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दो वर्षों में आई रेलवे ट्रैक पर आत्महत्या करने वालों में कमी, बढ़ी रेल दुर्घटनाएं
Updated Thu, 02 Nov 2017 01:19 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
दिल्ली-रोहतक के बीच रेलवे लाइन दुर्घटनाओं और आत्महत्याओं के लिए बदनाम हो गई है। पिछले दो वर्ष के दौरान जहां आत्महत्या करने वालों में कमी आई है वहीं रेल दुर्घटनाओं के मामले बढ़ गए हैं। खास बात यह है कि जीआरपी और आरपीएफ की लाख कोशिशों के बावजूद रेलवे दुर्घटनाओं पर रोक नहीं लग पा रही है। जीआरपी से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार करीब चार सालों में रेलवे दुर्घटनाओं में 337 की मौत हुई है। इनमें 73 लोग आत्महत्या करने वाले हैं।
जीआरपी से मिले आंकड़ों के अनुसार पिछले दो वर्षों में आत्महत्या के केसों में कमी आई है। पिछले चार वर्ष के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो 2014 में जहां 22 लोगों ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या की। वहीं, साल 2015 में यह आंकड़ा बढ़कर 33 पर पहुंच गया था। 2016 में आत्महत्या करने वालों का आंकड़ा एकदम आधा हो गया है और अब वर्ष 2017 में यह आंकड़ा 2016 के मुकाबले और आधा हो गया है। रेलवे स्टेशन पर हत्याओं की वारदातें भी होने लगी हें। पिछले तीन वर्षों में सात हत्याएं हुई हैं। बता दें कि साल 2017 में दो हत्याएं हुई है। इससे पहले भी पांच हत्याएं हो चुकी हैं।
यहां होती हैं ज्यादा दुर्घटना
जीआरपी अधिकारियों के अनुसार बहादुरगढ़ में सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं बहादुरगढ़ की ओर से रोहतक जाने वाले रास्ते पर होती हैं। 80 प्रतिशत दुर्घटनाएं अब तक इसी स्थान पर हुई हैं। इसका सबसे बड़ा कारण रेलवे लाइन के किनारे कॉलोनी होना है। इसके अलावा दिल्ली की तरफ बहादुरगढ़ की सीमा केवल दो-ढाई किलोमीटर की है।
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क्या कहते हैं अधिकारी
जीआरपी थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए जीआरपी तत्पर है। इसके चलते समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। ट्रेनों के अंदर आपराधिक लोगों पर निगरानी रखने के लिए जीआरपी के जवान सफर करते हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को ट्रैक पार करते समय कई जागरूकता रखनी होगी।
जीआरपी द्वारा प्राप्त रेलवे दुर्घटनाओं के आंकड़े
साल पुरुष महिला बच्चे रेलवे दुर्घटना आत्महत्या कुदरती शिनाख्त शिनाख्त नहीं हुई
2014 70 5 5 52 22 3 67 14
2015 73 15 7 53 33 8 79 16
2016 76 6 4 58 19 9 70 16
2017 68 6 2 54 9 8 53 13
कुल मौत
साल मृतकों की संख्या
2014 80
2015 95
2016 86
2017 76 अब तक
- चार वर्षों में हुई कुल 337 लोगों की मौत, 73 लोगों ने किया सुसाइड
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बहादुरगढ़।
दिल्ली-रोहतक के बीच रेलवे लाइन दुर्घटनाओं और आत्महत्याओं के लिए बदनाम हो गई है। पिछले दो वर्ष के दौरान जहां आत्महत्या करने वालों में कमी आई है वहीं रेल दुर्घटनाओं के मामले बढ़ गए हैं। खास बात यह है कि जीआरपी और आरपीएफ की लाख कोशिशों के बावजूद रेलवे दुर्घटनाओं पर रोक नहीं लग पा रही है। जीआरपी से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार करीब चार सालों में रेलवे दुर्घटनाओं में 337 की मौत हुई है। इनमें 73 लोग आत्महत्या करने वाले हैं।
जीआरपी से मिले आंकड़ों के अनुसार पिछले दो वर्षों में आत्महत्या के केसों में कमी आई है। पिछले चार वर्ष के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो 2014 में जहां 22 लोगों ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या की। वहीं, साल 2015 में यह आंकड़ा बढ़कर 33 पर पहुंच गया था। 2016 में आत्महत्या करने वालों का आंकड़ा एकदम आधा हो गया है और अब वर्ष 2017 में यह आंकड़ा 2016 के मुकाबले और आधा हो गया है। रेलवे स्टेशन पर हत्याओं की वारदातें भी होने लगी हें। पिछले तीन वर्षों में सात हत्याएं हुई हैं। बता दें कि साल 2017 में दो हत्याएं हुई है। इससे पहले भी पांच हत्याएं हो चुकी हैं।
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यहां होती हैं ज्यादा दुर्घटना
जीआरपी अधिकारियों के अनुसार बहादुरगढ़ में सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं बहादुरगढ़ की ओर से रोहतक जाने वाले रास्ते पर होती हैं। 80 प्रतिशत दुर्घटनाएं अब तक इसी स्थान पर हुई हैं। इसका सबसे बड़ा कारण रेलवे लाइन के किनारे कॉलोनी होना है। इसके अलावा दिल्ली की तरफ बहादुरगढ़ की सीमा केवल दो-ढाई किलोमीटर की है।
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क्या कहते हैं अधिकारी
जीआरपी थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए जीआरपी तत्पर है। इसके चलते समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। ट्रेनों के अंदर आपराधिक लोगों पर निगरानी रखने के लिए जीआरपी के जवान सफर करते हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को ट्रैक पार करते समय कई जागरूकता रखनी होगी।
जीआरपी द्वारा प्राप्त रेलवे दुर्घटनाओं के आंकड़े
साल पुरुष महिला बच्चे रेलवे दुर्घटना आत्महत्या कुदरती शिनाख्त शिनाख्त नहीं हुई
2014 70 5 5 52 22 3 67 14
2015 73 15 7 53 33 8 79 16
2016 76 6 4 58 19 9 70 16
2017 68 6 2 54 9 8 53 13
कुल मौत
साल मृतकों की संख्या
2014 80
2015 95
2016 86
2017 76 अब तक
- चार वर्षों में हुई कुल 337 लोगों की मौत, 73 लोगों ने किया सुसाइड