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पत्रकारों पर नहीं रोहिग्यांओं ने किया देश के लोकतंत्र पर हमला: छिल्लर
Updated Thu, 15 Mar 2018 12:55 AM IST
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पत्रकारों पर नहीं रोहिंग्या ने किया है देश के लोकतंत्र पर हमला : छिल्लर
अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। सेवानिवृत्त मुख्याध्यापक महावीर सिंह छिल्लर ने प्रेस बयान में कहा कि आज जम्मू-कश्मीर में बसे हुए इन रोहिंग्याओं की हिम्मत व हौसले इतने बढ़ चुके है कि लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माने जाने वाले पत्रकारों पर सीधा हमला कर उन्हें भगा रहे हैं। कल यह दुस्साहस इतना बढ़ सकता है कि यही रोहिंग्या पुलिस और सेना पर भी आक्रमण पर उतर आएं। मानवता के नाते जिन्हें शरण दी गई थी वे ही आज देश व नागरिकों पर हमला कर रहे हैं। इसे बिल्कुल सहन नहीं किया जा सकता। इस एक कदम को केवल एक हमला भर न समझा जाएं बल्कि हो सकता है कि उनके पीछे कोई विदेशी ताकत अपना खेल खेल रही हो। जिसकी शह पाकर ही आज उनका साहस इस हद तक बढ़ चुका है। इसलिए सरकार को चाहिए कि इस गंभीर समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर तुरंत करे। जल्द ही अगर इस स्थिति से उचित तरीके से निपटा न गया तो हो सकता है कि देश व सैनिकों को इसका खामियाजा भुगतना पड़े।
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। सेवानिवृत्त मुख्याध्यापक महावीर सिंह छिल्लर ने प्रेस बयान में कहा कि आज जम्मू-कश्मीर में बसे हुए इन रोहिंग्याओं की हिम्मत व हौसले इतने बढ़ चुके है कि लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माने जाने वाले पत्रकारों पर सीधा हमला कर उन्हें भगा रहे हैं। कल यह दुस्साहस इतना बढ़ सकता है कि यही रोहिंग्या पुलिस और सेना पर भी आक्रमण पर उतर आएं। मानवता के नाते जिन्हें शरण दी गई थी वे ही आज देश व नागरिकों पर हमला कर रहे हैं। इसे बिल्कुल सहन नहीं किया जा सकता। इस एक कदम को केवल एक हमला भर न समझा जाएं बल्कि हो सकता है कि उनके पीछे कोई विदेशी ताकत अपना खेल खेल रही हो। जिसकी शह पाकर ही आज उनका साहस इस हद तक बढ़ चुका है। इसलिए सरकार को चाहिए कि इस गंभीर समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर तुरंत करे। जल्द ही अगर इस स्थिति से उचित तरीके से निपटा न गया तो हो सकता है कि देश व सैनिकों को इसका खामियाजा भुगतना पड़े।