, उनका क्या कसूर है।

इन पर जुर्माना कौन लगाए
अभिभावक आरती कहती है कि बच्चे जब छुट्टी करतेे हैं तो स्कूल संचालक उन पर जुर्माना लगाते हैं। अब वो स्वयं छुट्टियां कर रहे हैं, अब उन पर जुर्माना कौन लगाएगा।

 हमारे बच्चों का क्या कसूर है
अभिभावक संगीता का कहना है कि अभी दो दिन के लिए स्कूल बंद किए हैं, लेकिन अगर सरकार इनकी मांगें नहीं मानती है तो क्या स्कूल संचालक हमारे बच्चों को घर बैठा देंगे। हम तो फीस भरते हैं। इससे हमारे बच्चों को क्यों नुकसान पहुंचाया जा रहा है।

निजी स्कूल संचालकों का धरना-प्रदर्शन आज
निजी स्कूल एसोसिएशन के पदाधिकारी रमेश रोहिल्ला ने बताया कि मंगलवार को 134-ए नियम के विरोध में लघु सचिवालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। बाद में मांगों से संबंधित ज्ञापन उपायुक्त के माध्यम से सीएम के नाम सौंपा जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर फिर भी सरकार उनकी मांगें नहीं मानती है तो आंदोलन तेज किया जाएगा।


मामले को लेकर सरकार गंभीर नहीं है
सरकार नियम 134-ए और आरटीई में फंस कर रह गई है। सरकार इस विषय पर गंभीर नहीं है। सरकार को दोनों में सामंजस्य बैठा कर कार्य करना चाहिए। सरकार अपने डेढ़ वर्ष से अधिक के कार्यकाल में जीरो साबित हुई है।
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