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दिखने लगे भीषण गर्मी के तेवर, जाते अप्रैल ने कराया जून महीने का अहसास
Updated Tue, 01 May 2018 01:32 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
गर्मी का मौसम अप्रैल के आरंभ से ही शुरू हो जाता है, पर इस बार बीच-बीच में बारिश होने से मौसम में ठंडक बनी हुई थी। मगर पिछले दो-तीन दिनों से तापमान का पारा ऊपर की ओर चढ़ गया है। सोमवार को अधिकतम तापमान 42 डिग्री के आसपास रहा। गर्मी ने अब अपने तल्ख तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं।
सोमवार की सुबह जैसे ही सूर्य देव निकले। वैसे ही तेज धूप होने लगी। जैसे-जैसे दिन बढ़ता गया, वैसे-वैसे सूरज चढ़ता चला गया। सुबह 11 बजे ही यह हाल था कि घर से बाहर निकले लोगों को धूप सताने लगी थी। सबसे ज्यादा चिंता उन अभिभावकों को सताने लगी, जिनके बच्चे स्कूल गए थे और दोपहर बाद छुट्टी होने पर उन्हें चिलचिलाती धूप में लौटना था। अपने बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति चिंतित कई अभिभावक छाता और तौलिये लेकर स्कूल से बच्चों को लेने पहुंचे। ताकि बच्चों को सिर ढककर ला सकें।
बढ़ गई अब पेय पदार्थों की बिक्री
गर्मी बढ़ने के साथ ही अब तक ठंडा पड़ा शीतल पेय पदार्थों का व्यापार भी गर्माने लगा है। अब दुकानों पर रौनक नजर आने लगी है। ब्रांडेड कंपनियों के शीतल पेय के अलावा भारतीय संस्कृति में रची-बसी नींबू की शिकंजी, दही की लस्सी, जलजीरा की मांग भी होने लगी है।
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बहादुरगढ़।
गर्मी का मौसम अप्रैल के आरंभ से ही शुरू हो जाता है, पर इस बार बीच-बीच में बारिश होने से मौसम में ठंडक बनी हुई थी। मगर पिछले दो-तीन दिनों से तापमान का पारा ऊपर की ओर चढ़ गया है। सोमवार को अधिकतम तापमान 42 डिग्री के आसपास रहा। गर्मी ने अब अपने तल्ख तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं।
सोमवार की सुबह जैसे ही सूर्य देव निकले। वैसे ही तेज धूप होने लगी। जैसे-जैसे दिन बढ़ता गया, वैसे-वैसे सूरज चढ़ता चला गया। सुबह 11 बजे ही यह हाल था कि घर से बाहर निकले लोगों को धूप सताने लगी थी। सबसे ज्यादा चिंता उन अभिभावकों को सताने लगी, जिनके बच्चे स्कूल गए थे और दोपहर बाद छुट्टी होने पर उन्हें चिलचिलाती धूप में लौटना था। अपने बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति चिंतित कई अभिभावक छाता और तौलिये लेकर स्कूल से बच्चों को लेने पहुंचे। ताकि बच्चों को सिर ढककर ला सकें।
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बढ़ गई अब पेय पदार्थों की बिक्री
गर्मी बढ़ने के साथ ही अब तक ठंडा पड़ा शीतल पेय पदार्थों का व्यापार भी गर्माने लगा है। अब दुकानों पर रौनक नजर आने लगी है। ब्रांडेड कंपनियों के शीतल पेय के अलावा भारतीय संस्कृति में रची-बसी नींबू की शिकंजी, दही की लस्सी, जलजीरा की मांग भी होने लगी है।
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