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सरकार जल्द से जल्द परवान चढ़ाए अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम की मांग
Updated Mon, 25 Dec 2017 12:19 AM IST
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‘सरकार जल्द राष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम को मंजूरी दे’
अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
समसपुर गांव में बनने वाले स्टेडियम को नेशनल स्तर का बनाने की मांग जोर पकड़ती जा रही है। जिले के खिलाड़ियों के साथ-साथ खेल प्रशिक्षक भी इसके समर्थन में उतर आए हैं। खेल जगत से जुड़े इन लोगों ने खेल विभाग और प्रदेश सरकार से जल्द से जल्द मांग को सिरे चढ़ाने की गुहार लगाई है। अलग-अलग खेलों से खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों ने यहां अलग-अलग खेलों के लिए नेशनल स्तर की सुविधाएं मुहैया कराने की मांग की है। इस समय महिला खिलाड़ियों को महिला कोच न होने का बेहद मलाल है। जिले में कई खेलों के लिए सुविधाएं न के बराबर हैं और महिला खिलाड़ियों को निजी अकादमी का सहारा लेना पड़ रहा है। विभन्न खेलों के कोच का कहना है कि बेहतर स्टेडियम की सुविधा मिलने के बाद जिले की प्रतिभाएं निखर कर सामने आएंगी और इसका फायदा देश को अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में भी मिलेगा।
पहलवान महावीर फौगाट की गांव समसपुर में खेल स्टेडियम को नेशनल स्तर का बनाने की मांग का जिलेस्तर पर समर्थन मिल रहा है। जिले के कोच और खिलाड़ियों का तर्क है कि चरखी दादरी जिले ने देश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी दिए हैं। ऐसे में चरखी दादरी के गांव समसपुर में मंजूर जिला खेल स्टेडियम को नेशनल स्तर का बनाया जाना चाहिए ताकि यहां से और भी खेल प्रतिभाएं निखरकर अंतरराष्ट्रीय पटल पर प्रदेश व देश का नाम रोशन कर सके। इन खिलाड़ियों ने सरकार से सोनीपत के बहालगढ़ खेल स्टेडियम की तर्ज पर खेल स्टेडियम बनाने की मांग की है।
महिला कोच सहित विभिन्न सुविधाएं मुहैया कराए सरकार
समसपुर में खेल स्टेडियम बनने से दादरी के सभी खिलाड़ियों को काफी फायदा होगा। इस समय महिला खिलाड़ियों को महिला कोच की कमी सबसे अधिक खल रही है। मैं ताइक्वांडों की खिलाड़ी हूं और निजी अकादमी में ही अभ्यास कर रही हूं। सरकार को खिलाड़ियों की परेशानियों को जहन में रखकर समसपुर स्टेडियम में जल्द से जल्द संसाधन मुहैया करवाने चाहिए। - अपूर्वा, महिला खिलाड़ी
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समसपुर खेल स्टेडियम जिला स्तर की बजाय अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाना चाहिए। इससे जिले की प्रतिभाओं को निखरने का और मौका मिलेगा। अगर खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं सरकार मुहैया कराती है तो यकीनन इसका फायदा अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में देश को मिलेगा। सरकार व खेल विभाग को खिलाड़ियों की जरूरतों की और ध्यान देना चाहिए। - चावी, महिला खिलाड़ी
इस समय चरखी दादरी जिला खेल स्टेडियम के मामले में उपेक्षा का शिकार है। समसपुर में जगह तो खेल विभाग ने चयनित कर ली है लेकिन यहां की सुविधाओं को जिला स्तर पर रखने की ही प्लानिंग है। कुश्ती में गीता, बबीता व विनेश ने तो कबड्डी में प्रियंका व पिंकी पिलानियां ने क्षेत्र और देश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमकाया है। खिलाड़ियों की उपलब्धियों को ध्यान में रखकर विभाग को सुविधाएं मुहैया करानी चाहिए। - माही, महिला खिलाड़ी
सभी खेलों के मैदान बड़े स्तर के होने चाहिए जिससे आगे चलकर खिलाड़ियों को ज्यादा परेशानी न आए। स्टेडियम में अच्छे कोच होने चाहिए ताकि खिलाड़ी को सही दिशा मिले। सबसे अधिक जरूरत इस समय महिला कोच की है। लड़कियों को खेल प्रशिक्षण जारी रखने में बेहद परेशानियां झेलनी पड़ रही है। कुछ महिला खिलाड़ी तो परिजनों के दबाव के चलते खेल छोड़ने को मजबूर हैं। - खुशी, जूडो खिलाड़ी
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जिले को राष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम की बेहद जरूरत: हसन कुमार
चरखी दादरी में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। यहां के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय पटल पर पहले भी देश का नाम रोशन कर चुके हैं। शुरुआत से ही दादरी जिला खेल सुविधाओं में उपेक्षा का शिकार रहा है। इसके बावजूद यहां के खिलाड़ियों का प्रदर्शन सराहनीय रहा है। प्रदेश सरकार व खेल विभाग को यहां विभिन्न खेलों के लिए ग्राउंड की व्यवस्था करनी चाहिए। भविष्य में इसके सकारात्मक परिणाम ही सामने आएंगे। खिलाड़ी इस समय खेल सामान व कोच की कमी से जूझ रहे हैं और अपने स्तर पर ही प्रैक्टिस करने को मजबूर हैं। - हसन कुमार, भारतीय कबड्डी टीम के पूर्व कोच
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
समसपुर गांव में बनने वाले स्टेडियम को नेशनल स्तर का बनाने की मांग जोर पकड़ती जा रही है। जिले के खिलाड़ियों के साथ-साथ खेल प्रशिक्षक भी इसके समर्थन में उतर आए हैं। खेल जगत से जुड़े इन लोगों ने खेल विभाग और प्रदेश सरकार से जल्द से जल्द मांग को सिरे चढ़ाने की गुहार लगाई है। अलग-अलग खेलों से खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों ने यहां अलग-अलग खेलों के लिए नेशनल स्तर की सुविधाएं मुहैया कराने की मांग की है। इस समय महिला खिलाड़ियों को महिला कोच न होने का बेहद मलाल है। जिले में कई खेलों के लिए सुविधाएं न के बराबर हैं और महिला खिलाड़ियों को निजी अकादमी का सहारा लेना पड़ रहा है। विभन्न खेलों के कोच का कहना है कि बेहतर स्टेडियम की सुविधा मिलने के बाद जिले की प्रतिभाएं निखर कर सामने आएंगी और इसका फायदा देश को अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में भी मिलेगा।
पहलवान महावीर फौगाट की गांव समसपुर में खेल स्टेडियम को नेशनल स्तर का बनाने की मांग का जिलेस्तर पर समर्थन मिल रहा है। जिले के कोच और खिलाड़ियों का तर्क है कि चरखी दादरी जिले ने देश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी दिए हैं। ऐसे में चरखी दादरी के गांव समसपुर में मंजूर जिला खेल स्टेडियम को नेशनल स्तर का बनाया जाना चाहिए ताकि यहां से और भी खेल प्रतिभाएं निखरकर अंतरराष्ट्रीय पटल पर प्रदेश व देश का नाम रोशन कर सके। इन खिलाड़ियों ने सरकार से सोनीपत के बहालगढ़ खेल स्टेडियम की तर्ज पर खेल स्टेडियम बनाने की मांग की है।
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महिला कोच सहित विभिन्न सुविधाएं मुहैया कराए सरकार
समसपुर में खेल स्टेडियम बनने से दादरी के सभी खिलाड़ियों को काफी फायदा होगा। इस समय महिला खिलाड़ियों को महिला कोच की कमी सबसे अधिक खल रही है। मैं ताइक्वांडों की खिलाड़ी हूं और निजी अकादमी में ही अभ्यास कर रही हूं। सरकार को खिलाड़ियों की परेशानियों को जहन में रखकर समसपुर स्टेडियम में जल्द से जल्द संसाधन मुहैया करवाने चाहिए। - अपूर्वा, महिला खिलाड़ी
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समसपुर खेल स्टेडियम जिला स्तर की बजाय अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाना चाहिए। इससे जिले की प्रतिभाओं को निखरने का और मौका मिलेगा। अगर खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं सरकार मुहैया कराती है तो यकीनन इसका फायदा अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं में देश को मिलेगा। सरकार व खेल विभाग को खिलाड़ियों की जरूरतों की और ध्यान देना चाहिए। - चावी, महिला खिलाड़ी
इस समय चरखी दादरी जिला खेल स्टेडियम के मामले में उपेक्षा का शिकार है। समसपुर में जगह तो खेल विभाग ने चयनित कर ली है लेकिन यहां की सुविधाओं को जिला स्तर पर रखने की ही प्लानिंग है। कुश्ती में गीता, बबीता व विनेश ने तो कबड्डी में प्रियंका व पिंकी पिलानियां ने क्षेत्र और देश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमकाया है। खिलाड़ियों की उपलब्धियों को ध्यान में रखकर विभाग को सुविधाएं मुहैया करानी चाहिए। - माही, महिला खिलाड़ी
सभी खेलों के मैदान बड़े स्तर के होने चाहिए जिससे आगे चलकर खिलाड़ियों को ज्यादा परेशानी न आए। स्टेडियम में अच्छे कोच होने चाहिए ताकि खिलाड़ी को सही दिशा मिले। सबसे अधिक जरूरत इस समय महिला कोच की है। लड़कियों को खेल प्रशिक्षण जारी रखने में बेहद परेशानियां झेलनी पड़ रही है। कुछ महिला खिलाड़ी तो परिजनों के दबाव के चलते खेल छोड़ने को मजबूर हैं। - खुशी, जूडो खिलाड़ी
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जिले को राष्ट्रीय स्तर के स्टेडियम की बेहद जरूरत: हसन कुमार
चरखी दादरी में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। यहां के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय पटल पर पहले भी देश का नाम रोशन कर चुके हैं। शुरुआत से ही दादरी जिला खेल सुविधाओं में उपेक्षा का शिकार रहा है। इसके बावजूद यहां के खिलाड़ियों का प्रदर्शन सराहनीय रहा है। प्रदेश सरकार व खेल विभाग को यहां विभिन्न खेलों के लिए ग्राउंड की व्यवस्था करनी चाहिए। भविष्य में इसके सकारात्मक परिणाम ही सामने आएंगे। खिलाड़ी इस समय खेल सामान व कोच की कमी से जूझ रहे हैं और अपने स्तर पर ही प्रैक्टिस करने को मजबूर हैं। - हसन कुमार, भारतीय कबड्डी टीम के पूर्व कोच