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70 प्रतिशत रोडवेज कर्मी हड़ताल में शामिलहने से लड़खड़ाई रोडवेज सेवाएं, पार्क के सामने हंगामा कर लोहारू जा रही बस रोकी, घसोला गां
Updated Wed, 17 Oct 2018 12:42 AM IST
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चरखी दादरी। रोडवेज कर्मचारियों की दो दिवसीय हड़ताल के पहले दिन पुलिस सुरक्षा और ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में चरखी दादरी डिपो की केवल 16 बसें की विभिन्न रूटों पर रवाना हुई। इनमें से कुछ बसोें को अन्य जिलों में रुकवा दिया गया। कुछ बसों को शहर और शहर से बाहर रोडवेज कर्मियों ने रुकवा कर हंगामा किया। बस स्टैंड से महज 100 मीटर दूर रोज गार्डन के सामने लोहारू बस लेकर जा रहे चालक से हड़ताली कर्मचारियों की बहस हुई। यहां करीब 20 मिनट तक नोकझोंक चलती रही। पुलिस को मामले में बीचबचाव करना पड़ा। वहीं, नारनौल जा रही एक बस को घसोला गांव के समीप रुकवा कर उसकी हवा निकाल दी। बसों के संचालन में व्यवधान पैदा करने पर जीएम धनराज कुंडू ने पुलिस को शिकायत सौंप दी है। इसमें आठ नामजद कर्मचारियों और आठ अन्य की संलिप्तता का जिक्र किया है।
पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर बस स्टैंड पर तीन रिजर्व कंपनी तैनात रखीं थी। मंगलवार को रोडवेज यूनियनों की हड़ताल चरखी दादरी डिपो में काफी हद तक सफल रही। पहले ही दिन डिपो मुख्यालय और लोहारू सब डिपो में ज्यादातर बसों के पहिये जाम रहे। सुबह चार से नौ बजे तक दादरी बस स्टैंड परिसर से ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार और बाढड़ा डीएसपी की मौजूदगी में 16 बसें रवाना की गईं। सूत्रों की मानें तो इनमें से 50 फीसदी बसों को तो शहर या ग्रामीण क्षेत्र में रोडवेज कर्मचारियों ने रोक लिया। इसके बाद इन बसों में सवार यात्रियों को बेहद परेशानी झेलनी पड़ी। वहीं, दादरी बस स्टैंड परिसर से सवारियां लेकर लोहारू के लिए रवाना हुई बस को रोज गार्डन के सामने कर्मचारियों ने रुकवा लिया। उक्त कर्मचारियों ने इस बस के चालक से हड़ताल में शामिल न होने पर बहस शुरू कर दी। नौबत यहां तक आ पहुंची कि कर्मचारी चालक की खिड़की खोलकर अंदर दाखिल होने लगे। तनातनी बढ़ती देख पुलिस कर्मियों ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया। ऐसी ही एक झड़प घसोला गांव के समीप हुई। दादरी बस स्टैंड से नारनौल के लिए रवाना हुई बस को कुछ कर्मचारियों ने रुकवा लिया। चालक द्वारा बस ले जाने की बात कहने पर उक्त कर्मियों ने बस की हवा निकाल दी। इसमें सवार लोग नीचे उतर गए और काफी इंतजार के बाद अपने स्तर पर ही प्रबंध कर गंतव्य की तरफ रवाना हुआ।
डिपो में हैं 146 बसें और 606 कर्मचारी
चरखी दादरी डिपो में 606 कर्मचारी कार्यरत हैं जबकि बसों की संख्या 148 हैं। इनमें से 130 बसें ही विभिन्न रूटों पर दौड़ती हैं जबकि 18 बसें वर्कशॉप में खड़ी रहती हैं। करीब 200 कर्मचारी लोहारू सब डिपो में हैं और यहां बसों की संख्या 40 हैं। वहीं, डिपो मुख्यालय में बसों की संख्या 90 है और कर्मचारियों की संख्या 404 है। वहीं, डिपो में चालकों कह संख्या 220 है जबकि परिचालक 186 हैं। मंगलवार को कुल कर्मियों में से करीब 70 प्रतिशत कर्मचारी चक्का जाम में शामिल हुए। डिपो की 130 बसें प्रतिदिन औसतन करीब 48 हजार किलोमीटर की दूरी तय करती हैं। से बसें दो दर्जन से अधिक लोकल और लंबे रूटों पर चलती हैं। मंगलवार को चक्का जाम के पहले दिन महज 16 बसें बस स्टैंड से निकलीं लेकिन सामान्य दिन की तरह दूरी तय नहीं कर पाई। 130 बसें प्रतिदिन चलने से रोडवेज को 14 लाख का राजस्व प्राप्त होता है। हड़ताल के चलते विभाग को भी यह नुकसान झेलना पड़ा। डिपो की बसों में प्रतिदिन औसतन 45 हजार यात्री सफर करते हैं। कभी इनकी संख्या 48 या 50 हजार तक भी पहुंच जाती है। मंगलवार को नाममात्र बसें ही चलने से इन यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। बस स्टैंड परिसर पर पहुंची 18 बसें रोहतक, झज्जर व नारनौल रूट पर ही चलीं। वहीं, रेलवे स्टेशन पर सामान्य से करीब 2000 यात्रियों की तादाद अधिक रही।
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70 प्रतिशत कर्मचारी हड़ताल में शामिल होने से सेवाएं जारी रखने में दिक्कतें आ रही हैं। रोज गार्डन के पास बस को जबरन रुकवाया गया था और मैंने इस संबंध में पुलिस को शिकायत दे दी है। हड़ताल को सफल करने के लिए कर्मचारी दूसरे जिलों में पहुंचकर बसें रोक रहे हैं। बस चालक या परिचालक उन्हें पहचान न सके। व्यवस्थाएं बनाने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है। - धनराज कुंडू, जीएम, रोडवेज भिवानी डिपो
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पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर बस स्टैंड पर तीन रिजर्व कंपनी तैनात रखीं थी। मंगलवार को रोडवेज यूनियनों की हड़ताल चरखी दादरी डिपो में काफी हद तक सफल रही। पहले ही दिन डिपो मुख्यालय और लोहारू सब डिपो में ज्यादातर बसों के पहिये जाम रहे। सुबह चार से नौ बजे तक दादरी बस स्टैंड परिसर से ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार और बाढड़ा डीएसपी की मौजूदगी में 16 बसें रवाना की गईं। सूत्रों की मानें तो इनमें से 50 फीसदी बसों को तो शहर या ग्रामीण क्षेत्र में रोडवेज कर्मचारियों ने रोक लिया। इसके बाद इन बसों में सवार यात्रियों को बेहद परेशानी झेलनी पड़ी। वहीं, दादरी बस स्टैंड परिसर से सवारियां लेकर लोहारू के लिए रवाना हुई बस को रोज गार्डन के सामने कर्मचारियों ने रुकवा लिया। उक्त कर्मचारियों ने इस बस के चालक से हड़ताल में शामिल न होने पर बहस शुरू कर दी। नौबत यहां तक आ पहुंची कि कर्मचारी चालक की खिड़की खोलकर अंदर दाखिल होने लगे। तनातनी बढ़ती देख पुलिस कर्मियों ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया। ऐसी ही एक झड़प घसोला गांव के समीप हुई। दादरी बस स्टैंड से नारनौल के लिए रवाना हुई बस को कुछ कर्मचारियों ने रुकवा लिया। चालक द्वारा बस ले जाने की बात कहने पर उक्त कर्मियों ने बस की हवा निकाल दी। इसमें सवार लोग नीचे उतर गए और काफी इंतजार के बाद अपने स्तर पर ही प्रबंध कर गंतव्य की तरफ रवाना हुआ।
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डिपो में हैं 146 बसें और 606 कर्मचारी
चरखी दादरी डिपो में 606 कर्मचारी कार्यरत हैं जबकि बसों की संख्या 148 हैं। इनमें से 130 बसें ही विभिन्न रूटों पर दौड़ती हैं जबकि 18 बसें वर्कशॉप में खड़ी रहती हैं। करीब 200 कर्मचारी लोहारू सब डिपो में हैं और यहां बसों की संख्या 40 हैं। वहीं, डिपो मुख्यालय में बसों की संख्या 90 है और कर्मचारियों की संख्या 404 है। वहीं, डिपो में चालकों कह संख्या 220 है जबकि परिचालक 186 हैं। मंगलवार को कुल कर्मियों में से करीब 70 प्रतिशत कर्मचारी चक्का जाम में शामिल हुए। डिपो की 130 बसें प्रतिदिन औसतन करीब 48 हजार किलोमीटर की दूरी तय करती हैं। से बसें दो दर्जन से अधिक लोकल और लंबे रूटों पर चलती हैं। मंगलवार को चक्का जाम के पहले दिन महज 16 बसें बस स्टैंड से निकलीं लेकिन सामान्य दिन की तरह दूरी तय नहीं कर पाई। 130 बसें प्रतिदिन चलने से रोडवेज को 14 लाख का राजस्व प्राप्त होता है। हड़ताल के चलते विभाग को भी यह नुकसान झेलना पड़ा। डिपो की बसों में प्रतिदिन औसतन 45 हजार यात्री सफर करते हैं। कभी इनकी संख्या 48 या 50 हजार तक भी पहुंच जाती है। मंगलवार को नाममात्र बसें ही चलने से इन यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। बस स्टैंड परिसर पर पहुंची 18 बसें रोहतक, झज्जर व नारनौल रूट पर ही चलीं। वहीं, रेलवे स्टेशन पर सामान्य से करीब 2000 यात्रियों की तादाद अधिक रही।
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70 प्रतिशत कर्मचारी हड़ताल में शामिल होने से सेवाएं जारी रखने में दिक्कतें आ रही हैं। रोज गार्डन के पास बस को जबरन रुकवाया गया था और मैंने इस संबंध में पुलिस को शिकायत दे दी है। हड़ताल को सफल करने के लिए कर्मचारी दूसरे जिलों में पहुंचकर बसें रोक रहे हैं। बस चालक या परिचालक उन्हें पहचान न सके। व्यवस्थाएं बनाने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है। - धनराज कुंडू, जीएम, रोडवेज भिवानी डिपो