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ज्ञान, संस्कार और समृद्ध परम्परा के केंद्र हैं गुरूकुल : धनखड़
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अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर। गुरुकुल सदियों से ज्ञान, संस्कार और समृद्ध परंपरा के केंद्र रहे हैं। गुरुकुल से निकल रही ज्ञान, संस्कार और समृद्ध परंपरा की रोशनी सदियों से हमारे समाज की अज्ञानता का अंधेरा दूर कर रही है। गुरुकुल महाविद्यालय झज्जर के 103वें वार्षिक समारोह में रविवार को बतौर मुख्य अतिथि अपना संबोधन देते हुए प्रदेश के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने यह बात कही। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने कहा कि गुरुकुल की शिक्षा हमारी संस्कृति को ज्ञान के रास्ते पर आगे बढ़ाने की है। गुरुकुल झज्जर ने पिछली एक सदी के दौरान देश व समाज को काफी कुछ दिया है। उन्होंने कहा कि हमारे जीवन में आस्था, ज्ञान और कर्म का गहरा रिश्ता है। हमें ज्ञान के आधार पर अच्छे कर्म करने चाहिए। निश्चित रूप से हमारे देश, प्रदेश व समाज का दुनिया में सबसे विकसित स्वरूप हमारे सामने होगा।
11 लाख की आर्थिक मदद देने की घोषणा की
कृषि मंत्री धनखड़ ने गुरुकुल महाविद्यालय को 11 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि उनका जीवन गुरुकुल की शिक्षाओं से काफी प्रभावित रहा है। स्वामी दयानंद ने समाज व देश को ज्ञान का रास्ता सिखाया और आर्य समाज ने इसे निरंतर आगे बढ़ाया। गुरुकुल के आचार्य विजय पाल ने कहा कि कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ के दादाजी स्व. रूपचंद और पिताजी वैद्य मोहबत सिंह भी गुरुकुल से जुड़े रहे हैं। तीन पीढ़ी से उनके परिवार का आर्य समाज से जुड़ाव यह बताने के लिए काफी है इस अवसर पर गुरुकुल के आचार्य विजय पाल, स्वामी धर्मानंद, स्वामी धर्मादेश, प्रवीण शास्त्री, राजबीर छिकारा, पूर्ण सिंह, उमेद सिंह, डॉ. जगदेव, जिले सिंह, रामचंद शास्त्री, सुरेंद्र सिंह सहित काफी संख्या में आर्यगण, प्रबुद्धजन भी उपस्थित रहे।
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झज्जर। गुरुकुल सदियों से ज्ञान, संस्कार और समृद्ध परंपरा के केंद्र रहे हैं। गुरुकुल से निकल रही ज्ञान, संस्कार और समृद्ध परंपरा की रोशनी सदियों से हमारे समाज की अज्ञानता का अंधेरा दूर कर रही है। गुरुकुल महाविद्यालय झज्जर के 103वें वार्षिक समारोह में रविवार को बतौर मुख्य अतिथि अपना संबोधन देते हुए प्रदेश के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने यह बात कही। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने कहा कि गुरुकुल की शिक्षा हमारी संस्कृति को ज्ञान के रास्ते पर आगे बढ़ाने की है। गुरुकुल झज्जर ने पिछली एक सदी के दौरान देश व समाज को काफी कुछ दिया है। उन्होंने कहा कि हमारे जीवन में आस्था, ज्ञान और कर्म का गहरा रिश्ता है। हमें ज्ञान के आधार पर अच्छे कर्म करने चाहिए। निश्चित रूप से हमारे देश, प्रदेश व समाज का दुनिया में सबसे विकसित स्वरूप हमारे सामने होगा।
11 लाख की आर्थिक मदद देने की घोषणा की
कृषि मंत्री धनखड़ ने गुरुकुल महाविद्यालय को 11 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि उनका जीवन गुरुकुल की शिक्षाओं से काफी प्रभावित रहा है। स्वामी दयानंद ने समाज व देश को ज्ञान का रास्ता सिखाया और आर्य समाज ने इसे निरंतर आगे बढ़ाया। गुरुकुल के आचार्य विजय पाल ने कहा कि कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ के दादाजी स्व. रूपचंद और पिताजी वैद्य मोहबत सिंह भी गुरुकुल से जुड़े रहे हैं। तीन पीढ़ी से उनके परिवार का आर्य समाज से जुड़ाव यह बताने के लिए काफी है इस अवसर पर गुरुकुल के आचार्य विजय पाल, स्वामी धर्मानंद, स्वामी धर्मादेश, प्रवीण शास्त्री, राजबीर छिकारा, पूर्ण सिंह, उमेद सिंह, डॉ. जगदेव, जिले सिंह, रामचंद शास्त्री, सुरेंद्र सिंह सहित काफी संख्या में आर्यगण, प्रबुद्धजन भी उपस्थित रहे।
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