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Haryana: मानेसर भूमि घोटाले में हुड्डा की बढ़ेगी मुश्किलें, ट्रायल पर लगी रोक हटाने की याचिका पर 27 को सुनवाई

Sun, 12 Jan 2025 09:10 AM IST
नवीन दलाल अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़ Published by: नवीन दलाल Updated Sun, 12 Jan 2025 09:10 AM IST
सार

हाईकोर्ट के समक्ष अपनी याचिका में अरोड़ा ने दावा किया था सीबीआई अदालत ने गलत तरीके से सीबीआई को उनके खिलाफ कथित अपराध सामग्री को मंजूरी देने वाले प्राधिकारी के समक्ष रखने और उनके अभियोजन के लिए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 19 के तहत मंजूरी लेने का निर्देश दिया है।

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Hooda troubles will increase in Manesar land scam in Haryana
पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा। - फोटो : ANI

विस्तार

मानेसर भूमि घोटाले में आरोपी पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा समेत अन्य आरोपियों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। इस मामले के ट्रायल पर चार साल से लगी रोक 27 जनवरी के बाद हट सकती है। दरअसल, सीबीआई ने अदालत से ट्रायल पर रोक हटाने की याचिका पर सुनवाई के लिए अनुरोध किया था, ताकि इस पर सुनवाई कर इसका निपटारा किया जा सके। हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई 27 जनवरी तय करते हुए यह स्पष्ट कर दिया कि अब अगली तारीख नहीं दी जाएगी। सभी पक्ष अपनी अंतिम दलील देने के लिए तैयार रहें। उधर, पंचकूला औद्योगिक प्लाॅट घोटाले में भी ट्रायल पर रोक हटाने के लिए ईडी ने हाईकोर्ट का रुख किया है। दोनों ही मामलों में ट्रायल शुरू होते ही पूर्व सीएम हुड्डा मुश्किल में आ सकते हैं। वहीं, इस मामले में पूर्व सीएम व पार्टी के मीडिया प्रभारी ने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया है।

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मानेसर घोटाले में पूर्व सीएम हुड्डा मुख्य आरोपियों में से एक हैं। इस मामले में राज्य के पूर्व गृह सचिव राजीव अरोड़ा, एसएस ढिल्लों, छतर सिंह, एमएल तायल व कुछ बिल्डरों का नाम भी शामिल हैं। एक दिसंबर, 2020 को तत्कालीन विशेष सीबीआई न्यायाधीश पंचकूला जगदीप सिंह ने पूर्व गृह सचिव राजीव अरोड़ा को अतिरिक्त आरोपी के रूप में मुकदमे का सामना करने के लिए बुलाया था। इनके खिलाफ इन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर दी थी।
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हाईकोर्ट के समक्ष अपनी याचिका में अरोड़ा ने दावा किया था सीबीआई अदालत ने गलत तरीके से सीबीआई को उनके खिलाफ कथित अपराध सामग्री को मंजूरी देने वाले प्राधिकारी के समक्ष रखने और उनके अभियोजन के लिए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 19 के तहत मंजूरी लेने का निर्देश दिया है। दिसंबर 2020 में इनकी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने ट्रायल पर रोक लगा दी थी। यह सभी याचिकाएं हाईकोर्ट में तभी से विचाराधीन हैं। सीबीआई के वकील रवि कमल गुप्ता ने अदालत से सुनवाई की तारीख तय करने का अनुरोध किया ताकि पिछले चार वर्षों से जो रोक लगी हुई है, उस पर अंतिम सुनवाई और निपटारा किया हो सके।
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अंतिम बहस के लिए 27 को तय होगी तारीख
अब चार साल बाद हाईकाेर्ट ने इस मामले में ट्रायल को लेकर अंतिम बहस के लिए 27 जनवरी की तारीख तय की है। अगली तारीख से पहले सभी पक्ष अदालत को अपनी लिखित दलीलें पेश करेंगे, जिसकी कॉपी सीबीआई के वकील को पहले से ही भेजनी होगी। सीबीआई के स्थायी वकील भी प्रत्येक याचिकाकर्ता के बारे में लिखित दलीलें रिकॉर्ड पर रखेंगे और उसकी कॉपी विपक्षी वकील को पहले से ही भेजनी होगी।

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