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बच्चों की उचित मांगों को ही अभिभावक करें पूरा: डॉ. अनुपमा
Updated Sun, 04 Feb 2018 12:09 AM IST
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बच्चों की उचित मांगों को ही अभिभावक करें पूरा: डॉ. अनुपमा
अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
बरसाना मोड़ स्थित एसईडी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय प्रांगण में काउंसिलिंग सत्र का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मनोवैज्ञानिक डॉ. अनुपमा मनोकारिया ने बच्चों की समस्याओं के निदान के लिए शिक्षकों और अभिभावकों को दिशा-निर्देश दिए। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि, विद्यालय के चेयरमैन डॉ. जसवंत सहारण, स्वामी प्रकाश मुनि, निदेशक मुकेश जाखड़, नटखट प्ले स्कूल के निदेशक युद्धवीर सिवाच, मुख्य अध्यापिका सोनिका जैन ने मां सरस्वती की प्रतिमा समक्ष दीप प्रज्वलित करके की। डॉ. अनुपमा ने कहा कि एक विद्यार्थी जीवन के लिए उसका परिवार, समाज एवं अध्यापक सबसे अहम भूमिका निभाते हैं। इनसे विद्यार्थी को जीवन भर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। डॉ. मनकोरिया ने कहा कि बच्चों में अच्छी आदतों का विकास करना चाहिए और उनकी उचित मांगों को पूरा किया जाना चाहिए। आज के युग में तकनीकों के माध्यम से सीख दी जा रही है जिससे बच्चे बहुत जल्दी सीखते व समझते है। बच्चों का स्वयं अनुभव होना जरूरी है। बच्चों का बेहतरीन बनाने के लिए घर पर भी समय-सारणी बनाना जरूरी है।
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
बरसाना मोड़ स्थित एसईडी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय प्रांगण में काउंसिलिंग सत्र का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मनोवैज्ञानिक डॉ. अनुपमा मनोकारिया ने बच्चों की समस्याओं के निदान के लिए शिक्षकों और अभिभावकों को दिशा-निर्देश दिए। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि, विद्यालय के चेयरमैन डॉ. जसवंत सहारण, स्वामी प्रकाश मुनि, निदेशक मुकेश जाखड़, नटखट प्ले स्कूल के निदेशक युद्धवीर सिवाच, मुख्य अध्यापिका सोनिका जैन ने मां सरस्वती की प्रतिमा समक्ष दीप प्रज्वलित करके की। डॉ. अनुपमा ने कहा कि एक विद्यार्थी जीवन के लिए उसका परिवार, समाज एवं अध्यापक सबसे अहम भूमिका निभाते हैं। इनसे विद्यार्थी को जीवन भर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। डॉ. मनकोरिया ने कहा कि बच्चों में अच्छी आदतों का विकास करना चाहिए और उनकी उचित मांगों को पूरा किया जाना चाहिए। आज के युग में तकनीकों के माध्यम से सीख दी जा रही है जिससे बच्चे बहुत जल्दी सीखते व समझते है। बच्चों का स्वयं अनुभव होना जरूरी है। बच्चों का बेहतरीन बनाने के लिए घर पर भी समय-सारणी बनाना जरूरी है।