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Hisar News: काम अधूरा, डर पूरा, 6 माह बीते ड्रेनेज व्यवस्था बेपटरी
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हिसार। काम अधूरा, डर पूरा...। आजादनगर क्षेत्र में कुछ ऐसे ही हालात बने हुए हैं। मटका चौक से आजादनगर तक बरसाती पानी की निकासी के लिए बिछाई जा रही सीवरलाइन का कार्य छह माह बाद भी पूरा नहीं हो पाया है। मानसून की दस्तक से पहले ही क्षेत्रवासियों में जलभराव की आशंका गहराने लगी है। लोगों का कहना है कि पानी निकासी के लिए किए जा रहे प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं और अधूरा निर्माण कार्य बरसात में बड़ी परेशानी बन सकता है।
आजादनगर के एमसी सत्यवान पानू ने बताया कि पूर्व डीसी युद्धवीर ख्यालिया के कार्यकाल में क्षेत्र में जलनिकासी के लिए सड़क के दोनों ओर नालियां बनाई गई थीं। इन नालियों का पानी सीवरलाइन के माध्यम से निकलता था, लेकिन पुरानी लाइन खराब होने के कारण साउथ बाईपास से गांव गंगवा तक नई भूमिगत सीवरलाइन बिछाई जा रही है।
उन्होंने बताया कि यह कार्य पिछले छह माह से चल रहा है लेकिन इसकी गति बेहद धीमी है। निर्माण के दौरान मानकों की अनदेखी के आरोप भी लगे हालांकि विभागीय अधिकारियों ने इन्हें खारिज कर दिया। इसके बावजूद कार्य में अपेक्षित तेजी नहीं आ सकी।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि मटका चौक से साउथ बाईपास तक बिछाई गई जलनिकासी लाइन की सफाई भी नहीं कराई गई है। गंगवा गांव तक निकासी नालियों की स्थिति भी कमोबेश ऐसी ही है। ऐसे में अगले माह मानसून आने पर क्षेत्र में अधिक जलभराव होने और अधूरे निर्माण कार्य को नुकसान पहुंचने की आशंका है।
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मोहल्लावासियों की जुबानी
आगामी बरसात क्षेत्रवासियों पर भारी पड़ सकती है। जनस्वास्थ्य विभाग सीवरलाइन का काम बेहद धीमी गति से कर रहा है। यदि सप्ताहभर में भी काम पूरा हो जाए तो राहत मिल सकती है, लेकिन फिलहाल ऐसा कोई संकेत नहीं है।
- जगदीश पूनिया, निवासी, आजादनगर।
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क्षेत्र में छह माह से सड़क खुदी हुई है। लोगों ने गर्मियों में धूल झेली, अब बरसात में जलभराव का डर है। काम अधूरा होने से न सड़क बन सकी और न ही नालियों की सफाई हो पाई।
- मांगे राम खीचड़, प्रधान, व्यापार मंडल, आजादनगर।
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सड़क पर दिन-रात वाहनों और लोगों की आवाजाही रहती है। इसके बावजूद निर्माण स्थल पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। करीब 15 फुट गहरे गड्ढों के आसपास भी सावधानी के उपाय नहीं किए गए।
- सोमवार श्योराण, दुकानदार, आजादनगर।
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यह क्षेत्र कैबिनेट मंत्री रणवीर गंगवा का गृहक्षेत्र है। लोक निर्माण और जनस्वास्थ्य दोनों विभाग उनके पास हैं, फिर भी क्षेत्र में विकास कार्यों की धीमी गति का खामियाजा आम लोगों और कारोबारियों को भुगतना पड़ रहा है।
- सतवीर, टेलर, आजादनगर।
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आजादनगर के एमसी सत्यवान पानू ने बताया कि पूर्व डीसी युद्धवीर ख्यालिया के कार्यकाल में क्षेत्र में जलनिकासी के लिए सड़क के दोनों ओर नालियां बनाई गई थीं। इन नालियों का पानी सीवरलाइन के माध्यम से निकलता था, लेकिन पुरानी लाइन खराब होने के कारण साउथ बाईपास से गांव गंगवा तक नई भूमिगत सीवरलाइन बिछाई जा रही है।
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उन्होंने बताया कि यह कार्य पिछले छह माह से चल रहा है लेकिन इसकी गति बेहद धीमी है। निर्माण के दौरान मानकों की अनदेखी के आरोप भी लगे हालांकि विभागीय अधिकारियों ने इन्हें खारिज कर दिया। इसके बावजूद कार्य में अपेक्षित तेजी नहीं आ सकी।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि मटका चौक से साउथ बाईपास तक बिछाई गई जलनिकासी लाइन की सफाई भी नहीं कराई गई है। गंगवा गांव तक निकासी नालियों की स्थिति भी कमोबेश ऐसी ही है। ऐसे में अगले माह मानसून आने पर क्षेत्र में अधिक जलभराव होने और अधूरे निर्माण कार्य को नुकसान पहुंचने की आशंका है।
मोहल्लावासियों की जुबानी
आगामी बरसात क्षेत्रवासियों पर भारी पड़ सकती है। जनस्वास्थ्य विभाग सीवरलाइन का काम बेहद धीमी गति से कर रहा है। यदि सप्ताहभर में भी काम पूरा हो जाए तो राहत मिल सकती है, लेकिन फिलहाल ऐसा कोई संकेत नहीं है।
- जगदीश पूनिया, निवासी, आजादनगर।
क्षेत्र में छह माह से सड़क खुदी हुई है। लोगों ने गर्मियों में धूल झेली, अब बरसात में जलभराव का डर है। काम अधूरा होने से न सड़क बन सकी और न ही नालियों की सफाई हो पाई।
- मांगे राम खीचड़, प्रधान, व्यापार मंडल, आजादनगर।
सड़क पर दिन-रात वाहनों और लोगों की आवाजाही रहती है। इसके बावजूद निर्माण स्थल पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। करीब 15 फुट गहरे गड्ढों के आसपास भी सावधानी के उपाय नहीं किए गए।
- सोमवार श्योराण, दुकानदार, आजादनगर।
यह क्षेत्र कैबिनेट मंत्री रणवीर गंगवा का गृहक्षेत्र है। लोक निर्माण और जनस्वास्थ्य दोनों विभाग उनके पास हैं, फिर भी क्षेत्र में विकास कार्यों की धीमी गति का खामियाजा आम लोगों और कारोबारियों को भुगतना पड़ रहा है।
- सतवीर, टेलर, आजादनगर।