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अवैध कॉलोनियों का ड्रोन से सर्वे करने के लिए एजेंसी को वर्क आर्डर
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हिसार। जिला नगर योजनाकार की तरफ से जिले में अवैध कॉलोनियों के ड्रोन से सर्वे करवाने के लिए एजेंसी का चयन कर लिया है। जल्द ही एजेंसी सर्वे का काम शुरू कर देगी। ड्रोन सर्वे की मदद से एजेंसी जीआईएस आधारित लेआउट प्लान तैयार करके विभाग को देगी। फिलहाल विभाग की तरफ से गूगल मैप पर अवैध कॉलोनियों को चिह्नित करने काम किया जा रहा है। विभाग की मानें तो जिले में करीब 5 हजार एकड़ एरिया में यह सर्वे किया जाएगा।
बता दें कि प्रदेश सरकार ने इस बार अवैध कॉलोनियों के सर्वे की जिम्मेदारी जिला नगर योजनाकार विभाग को सौंपी है। विभाग की तरफ से जिले में अवैध कॉलोनियों की रिपोर्ट तैयार कर सरकार को दी जाएगी। इस रिपोर्ट के आधार पर सरकार अवैध कॉलोनियों को वैध करने का काम करेगी।
एजेंसी को ऐसे तैयार करनी होगी रिपोर्ट
सर्वे रिपोर्ट तैयार करने के लिए विभाग की तरफ से प्रफोर्मा तैयार किया गया है। ड्रोन से सर्वे करने वाली एजेंसी को प्रफोर्मा के हिसाब से ही रिपोर्ट तैयार करके विभाग को देनी है।
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1. कॉलोनी बाउंड्री-कॉलोनी आईडी, कॉलोनी का नाम, लोकेशन, एमसी स्टेटस, टाइप ऑफ कॉलोनी (रिहायशी, व्यावसायिक या औद्योगिक), रेवेन्यू एस्टेट का नाम, जिले का नाम, खसरा नंबर, कंट्रोल एरिया का नाम, अर्बन एरिया का नाम, स्थापना वर्ष, कुल प्लॉट, कुल निर्मित प्लॉट, रिहायशी प्लॉट की संख्या, औद्योगिक प्लॉट की संख्या, व्यावसायिक प्लॉट की संख्या, रिहायशी प्लॉट का आकार, औद्योगिक प्लॉट का आकार, व्यावसायिक प्लॉट का आकार, खाली प्लॉट की संख्या, परिवारों की संख्या, स्ट्रीट लाइट की उपलब्धता, सीवर व पेयजल लाइन की उपलब्धता, सड़क (कच्चा या पक्की) आदि।
2. प्लॉट बाउंड्री-कॉलोनी आईडी, प्लॉट नंबर, प्लॉट का प्रकार, प्लॉट का स्टेटस, आकार, एरिया, कॉलोनी का नाम, एमसी स्टेटस, रेवेन्यू एस्टेट का नाम।
3. खाली जमीन-कॉलोनी आईडी, एरिया एकड़ में, कॉलोनी का नाम, एमसी स्टेटस।
4. अन्य-कॉलोनी आईडी, प्रकार, नाम, एरिया, कॉलोनी का नाम, एमसी स्टेटस, रेवेन्यू एस्टेट का नाम।
5. इंटरनल रोड लाइन
6. इंटरनल रोड पॉलिगॉन
7. मेजर रोड लाइन
8. पब्लिक यूटीलिटी प्वाइंट
9. एचटी लाइन
10. सीवर
15 दिनों में पूरा करना होगा सर्वे
एजेंसी को 15 दिनों में यह सर्वे पूरा करके देना होगा। इस दौरान एजेंसी को पूरे लेआउट प्लान की ऑटोकेड ड्राइंग तैयार करके देनी होगी। हालांकि विभाग इस समय सीमा को किन्हीं परिस्थितियों में बढ़ा भी सकता है। कंपनी की तरफ से सभी प्रकार की ड्राइंग, कॉलोनी वाइज डाटा निर्धारित प्रफोर्मा में भरा हुआ व रॉ डाटा जमा कराने के बाद ही विभाग उसे बची हुई 10 प्रतिशत राशि का भुगतान करेगा।
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बता दें कि प्रदेश सरकार ने इस बार अवैध कॉलोनियों के सर्वे की जिम्मेदारी जिला नगर योजनाकार विभाग को सौंपी है। विभाग की तरफ से जिले में अवैध कॉलोनियों की रिपोर्ट तैयार कर सरकार को दी जाएगी। इस रिपोर्ट के आधार पर सरकार अवैध कॉलोनियों को वैध करने का काम करेगी।
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एजेंसी को ऐसे तैयार करनी होगी रिपोर्ट
सर्वे रिपोर्ट तैयार करने के लिए विभाग की तरफ से प्रफोर्मा तैयार किया गया है। ड्रोन से सर्वे करने वाली एजेंसी को प्रफोर्मा के हिसाब से ही रिपोर्ट तैयार करके विभाग को देनी है।
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1. कॉलोनी बाउंड्री-कॉलोनी आईडी, कॉलोनी का नाम, लोकेशन, एमसी स्टेटस, टाइप ऑफ कॉलोनी (रिहायशी, व्यावसायिक या औद्योगिक), रेवेन्यू एस्टेट का नाम, जिले का नाम, खसरा नंबर, कंट्रोल एरिया का नाम, अर्बन एरिया का नाम, स्थापना वर्ष, कुल प्लॉट, कुल निर्मित प्लॉट, रिहायशी प्लॉट की संख्या, औद्योगिक प्लॉट की संख्या, व्यावसायिक प्लॉट की संख्या, रिहायशी प्लॉट का आकार, औद्योगिक प्लॉट का आकार, व्यावसायिक प्लॉट का आकार, खाली प्लॉट की संख्या, परिवारों की संख्या, स्ट्रीट लाइट की उपलब्धता, सीवर व पेयजल लाइन की उपलब्धता, सड़क (कच्चा या पक्की) आदि।
2. प्लॉट बाउंड्री-कॉलोनी आईडी, प्लॉट नंबर, प्लॉट का प्रकार, प्लॉट का स्टेटस, आकार, एरिया, कॉलोनी का नाम, एमसी स्टेटस, रेवेन्यू एस्टेट का नाम।
3. खाली जमीन-कॉलोनी आईडी, एरिया एकड़ में, कॉलोनी का नाम, एमसी स्टेटस।
4. अन्य-कॉलोनी आईडी, प्रकार, नाम, एरिया, कॉलोनी का नाम, एमसी स्टेटस, रेवेन्यू एस्टेट का नाम।
5. इंटरनल रोड लाइन
6. इंटरनल रोड पॉलिगॉन
7. मेजर रोड लाइन
8. पब्लिक यूटीलिटी प्वाइंट
9. एचटी लाइन
10. सीवर
15 दिनों में पूरा करना होगा सर्वे
एजेंसी को 15 दिनों में यह सर्वे पूरा करके देना होगा। इस दौरान एजेंसी को पूरे लेआउट प्लान की ऑटोकेड ड्राइंग तैयार करके देनी होगी। हालांकि विभाग इस समय सीमा को किन्हीं परिस्थितियों में बढ़ा भी सकता है। कंपनी की तरफ से सभी प्रकार की ड्राइंग, कॉलोनी वाइज डाटा निर्धारित प्रफोर्मा में भरा हुआ व रॉ डाटा जमा कराने के बाद ही विभाग उसे बची हुई 10 प्रतिशत राशि का भुगतान करेगा।