फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jhajjar/Bahadurgarh News ›   परिषद कर्मियों ने दी सड़कों पर उतरने की चेतावनी तो दूसरे पक्ष ने किया सिटी थाने में हंगामा

परिषद कर्मियों ने दी सड़कों पर उतरने की चेतावनी तो दूसरे पक्ष ने किया सिटी थाने में हंगामा

Sun, 30 Sep 2018 02:00 AM IST
Updated Sun, 30 Sep 2018 02:00 AM IST
विज्ञापन
परिषद कर्मियों ने दी सड़कों पर उतरने की चेतावनी तो दूसरे पक्ष ने किया सिटी थाने में हंगामा

विज्ञापन
बहादुरगढ़। भाजपा के मनोनीत पार्षद और नगर परिषद कर्मचारियों के बीच चल रहा विवाद गरमाता जा रहा है। शनिवार को लगातार दूसरे दिन परिषद के सफाई कर्मी पार्षद की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरने पर रहे, वहीं पार्षद के समर्थक एवं रेहड़ी संचालकों ने सिटी थाने में हंगामा खड़ा कर दिया। इन लोगों ने परिषद के अधिकारियों और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। उधर, दूसरी तरफ शहर के कई पार्षदों ने मनोनीत पार्षद की गिरफ्तारी की मांग को लेकर एसपी झज्जर को एसडीएम के मार्फत ज्ञापन देकर सामूहिक इस्तीफा देने की चेतावनी दी है।

दूसरे दिन भी जारी रहा धरना
कर्मचारियों और पार्षद के बीच 27 सितंबर की शाम को विवाद हुआ था। इसी रात को पार्षद व एक अन्य के खिलाफ एससीएसटी एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ। पार्षद की गिरफ्तारी न होने पर शुक्रवार को सफाई कर्मियों ने नगर परिषद के गेट पर धरना शुरू कर दिया था। शनिवार की सुबह फिर से दूसरे दिन भी कर्मचारियों ने काम छोड़कर गेट पर धरना दे दिया। धरने की अध्यक्षता इकाई सचिव राजपाल ने की, जबकि संचालन जिला प्रधान राजेंद्र तुषामड़ ने किया। बिजली निगम, पीडब्ल्यूडी, अग्निश्मन विभाग, नहरी विभाग, मिड डे मील सहित कई विभागों के कर्मचारी नेताओं ने सफाई कर्मियों के धरने को समर्थन दिया है।
विज्ञापन


...तो जिले में सड़कों पर उतरेंगे कर्मचारी
धरने पर पहुंचे सर्वकर्मचारी संघ के जिला प्रधान जयपाल ने कहा कि कर्मचारी तो अधिकारियों के आदेशों पर काम करता है। आदेशों की पालना के दौरान कर्मचारी से मारपीट होती है और अधिकारी ही समझौते के लिए दबाव बनाए तो यह बेहद निंदनीय है। संघ कर्मचारी के साथ हुए इस व्यवहार पर चुप नहीं बैठेगा। पुलिस आरोपी को गिरफ्तार करे। प्रधान राजेंद्र ने कहा कि यदि रविवार शाम तक पार्षद राजपाल शर्मा उर्फ पालेराम को गिरफ्तार नहीं किया जाता है तो संघ की ओर से सोमवार को बहादुरगढ़, बेरी, झज्जर में कर्मचारी सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे। इसकी पूर्णत: जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


दूसरे पक्ष ने सिटी थाने में किया हंगामा
उधर, दूसरे पक्ष में भी नगर परिषद के अधिकारियों के प्रति रोष देखने को मिल रहा है। शनिवार की सुबह कुछ रेहड़ी संचालक व पार्षद के समर्थक कई लोग सिटी थाने में पहुंचे और जमकर हंगामा किया। अधिकांश पुलिस कर्मी सीएम ड्यूटी पर झज्जर गए हुए थे, इसी के चलते करीब एक घंटे तक ये लोग थाने में डटे रहे। कुछ रेहड़ी संचालकों ने नगर परिषद के अधिकारियों पर मारपीट करने व परेशान करने के आरोप लगाए। मुकेश, पवन और रवींद्र आदि ने कहा कि परिषद के अधिकारी कार्रवाई के नाम पर उन्हें परेशान करते हैं। 27 सितंबर को भी नप के ईओ का ड्राइवर व सतपाल सैनी उनसे सामान लेने के लिए आए थे। विरोध किया तो शाम को आकर ट्राली में सामान भर लिए। रेहड़ी वालों को जातिसूचक शब्द कहे। इस मामले में उन्होंने उसी शाम को शिकायत दी थी, लेकिन पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। कार्रवाई करने के बजाय बीच बचाव के लिए आए लोगों पर ही केस दर्ज कर दिया। वे रेहड़ी लगाकर अपने परिवार का पोषण कर रहे हैं, उनका रोजगार ही नहीं रहा तो कैसे गुजारा करेंगे। प्रशासन इस ओर ध्यान दे और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करे। मौके पर सिटी एसएचओ द्वारा शिकायत लेने व उचित आश्वासन देने के बाद ही ये लोग शांत होकर वापस लौटे। थाना प्रभारी सुरेंद्र कुमार ने कहा कि जो शिकायत ले ली है, जांच की जा रही है।


..तो पार्षद देंगे इस्तीफा!
मनोनीत पार्षद और कर्मचारियों के बीच चल रहे इस विवाद में राजनीतिक लोग भी उतर आए हैं। कुछेक मनोनीत पार्षद व सत्ता पक्ष के नेता पार्षद के पक्ष में हैं तो नगर परिषद के लगभग 25 वार्ड पार्षद कर्मचारियों के समर्थन में उतरे हुए हैं। बताते हैं कि शनिवार की शाम को परिषद में पार्षदों की मीटिंग हुई। इस मीटिंग में पार्षदों के बीच सामूहिक इस्तीफा देने की चर्चा हुई। इसके बाद ये तमाम पार्षद सदर थाने में आए एसपी से मिले। पार्षदों ने एसपी के मार्फत उपायुक्त को ज्ञापन देकर सामूहिक इस्तीफा देने की चेतावनी दी। पार्षद संघ के प्रधान समुंद्र सहवाग ने कहा कि सरकार द्वारा मनोनीत उक्त पार्षद पहले भी लगातार विवादों में रहा है। इस बार कर्मचारी के साथ मारपीट की गई। तमाम पार्षद कर्मचारियों के साथ है। जब तक मनोनीत पार्षद की गिरफ्तारी नहीं होती तब तक वे कर्मचारियों के साथ डटे रहेंगे। या तो पार्षद को गिरफ्तार किया जाए या उनका इस्तीफा मंजूर किया जाए। बता दें कि बहादुरगढ़ में 31 पार्षद हैं, जबकि तीन मनोनीत पार्षद हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed