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ईंट भट्ठा से 32 बंधुआ मजदूरों की कराई घर वापसी
Updated Fri, 09 Feb 2018 02:00 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बादली (ब्यूरो)।
मजदूरों को बंधुआ बनाकर काम करने वाली इकाईयां क्षेत्र में स्थापित हैं। आए दिन कोई न कोई मामला उजागर हो रहा है। सबसे ज्यादा मामले ईंट भट्ठों पर देखने को मिल रहे हैं। पिछले तीन माह में प्रशासन काफी संख्या में बंधुआ मजदूरों की सहायता करके उन्हें घर वापस भेज चुका है। वीरवार को भी प्रशासन की ओर से नोडल अधिकारी के तौर पर नायब तहसीलदार अजय कुमार ने ईंट भट्ठे से 32 मजूदरों को घर भिजवाया।
दो दिन पहले गोयला कलां गांव स्थित डीबीसी भट्ठा कंपनी के मजदूर अनिल पुत्र किशन निवासी पंचदेवरी बुलंदशहर उत्तर प्रदेश ने झज्जर में जिला उपायुक्त को शिकायत दी थी कि उसके परिवार सहित पांच बच्चों और आठ अन्य परिवारों को भट्ठा मालिक द्वारा बंधुआ बनाया गया है। उन्हें उनके गांव जाने से रोका जा रहा है। मालिक की ओर से उन्हें कई माह को मेहनताना भी नहीं दिया गया। कई माह से इलाज या अन्य खर्चे के लिए उन्हें पैसे नहीं दिए जा रहे हैं।
इसके बाद नायब तहसीलदार अजय कुमार ने ईंट भट्ठे का औचक निरीक्षण किया। जहां पर मिले बंधुआ परिवारों को भट्ठा मालिक से मुक्त कराकर उन्हें उनके गांव के लिए रवाना कराया।
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मामले के अनुसार नायब तहसीलदार अजय कुमार को जिला उपायुक्त से मिले आदेशों के आधार पर श्रमिकों की शिकायत पर कार्रवाई के लिए टीम का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया। इस दौरान थाना सदर बहादुरगढ़ की टीम और लेबर इंस्पेक्टर भी मौजूद रहे। इस दौरान बंधुआ मजदूरों में 12 बच्चे भी मिले।
नोडल अधिकारी
नोडल अधिकारी नायब तहसीलदार अजय कुमार ने बताया कि सभी परिवारों के 32 सदस्यों को भट्ठा मालिक के चुंगल से निकालकर उनके घर भिजवा दिया गया है। इससे पहले श्रमिकों को मेहनताना भी मालिक से दिलवाया गया। फिलहाल भट्ठा मालिक के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
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बादली (ब्यूरो)।
मजदूरों को बंधुआ बनाकर काम करने वाली इकाईयां क्षेत्र में स्थापित हैं। आए दिन कोई न कोई मामला उजागर हो रहा है। सबसे ज्यादा मामले ईंट भट्ठों पर देखने को मिल रहे हैं। पिछले तीन माह में प्रशासन काफी संख्या में बंधुआ मजदूरों की सहायता करके उन्हें घर वापस भेज चुका है। वीरवार को भी प्रशासन की ओर से नोडल अधिकारी के तौर पर नायब तहसीलदार अजय कुमार ने ईंट भट्ठे से 32 मजूदरों को घर भिजवाया।
दो दिन पहले गोयला कलां गांव स्थित डीबीसी भट्ठा कंपनी के मजदूर अनिल पुत्र किशन निवासी पंचदेवरी बुलंदशहर उत्तर प्रदेश ने झज्जर में जिला उपायुक्त को शिकायत दी थी कि उसके परिवार सहित पांच बच्चों और आठ अन्य परिवारों को भट्ठा मालिक द्वारा बंधुआ बनाया गया है। उन्हें उनके गांव जाने से रोका जा रहा है। मालिक की ओर से उन्हें कई माह को मेहनताना भी नहीं दिया गया। कई माह से इलाज या अन्य खर्चे के लिए उन्हें पैसे नहीं दिए जा रहे हैं।
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इसके बाद नायब तहसीलदार अजय कुमार ने ईंट भट्ठे का औचक निरीक्षण किया। जहां पर मिले बंधुआ परिवारों को भट्ठा मालिक से मुक्त कराकर उन्हें उनके गांव के लिए रवाना कराया।
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मामले के अनुसार नायब तहसीलदार अजय कुमार को जिला उपायुक्त से मिले आदेशों के आधार पर श्रमिकों की शिकायत पर कार्रवाई के लिए टीम का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया। इस दौरान थाना सदर बहादुरगढ़ की टीम और लेबर इंस्पेक्टर भी मौजूद रहे। इस दौरान बंधुआ मजदूरों में 12 बच्चे भी मिले।
नोडल अधिकारी
नोडल अधिकारी नायब तहसीलदार अजय कुमार ने बताया कि सभी परिवारों के 32 सदस्यों को भट्ठा मालिक के चुंगल से निकालकर उनके घर भिजवा दिया गया है। इससे पहले श्रमिकों को मेहनताना भी मालिक से दिलवाया गया। फिलहाल भट्ठा मालिक के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।