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एनएच अधिकारियों, डीसी व किसानों की वार्ता रही बेनतीजा
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चरखी दादरी। एनएच 152 डी के तहत अधिग्रहीत जमीन का दो करोड़ प्रति एकड़ मुआवजा दिए जाने की मांग के लिए धरने पर बैठे किसानों के शिष्टमंडल की एनएच अधिकारियों व डीसी के साथ बातचीत हुई लेकिन बातचीत सिरे नहीं चढ़ पाने पर अब किसानों ने वीरवार को महिलाओं को साथ लेकर शहर में रोष प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है।
-विदित रहे गत 26 फरवरी से 17 गांवों के किसान एनएच में अधिग्रहीत जमीन का मुआवजा दो करोड़ प्रति एकड़ दिए जाने की मांग के लिए गांव रामनगर में धरने पर डटे हुए हैं। पिछले दिनो किसानों ने इस संबंध में सड़क, परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को भी लिखित में अवगत कराया था। किसानों की शिकायत पर परिवहन मंत्री ने राज्य सरकार को इस पूरे मसले की जांच करने को कहा था। इस समय किसानों का धरना एवं विरोध प्रदर्शन जारी है।
किसान सेवा संघ जिला संयोजक विनोद मौड़ी ने बताया कि किसानों की मंाग जायज है। सरकार जो मुआवजा देने की बात कह रही है वह 20 साल पुराने कलेक्टर रेट पर आधारित है जबकि आज इस जमीन की कीमत कई गुणा बढ़ चुकी है। संघ जिला संयोजक विनोद मौड़ी ने बताया कि एनएच अधिकारियों, डीसी व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बुधवार को किसानों की जो बातचीत हुई वह बेनतीजा रही। इस वार्ता में कोई निष्कर्ष नहीं निकल सका। विनोद मौड़ी ने बताया कि वीरवार को किसान महिलाओं को साथ लेकर शहर में रोष प्रदर्शन करेंगे।
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-विदित रहे गत 26 फरवरी से 17 गांवों के किसान एनएच में अधिग्रहीत जमीन का मुआवजा दो करोड़ प्रति एकड़ दिए जाने की मांग के लिए गांव रामनगर में धरने पर डटे हुए हैं। पिछले दिनो किसानों ने इस संबंध में सड़क, परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को भी लिखित में अवगत कराया था। किसानों की शिकायत पर परिवहन मंत्री ने राज्य सरकार को इस पूरे मसले की जांच करने को कहा था। इस समय किसानों का धरना एवं विरोध प्रदर्शन जारी है।
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किसान सेवा संघ जिला संयोजक विनोद मौड़ी ने बताया कि किसानों की मंाग जायज है। सरकार जो मुआवजा देने की बात कह रही है वह 20 साल पुराने कलेक्टर रेट पर आधारित है जबकि आज इस जमीन की कीमत कई गुणा बढ़ चुकी है। संघ जिला संयोजक विनोद मौड़ी ने बताया कि एनएच अधिकारियों, डीसी व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बुधवार को किसानों की जो बातचीत हुई वह बेनतीजा रही। इस वार्ता में कोई निष्कर्ष नहीं निकल सका। विनोद मौड़ी ने बताया कि वीरवार को किसान महिलाओं को साथ लेकर शहर में रोष प्रदर्शन करेंगे।
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