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20 चालकों को हटाने के आदेशों पर आधा दर्जन रूटों पर चरमराई बस सेवा
Updated Sun, 06 May 2018 12:57 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
प्रदेशभर के रोडवेज डिपो से 413 चालकों को रिलीव करने के आदेश सरकार ने सभी जीएम को दे दिए हैं। चरखी दादरी में 20 चालकों को रिलीव करने से पहले ही इस फैसले के साइड इफेक्ट नजर आए। शनिवार को अफरा-तफरी का माहौला रहने से करीब आधा दर्जन लोकल व लंबे रूटों पर बस सेवाएं प्रभावित रहीं और इसके चलते करीब चार से पांच हजार यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। 68 परिचालकों की कमी से डिपो में पहले ही करीब 15 बसें सड़कों पर नहीं दौड़ पा रही हैं। शनिवार को दादरी-रोहतक, दादरी-सतनाली, दादरी-दिल्ली, दादरी-कनीना, दादरी-बहुझोलरी, दादरी-रोहतक आदि रूटों पर रोडवेज बसें कम चलने से यात्रियों को निजी वाहनों का भी सहारा लेना पड़ा।
स्थानीय डिपो में इस समय 165 बसों के नार्म्स के हिसाब से 320 चालकों की जरूरत है, जबकि इस समय 292 चालक ही कार्यरत हैं। डिपो में पहले ही कई रूटों पर बसों की कमी बनी हुई है। डिपो में चालकों की कमी के चलते करीब 15 बसें डिपो में खड़ी करनी पड़ रही हैं। पिछले दिनों जो नए चालक भर्ती होकर आए हैं, उनको सीधे तौर पर रूट पर चलाने में विभाग अधिकारी अभी कतरा रहे हैं। नए चालकों को बस चलाने के लिए धीरे-धीरे ट्रेंड किया जाएगा। शनिवार को करीब आधा दर्जन रूटों पर बसों के फेरे भी कम किए गए जिससे यात्रियों को बसों के इंतजार में घंटों तक बस स्टैंड पर खड़ा होना पड़ता है।
चालकों को रिलीव किया तो सेवाएं लड़खड़ा जाएंगी
डिपो से इन 20 चालकों को रिलीव करते ही परिवाहन सेवा और चरमराने का अंदेशा है। इसी प्रकार डिपो में 244 परिचालक कार्यरत हैं, जबकि इस समय 312 परिचालकों की जरूरत है। इस संबंध में रोडवेज कर्मचारी यूनियन नेता रणवीर सिंह ने बताया कि अगर इन 20 चालकों को डिपो से रिलीव किया जाता है तो विभिन्न रूटों पर बस सेवाएं लड़खड़ा जाएंगी।
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रिलीव किया तो प्रदेशभर में होगा चक्का जाम
रोडवेज परिसर में हरियाणा ज्वाइंट एक्शन कमेटी की बैठक का आयोजन किया गया। इसमें प्रदेश सरकार द्वारा बिना किसी ठोस कारण के 2016 में लगे हुए 413 चालकों एवं कार्यशाला में कार्यरत 52 कर्मियों को हटाने के फैसले की कड़ी निंदा की गई। इसको लेकर केंद्रीय कमेटी के आह्वान पर रविवार प्रात: 10 से 12 बजे तक डिपो में प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान चेतावनी दी गई कि अगर किसी भी डिपो के महाप्रबंधक ने इन कर्मचारियों को हटाने की पहल की तो उसी समय डिपो बंद करके प्रदेशभर में रोडवेज बसों को चक्का जाम कर दिया जाएगा। इस मौके पर महासंघ प्रधान धर्मबीर डाला, इंटक प्रधान राजेश रावलधी, बीएसम प्रधान भरपूर मिर्च, एसकेएस प्रधान भूप धनासरी, प्रीत भागवी, श्रीभगवान मंदौला, मिनिस्ट्रीयल स्टाफ प्रधान संतोष, मंजीत दलाल, कृष्ण ऊण, विजयपाल यादव, मनोज मंदौला, धर्मेंद्र, करतार साहू, धर्मवीर प्रधान, नरेश आदि उपस्थित थे।
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चरखी दादरी।
प्रदेशभर के रोडवेज डिपो से 413 चालकों को रिलीव करने के आदेश सरकार ने सभी जीएम को दे दिए हैं। चरखी दादरी में 20 चालकों को रिलीव करने से पहले ही इस फैसले के साइड इफेक्ट नजर आए। शनिवार को अफरा-तफरी का माहौला रहने से करीब आधा दर्जन लोकल व लंबे रूटों पर बस सेवाएं प्रभावित रहीं और इसके चलते करीब चार से पांच हजार यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। 68 परिचालकों की कमी से डिपो में पहले ही करीब 15 बसें सड़कों पर नहीं दौड़ पा रही हैं। शनिवार को दादरी-रोहतक, दादरी-सतनाली, दादरी-दिल्ली, दादरी-कनीना, दादरी-बहुझोलरी, दादरी-रोहतक आदि रूटों पर रोडवेज बसें कम चलने से यात्रियों को निजी वाहनों का भी सहारा लेना पड़ा।
स्थानीय डिपो में इस समय 165 बसों के नार्म्स के हिसाब से 320 चालकों की जरूरत है, जबकि इस समय 292 चालक ही कार्यरत हैं। डिपो में पहले ही कई रूटों पर बसों की कमी बनी हुई है। डिपो में चालकों की कमी के चलते करीब 15 बसें डिपो में खड़ी करनी पड़ रही हैं। पिछले दिनों जो नए चालक भर्ती होकर आए हैं, उनको सीधे तौर पर रूट पर चलाने में विभाग अधिकारी अभी कतरा रहे हैं। नए चालकों को बस चलाने के लिए धीरे-धीरे ट्रेंड किया जाएगा। शनिवार को करीब आधा दर्जन रूटों पर बसों के फेरे भी कम किए गए जिससे यात्रियों को बसों के इंतजार में घंटों तक बस स्टैंड पर खड़ा होना पड़ता है।
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चालकों को रिलीव किया तो सेवाएं लड़खड़ा जाएंगी
डिपो से इन 20 चालकों को रिलीव करते ही परिवाहन सेवा और चरमराने का अंदेशा है। इसी प्रकार डिपो में 244 परिचालक कार्यरत हैं, जबकि इस समय 312 परिचालकों की जरूरत है। इस संबंध में रोडवेज कर्मचारी यूनियन नेता रणवीर सिंह ने बताया कि अगर इन 20 चालकों को डिपो से रिलीव किया जाता है तो विभिन्न रूटों पर बस सेवाएं लड़खड़ा जाएंगी।
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रिलीव किया तो प्रदेशभर में होगा चक्का जाम
रोडवेज परिसर में हरियाणा ज्वाइंट एक्शन कमेटी की बैठक का आयोजन किया गया। इसमें प्रदेश सरकार द्वारा बिना किसी ठोस कारण के 2016 में लगे हुए 413 चालकों एवं कार्यशाला में कार्यरत 52 कर्मियों को हटाने के फैसले की कड़ी निंदा की गई। इसको लेकर केंद्रीय कमेटी के आह्वान पर रविवार प्रात: 10 से 12 बजे तक डिपो में प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान चेतावनी दी गई कि अगर किसी भी डिपो के महाप्रबंधक ने इन कर्मचारियों को हटाने की पहल की तो उसी समय डिपो बंद करके प्रदेशभर में रोडवेज बसों को चक्का जाम कर दिया जाएगा। इस मौके पर महासंघ प्रधान धर्मबीर डाला, इंटक प्रधान राजेश रावलधी, बीएसम प्रधान भरपूर मिर्च, एसकेएस प्रधान भूप धनासरी, प्रीत भागवी, श्रीभगवान मंदौला, मिनिस्ट्रीयल स्टाफ प्रधान संतोष, मंजीत दलाल, कृष्ण ऊण, विजयपाल यादव, मनोज मंदौला, धर्मेंद्र, करतार साहू, धर्मवीर प्रधान, नरेश आदि उपस्थित थे।