{"_id":"5c59e0e3bdec22736b5ea108","slug":"121549394147-jhajjar-bahadurgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिंचाई विभाग को मिले 174 कर्मचारी, नहरों पर गश्त में आएगी तेजी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिंचाई विभाग को मिले 174 कर्मचारी, नहरों पर गश्त में आएगी तेजी
विज्ञापन
अमर उजाना ब्यूरो
झज्जर। लंबे समय से कर्मचारियों की कमी से जूझ रहे सिंचाई विभाग को ग्रुप डी की भर्ती में 174 कर्मचारी मिले हैं। सबसे अधिक विभाग को बेलदार मिले हैं। जिले में बेलदार के 210 पद काफी समय से रिक्त पड़े थे। इनमें से ग्रुप डी की भर्ती में जिले के सिंचाई विभाग में 113 बेलदार नियुक्त किए गए हैं। जबकि 87 बेलदारों ने नियुक्ति प्राप्त कर ली गई है। वहीं जिला में बेलदार के 262 पद स्वीकृत हैं। जबकि 52 बेलदार पहले ही कार्यरत हैं। कर्मचारियों की संख्या बढ़ने ने नहरी पानी चोरी करने वालों पर भी शिकंजा कसा जाएगा और नहरी पानी चोरी के मामलों में कमी आने की संभावना है। 174 डी ग्रुप कर्मचारियों में 113 बेलदार, 36 चपरासी व 25 हेल्पर शामिल हैं। इन हेल्परों में 10 महिलाएं भी शामिल हैं।
अभी भी 110 कर्मचारियों की कमी
सिंचाई विभाग के आंकड़ों के अनुसार अभी भी कर्मचारियों के काफी पद रिक्त बचे हुए हैं। बड़े स्तर पर डी ग्रुप कर्मचारियों की भर्ती किए जाने के बाद भी झज्जर के सिंचाई विभाग में 110 डी ग्रुप कर्मचारियों की कमी है। अगर सभी डी ग्रुप कर्मचारी अपनी नियुक्ति प्राप्त कर लेते हैं तो उसके बाद भी 97 बेलदार, दो चपरासी व 11 हेल्पर के पद रिक्त बचते हैं। स्वीकृत पदों को देखा जाए तो सिंचाई विभाग में 262 पद बेलदार, 42 हेल्पर व 59 पद चपरासी के हैं। इनमें से 52 बेलदार, 21 चपरासी और 6 हेल्पर पहले से ही कार्यरत हैं।
पानी चोरी के 100 से अधिक मामले पकड़े
इन दिनों नहरों में पानी चल रहा है। वहीं गेहूं व सरसों की फसल की सिंचाई के लिए नहरी पानी की चोरी भी की जा रही है। विभाग की टीमें निरंतर रूप से नहरों को निरीक्षण कर रही हे। खासकर रात के समय पानी की चोरी पकड़ने के लिए विभाग की तरफ से चलाए गए अभियान के तहत विभाग की टीमों ने पानी चोरी के 100 मामले पकड़े हें। कई किसानों के द्वारा पानी चोरी के लिए लगाए गए सूंड भी काटे गए हैं। बारिश व बिजली की कमी के चलते किसानों को अपनी फसलों की सिंचाई के लिए नहरी पानी की चोरी करनी पड़ती है। डीजल इंजनों से किसान अगर गेहूं व सरसों की फसलों की सिंचाई करते हैं तो वह काफी महंगा पड़ता है।
विज्ञापन
महिला हेल्परों व बेलदारों को लेकर असमंजस में अधिकारी
सिंचाई विभाग में डी ग्रुप में पहली बार बेलदार व हेल्पर के पद पर महिलाओं की भर्ती की गई है। जिले में तीन बेलदार व 10 हेल्पर महिलाएं आई हैं। इनको लेकर अधिकारियों के सामने भी उहापोह की स्थिति बनी हुई है। क्योंकि दोनों के पदों के कर्मचारियों का काम फील्ड का है। हेल्पर का काम बारिश के पानी की निकासी को लेकर मशीनरी आदि से संबंधित कार्य होता है और रात के समय भी फील्ड में रुकना पड़ता है। ऐसी स्थिति में महिला कर्मचारियों से काम कैसे लिया जाए। वहीं बेलदार का काम तो नहरों पर गश्त करना ही होता है।
दो बार टीम पर हो चुका है हमला
पिछले साल पानी की चोरी रोकने के लिए गई सिंचाई विभाग की टीमों पर दो बार हमला भी हो चुका है। टीमों पर हमला करने के मामले पुलिस में भी पहुंची थी। जबकि किसानों की टीमों के साथ समय-समय पर झड़प तो होती रहती हैं।
जब कर्मचारियों की संख्या बढ़ेगी तो काम में भी तेजी आएगी। काफी समय से रिक्त पड़े कर्मचारियों के रिक्त पड़े पद भरे जा रहे हैं।
आरसी सोलखा, एसई, सिंचाई विभाग, झज्जर।
विज्ञापन
झज्जर। लंबे समय से कर्मचारियों की कमी से जूझ रहे सिंचाई विभाग को ग्रुप डी की भर्ती में 174 कर्मचारी मिले हैं। सबसे अधिक विभाग को बेलदार मिले हैं। जिले में बेलदार के 210 पद काफी समय से रिक्त पड़े थे। इनमें से ग्रुप डी की भर्ती में जिले के सिंचाई विभाग में 113 बेलदार नियुक्त किए गए हैं। जबकि 87 बेलदारों ने नियुक्ति प्राप्त कर ली गई है। वहीं जिला में बेलदार के 262 पद स्वीकृत हैं। जबकि 52 बेलदार पहले ही कार्यरत हैं। कर्मचारियों की संख्या बढ़ने ने नहरी पानी चोरी करने वालों पर भी शिकंजा कसा जाएगा और नहरी पानी चोरी के मामलों में कमी आने की संभावना है। 174 डी ग्रुप कर्मचारियों में 113 बेलदार, 36 चपरासी व 25 हेल्पर शामिल हैं। इन हेल्परों में 10 महिलाएं भी शामिल हैं।
अभी भी 110 कर्मचारियों की कमी
सिंचाई विभाग के आंकड़ों के अनुसार अभी भी कर्मचारियों के काफी पद रिक्त बचे हुए हैं। बड़े स्तर पर डी ग्रुप कर्मचारियों की भर्ती किए जाने के बाद भी झज्जर के सिंचाई विभाग में 110 डी ग्रुप कर्मचारियों की कमी है। अगर सभी डी ग्रुप कर्मचारी अपनी नियुक्ति प्राप्त कर लेते हैं तो उसके बाद भी 97 बेलदार, दो चपरासी व 11 हेल्पर के पद रिक्त बचते हैं। स्वीकृत पदों को देखा जाए तो सिंचाई विभाग में 262 पद बेलदार, 42 हेल्पर व 59 पद चपरासी के हैं। इनमें से 52 बेलदार, 21 चपरासी और 6 हेल्पर पहले से ही कार्यरत हैं।
विज्ञापन
पानी चोरी के 100 से अधिक मामले पकड़े
इन दिनों नहरों में पानी चल रहा है। वहीं गेहूं व सरसों की फसल की सिंचाई के लिए नहरी पानी की चोरी भी की जा रही है। विभाग की टीमें निरंतर रूप से नहरों को निरीक्षण कर रही हे। खासकर रात के समय पानी की चोरी पकड़ने के लिए विभाग की तरफ से चलाए गए अभियान के तहत विभाग की टीमों ने पानी चोरी के 100 मामले पकड़े हें। कई किसानों के द्वारा पानी चोरी के लिए लगाए गए सूंड भी काटे गए हैं। बारिश व बिजली की कमी के चलते किसानों को अपनी फसलों की सिंचाई के लिए नहरी पानी की चोरी करनी पड़ती है। डीजल इंजनों से किसान अगर गेहूं व सरसों की फसलों की सिंचाई करते हैं तो वह काफी महंगा पड़ता है।
विज्ञापन
महिला हेल्परों व बेलदारों को लेकर असमंजस में अधिकारी
सिंचाई विभाग में डी ग्रुप में पहली बार बेलदार व हेल्पर के पद पर महिलाओं की भर्ती की गई है। जिले में तीन बेलदार व 10 हेल्पर महिलाएं आई हैं। इनको लेकर अधिकारियों के सामने भी उहापोह की स्थिति बनी हुई है। क्योंकि दोनों के पदों के कर्मचारियों का काम फील्ड का है। हेल्पर का काम बारिश के पानी की निकासी को लेकर मशीनरी आदि से संबंधित कार्य होता है और रात के समय भी फील्ड में रुकना पड़ता है। ऐसी स्थिति में महिला कर्मचारियों से काम कैसे लिया जाए। वहीं बेलदार का काम तो नहरों पर गश्त करना ही होता है।
दो बार टीम पर हो चुका है हमला
पिछले साल पानी की चोरी रोकने के लिए गई सिंचाई विभाग की टीमों पर दो बार हमला भी हो चुका है। टीमों पर हमला करने के मामले पुलिस में भी पहुंची थी। जबकि किसानों की टीमों के साथ समय-समय पर झड़प तो होती रहती हैं।
जब कर्मचारियों की संख्या बढ़ेगी तो काम में भी तेजी आएगी। काफी समय से रिक्त पड़े कर्मचारियों के रिक्त पड़े पद भरे जा रहे हैं।
आरसी सोलखा, एसई, सिंचाई विभाग, झज्जर।