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एमडीयू की टीम ने बिलावल लाइब्रेरी का किया दौरा
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बाढड़ा। पुस्तकों में लिखा जीवन का अनुभव कभी पुराना नहीं होता। पुस्तकें इंसान की सच्ची मित्र होती हैं और ताउम्र इंसान किताबों से बहुत कुछ सीखता है। यह बात महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. निर्मल स्वेन ने कम्युनिटी आउटरीच प्रोग्राम के तहत बिलावल लाइब्रेरी में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कही।
लाइब्रेरी संयोजक हरपाल आर्य ने बताया कि एमडीयू रोहतक से लाइब्रेरी एंड इंफोरमेशन साइंस के 25 छात्रों की टीम ने ग्रामीण लाइब्रेरी का भ्रमण किया। टीम लीडर की भूमिका एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. निर्मल स्वेन ने निभाई। उन्होंने बताया कि लाइब्रेरी एंड इंफोरमेशन साइंस के छात्रों को ग्रामीण क्षेत्र में पुस्तकालय के संचालन के लिए इस प्रकार के भ्रमण करवाए जाते हैं। छात्रों ने लाइब्रेरी सदस्यों से बातचीत कर लाइब्रेरी संचालन में आने वाली परेशानियों को जाना। डॉ. निर्मल स्वेन ने उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि लाइब्रेरी स्थापित करने के पश्चात उसका उपयोग महत्वपूर्ण होता है। लाइब्रेरी का अधिक से अधिक लाभ उठाया जाना चाहिए। उन्होंने लाइब्रेरी संचालन के लिए अनुदान और नि:शुल्क पुस्तकें प्राप्त करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से सहायता उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर प्रोफेसर डॉ. पिंकी शर्मा ने भी संबोधित किया। छात्रों द्वारा इस अवसर पर ग्रामीण लाइब्रेरी में 30 पुस्तकें भी भेंट की गई। ग्रामीणों की तरफ से एमडीयू टीम को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर तेजवीर, विनोद कुमार, संदीप कुमार, पवन स्वामी, डॉ. उमेद जांगिड़, हितेश यादव, अत्तर सिंह, सत्यवान, सतीश सुहाग मौजूद रहे।
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लाइब्रेरी संयोजक हरपाल आर्य ने बताया कि एमडीयू रोहतक से लाइब्रेरी एंड इंफोरमेशन साइंस के 25 छात्रों की टीम ने ग्रामीण लाइब्रेरी का भ्रमण किया। टीम लीडर की भूमिका एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. निर्मल स्वेन ने निभाई। उन्होंने बताया कि लाइब्रेरी एंड इंफोरमेशन साइंस के छात्रों को ग्रामीण क्षेत्र में पुस्तकालय के संचालन के लिए इस प्रकार के भ्रमण करवाए जाते हैं। छात्रों ने लाइब्रेरी सदस्यों से बातचीत कर लाइब्रेरी संचालन में आने वाली परेशानियों को जाना। डॉ. निर्मल स्वेन ने उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि लाइब्रेरी स्थापित करने के पश्चात उसका उपयोग महत्वपूर्ण होता है। लाइब्रेरी का अधिक से अधिक लाभ उठाया जाना चाहिए। उन्होंने लाइब्रेरी संचालन के लिए अनुदान और नि:शुल्क पुस्तकें प्राप्त करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से सहायता उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर प्रोफेसर डॉ. पिंकी शर्मा ने भी संबोधित किया। छात्रों द्वारा इस अवसर पर ग्रामीण लाइब्रेरी में 30 पुस्तकें भी भेंट की गई। ग्रामीणों की तरफ से एमडीयू टीम को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर तेजवीर, विनोद कुमार, संदीप कुमार, पवन स्वामी, डॉ. उमेद जांगिड़, हितेश यादव, अत्तर सिंह, सत्यवान, सतीश सुहाग मौजूद रहे।
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