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सांसद धर्मबीर के खिलाफ चुनाव आयोग को दी शिकायत, आदर्श आचार संहिता की उल्लंघना के आरोप
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। ग्रीन कॉरिडोर (गंगहेडी से नारनौल) पर बयान देने का आरोप लगाकर भारत भूमि बचाओ समिति ने सांसद पर आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन की शिकायत चुनाव आयोग को भेजी है। करीब एक माह से धरनारत भारत भूमि बचाओ संघर्ष समिति के लीगल एडवाइजर रमेश दलाल ने यह शिकायत भेजी है। उन्होंने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में बताया कि इसकी जानकारी सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को भी भेजी गई है।
ज्ञात रहे कि नारनौल से गंगहेड़ी तक 227 किलोमीटर लंबा ग्रीन कॉरिडोर (एनएच-152 डी) बनना है। इस कॉरिडोर में चरखी दादरी जिले के 17 गांवों के किसानों की जमीन भी अधिग्रहीत होनी है। ये किसान घोषित थ्री-जी अवार्ड राशि को बेहद काम मान रहे हैं और सरकार से दो करोड़ रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं। इस मांग को लेकर किसान गत 26 फरवरी से रामनगर गांव के समीप धरने पर बैठे हैं। सरकार और जिला प्रशासन द्वारा मांगों को गंभीरता से न लिए जाने पर इन किसानों ने गत वीरवार को चिड़िया गांव पहुंचे भाजपा सांसद धर्मबीर सिंह और विधायक सुखविंद्र मांढ़ी का विरोध किया था। इसके बाद सांसद ने प्रेस को बयान दिया था कि अगर किसान नहीं मानते हैं तो ग्रीन कॉरिडोर प्रोजेक्ट रद्द हो सकता है। शनिवार को किसानों के लीगल एडवाइजर एडवोकेट रमेश दलाल ने इसकी शिकायत चुनाव आयोग को की है। शिकायत में उन्होंने बताया कि आदर्श आचार संहिता के चलते सड़क संबंधी न तो कोई प्रोजेक्ट रद्द हो सकता है और न ही किसी नए प्रोजेक्ट की घोषणा की जा सकती है। ऐसे में सांसद ने ग्रीन कॉरिडोर रद्द होने संबंधी बयान देकर आदर्श आचार संहिता की उल्लंघन की है, इसलिए चुनाव आयोग इस पर कड़ा संज्ञान ले।
हर व्यक्ति अपनी बात रखने के लिए स्वतंत्र है। अगर ग्रीन कॉरिडोर प्रोजेक्ट रद्द होता है तो इससे सभी को नुकसान है। अगर चुनाव आयोग को शिकायत भेजी है तो यह उनकी मर्जी।
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धर्मबीर सिंह, सांसद
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चरखी दादरी। ग्रीन कॉरिडोर (गंगहेडी से नारनौल) पर बयान देने का आरोप लगाकर भारत भूमि बचाओ समिति ने सांसद पर आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन की शिकायत चुनाव आयोग को भेजी है। करीब एक माह से धरनारत भारत भूमि बचाओ संघर्ष समिति के लीगल एडवाइजर रमेश दलाल ने यह शिकायत भेजी है। उन्होंने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में बताया कि इसकी जानकारी सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को भी भेजी गई है।
ज्ञात रहे कि नारनौल से गंगहेड़ी तक 227 किलोमीटर लंबा ग्रीन कॉरिडोर (एनएच-152 डी) बनना है। इस कॉरिडोर में चरखी दादरी जिले के 17 गांवों के किसानों की जमीन भी अधिग्रहीत होनी है। ये किसान घोषित थ्री-जी अवार्ड राशि को बेहद काम मान रहे हैं और सरकार से दो करोड़ रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं। इस मांग को लेकर किसान गत 26 फरवरी से रामनगर गांव के समीप धरने पर बैठे हैं। सरकार और जिला प्रशासन द्वारा मांगों को गंभीरता से न लिए जाने पर इन किसानों ने गत वीरवार को चिड़िया गांव पहुंचे भाजपा सांसद धर्मबीर सिंह और विधायक सुखविंद्र मांढ़ी का विरोध किया था। इसके बाद सांसद ने प्रेस को बयान दिया था कि अगर किसान नहीं मानते हैं तो ग्रीन कॉरिडोर प्रोजेक्ट रद्द हो सकता है। शनिवार को किसानों के लीगल एडवाइजर एडवोकेट रमेश दलाल ने इसकी शिकायत चुनाव आयोग को की है। शिकायत में उन्होंने बताया कि आदर्श आचार संहिता के चलते सड़क संबंधी न तो कोई प्रोजेक्ट रद्द हो सकता है और न ही किसी नए प्रोजेक्ट की घोषणा की जा सकती है। ऐसे में सांसद ने ग्रीन कॉरिडोर रद्द होने संबंधी बयान देकर आदर्श आचार संहिता की उल्लंघन की है, इसलिए चुनाव आयोग इस पर कड़ा संज्ञान ले।
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हर व्यक्ति अपनी बात रखने के लिए स्वतंत्र है। अगर ग्रीन कॉरिडोर प्रोजेक्ट रद्द होता है तो इससे सभी को नुकसान है। अगर चुनाव आयोग को शिकायत भेजी है तो यह उनकी मर्जी।
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धर्मबीर सिंह, सांसद