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ग्रामीण अंचल से भी सहमति संबंध के चिंताजनक मामले सामने आ रहे : रेनू
Tue, 05 May 2026 01:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Tue, 05 May 2026 01:26 AM IST
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हांसी में शिकायतें सुनती हुईं राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया।
हांसी। सहमति संबंध की वजह से शहर के अलावा ग्रामीण अंचल से भी चिंताजनक मामले सामने आ रहे हैं। यह बात हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने स्थानीय विश्राम गृह में पत्रकारवार्ता के दौरान कही।
इस दौरान उन्होंने कहा कि महिलाओं का हम सहयोग करने का प्रयास करते हैं लेकिन हांसी में दो मामलों ने उन्हें दुख दिया जो महिलाओं के रिश्तों को अपमानित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दो मामलों में पुरुषों के हितों में सुनवाई की गई। पहले कहा जाता था कि लड़कियां जब शहर चली जाती हैं तो वह लड़की बिगड़ जाती है। लेकिन हांसी जैसे छोटे जिलों व ग्रामीण क्षेत्रों में लिव इन रिलेशनशिप से प्रभावित मामले आ रहे हैं।
एक 48 वर्षीय महिला का 26 वर्षीय युवक से संबंध था। जबकि महिला चार बच्चों की मां है। एक अन्य मामले में देखा गया कि पति-पत्नी अलग रहते हैं व दोनों अपने बच्चों को एक दूसरे के खिलाफ मिसगाइड करते हैं।
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इस मामले में दादा-दादी को उनका घर दिलवाया व उनकी बेटी को दादा-दादी के पास रहने का निर्देश दिए। भाटिया ने कहा कि गांव में संस्कार हैं लेकिन आजकल के मामलों को देख कर लगता नहीं है। सशक्तीकरण के नाम पर खुद को आजाद रहने की बात कहकर अलग रहना पसंद करती हैं। जो महिलाएं बेटी के साथ अलग रहती हैं, उन्हीं पर लोग गलत नजर डालते हैं।
चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने कहा कि उन्होंने महिला आयोग में आने के बाद आज तक 14,700 केसों की गहनता से सुनवाई की है। जिसमें पाया कि हमारे बच्चों में संस्कार विकसित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया का उपयोग दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है इसलिए इसका उपयोग देश और प्रदेश के विकास, समाजहित एवं आवश्यकता अनुसार किया जाना चाहिए।
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इस दौरान उन्होंने कहा कि महिलाओं का हम सहयोग करने का प्रयास करते हैं लेकिन हांसी में दो मामलों ने उन्हें दुख दिया जो महिलाओं के रिश्तों को अपमानित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दो मामलों में पुरुषों के हितों में सुनवाई की गई। पहले कहा जाता था कि लड़कियां जब शहर चली जाती हैं तो वह लड़की बिगड़ जाती है। लेकिन हांसी जैसे छोटे जिलों व ग्रामीण क्षेत्रों में लिव इन रिलेशनशिप से प्रभावित मामले आ रहे हैं।
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एक 48 वर्षीय महिला का 26 वर्षीय युवक से संबंध था। जबकि महिला चार बच्चों की मां है। एक अन्य मामले में देखा गया कि पति-पत्नी अलग रहते हैं व दोनों अपने बच्चों को एक दूसरे के खिलाफ मिसगाइड करते हैं।
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इस मामले में दादा-दादी को उनका घर दिलवाया व उनकी बेटी को दादा-दादी के पास रहने का निर्देश दिए। भाटिया ने कहा कि गांव में संस्कार हैं लेकिन आजकल के मामलों को देख कर लगता नहीं है। सशक्तीकरण के नाम पर खुद को आजाद रहने की बात कहकर अलग रहना पसंद करती हैं। जो महिलाएं बेटी के साथ अलग रहती हैं, उन्हीं पर लोग गलत नजर डालते हैं।
चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने कहा कि उन्होंने महिला आयोग में आने के बाद आज तक 14,700 केसों की गहनता से सुनवाई की है। जिसमें पाया कि हमारे बच्चों में संस्कार विकसित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया का उपयोग दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है इसलिए इसका उपयोग देश और प्रदेश के विकास, समाजहित एवं आवश्यकता अनुसार किया जाना चाहिए।