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सिविल अस्पताल में रातभर रहा ब्लैक आउट
Updated Thu, 02 Aug 2018 12:53 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
शहर के सिविल अस्पताल की बिजली सप्लाई में रात को अचानक फॉल्ट आने से रातभर मरीज और उनके परिजन गर्मी से परेशान रहे। 14 घंटे बाद बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी।
नए सिविल अस्पताल में बड़ी बिल्डिंग और चिकित्सा संबंधी मशीनें मुहैया हैं, लेकिन इन्हें संचालित करने के लिए बिजली की समुचित व्यवस्था नहीं है। अस्पताल में बड़ी क्षमता के जनरेटर की जरूरत है, लेकिन मौजूदा जनरेटर भी बंद पड़ा है। जिसकी वजह से मरीजों परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मरी रहे परेशान
शहर के सिविल अस्पताल में मंगलवार रात 10 बजे बत्ती गुल हो गई थी। जिसके बाद वार्ड में उपचाराधीन मरीजों को पूरी रात मच्छरों से परेशान होना पड़ा। मरीज बुधवार दोपहर 12 बजे तक परेशान रहे। मरीजों के परिजन वार्डों में बैठकर अखबार और कपड़े आदि से हवा करते देखे गए। वहीं कुछ मरीज गर्मी से निजात पाने के लिए अस्पताल के मुख्य गेट के पास बैठे नजर आए। इसके अलावा बिजली न आने के कारण अस्पताल में लगे वाटर कूलर और टॉयलेट तक में पानी की सप्लाई नहीं हो सकी। ऐसे हालात में मरीजों और उनके परिजनों को बेहद मुश्किलों का सामना करना पड़ा। वे बार-बार कर्मचारियों से बिजली न आने की शिकायत करते रहे, मगर उनकी किसी ने भी नहीं सुनीं। उमस के कारण परेशान मरीज रात और दिन गर्मी से परेशान रहे।
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अस्पताल में उपचाराधीन राजेंद्र सिंह, सुनीता, ममता, लक्ष्मी, मंजू देवी, रीना, मंजू और सुमित्रा आदि ने बताया कि मंगलवार रात 10 बजे अस्पताल की बिजली गुल हुई थी। जिसके बाद वार्डों में अंधेरा छा गया और उन्हें पूरी रात तंग होना पड़ा। उन्होंने बताया कि इस बारे में जब अस्पताल कर्मियों से बात की गई तो उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। मरीजों ने बताया कि वे अपने स्वास्थ्य की बेहतरी के लिए अस्पताल में उपचार लेने
आए थे लेकिन यहां की व्यवस्था से तो उनकी परेशानी और बढ़ गई।
सिविल अस्पताल की बिजली सप्लाई में फॉल्ट आने के कारण लाइट बंद हो गई थी। बिजली आपूर्ति को दोपहर 12 बजे तक ठीक कर दिया गया।
-कुलदीप सिंह, एसडीओ बिजली निगम
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चरखी दादरी।
शहर के सिविल अस्पताल की बिजली सप्लाई में रात को अचानक फॉल्ट आने से रातभर मरीज और उनके परिजन गर्मी से परेशान रहे। 14 घंटे बाद बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी।
नए सिविल अस्पताल में बड़ी बिल्डिंग और चिकित्सा संबंधी मशीनें मुहैया हैं, लेकिन इन्हें संचालित करने के लिए बिजली की समुचित व्यवस्था नहीं है। अस्पताल में बड़ी क्षमता के जनरेटर की जरूरत है, लेकिन मौजूदा जनरेटर भी बंद पड़ा है। जिसकी वजह से मरीजों परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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मरी रहे परेशान
शहर के सिविल अस्पताल में मंगलवार रात 10 बजे बत्ती गुल हो गई थी। जिसके बाद वार्ड में उपचाराधीन मरीजों को पूरी रात मच्छरों से परेशान होना पड़ा। मरीज बुधवार दोपहर 12 बजे तक परेशान रहे। मरीजों के परिजन वार्डों में बैठकर अखबार और कपड़े आदि से हवा करते देखे गए। वहीं कुछ मरीज गर्मी से निजात पाने के लिए अस्पताल के मुख्य गेट के पास बैठे नजर आए। इसके अलावा बिजली न आने के कारण अस्पताल में लगे वाटर कूलर और टॉयलेट तक में पानी की सप्लाई नहीं हो सकी। ऐसे हालात में मरीजों और उनके परिजनों को बेहद मुश्किलों का सामना करना पड़ा। वे बार-बार कर्मचारियों से बिजली न आने की शिकायत करते रहे, मगर उनकी किसी ने भी नहीं सुनीं। उमस के कारण परेशान मरीज रात और दिन गर्मी से परेशान रहे।
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अस्पताल में उपचाराधीन राजेंद्र सिंह, सुनीता, ममता, लक्ष्मी, मंजू देवी, रीना, मंजू और सुमित्रा आदि ने बताया कि मंगलवार रात 10 बजे अस्पताल की बिजली गुल हुई थी। जिसके बाद वार्डों में अंधेरा छा गया और उन्हें पूरी रात तंग होना पड़ा। उन्होंने बताया कि इस बारे में जब अस्पताल कर्मियों से बात की गई तो उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। मरीजों ने बताया कि वे अपने स्वास्थ्य की बेहतरी के लिए अस्पताल में उपचार लेने
आए थे लेकिन यहां की व्यवस्था से तो उनकी परेशानी और बढ़ गई।
सिविल अस्पताल की बिजली सप्लाई में फॉल्ट आने के कारण लाइट बंद हो गई थी। बिजली आपूर्ति को दोपहर 12 बजे तक ठीक कर दिया गया।
-कुलदीप सिंह, एसडीओ बिजली निगम