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Hisar News: महिलाओं ने वीडियो गीत से बताई स्वयं सहायता समूहों की ताकत
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स्वयं सहायता समूह की सदस्य महिलाओं ने वीडियो गीत चस्का लाग्या ज्ञान को लांच करते सीईओ जिला परिष
हिसार। हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने अपनी प्रतिभा और आत्मनिर्भरता का संदेश देते हुए चस्का लाग्या ज्ञान का वीडियो गीत तैयार किया है। मंगलवार को जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुभाष चंद्र ने मिशन कार्यालय में इसका लोकार्पण किया। इस अवसर पर जिला योजना प्रबंधक वीरेंद्र श्योराण और गीत तैयार करने वाली महिला समूह की सदस्याएं उपस्थित रहीं।
सीईओ सुभाष चंद्र ने कहा कि गांवों में छोटे-छोटे कारोबार से आत्मनिर्भर बनी महिलाओं ने बिना किसी पेशेवर सहयोग के उत्कृष्ट कार्य किया है। यह गीत स्वयं सहायता समूहों की गतिविधियों और महिलाओं की प्रतिभा को व्यापक पहचान दिलाएगा।
जिला योजना प्रबंधक वीरेंद्र श्योराण ने बताया कि गीत का लेखन उनका पहला प्रयास है। उन्होंने कहा कि कई बार लंबा भाषण जिस प्रभाव से संदेश नहीं पहुंचा पाता, वह एक गीत के माध्यम से सहजता से पहुंच जाता है। गीत की रिकॉर्डिंग, गायन और वीडियो निर्माण महिलाओं ने स्वयं किया है। इसे यूट्यूब, फेसबुक और इंस्टाग्राम सहित विभिन्न सोशल मीडिया मंचों पर जारी किया जाएगा। गीत में ड्रोन दीदी सहित स्वयं सहायता समूहों की विभिन्न गतिविधियां भी दिखाई गई हैं।
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गीत में मुख्य भूमिका निभाने वाली मोनिका ने बताया कि यह उनका पहला वीडियो गीत है। उन्होंने कहा कि गांव की महिलाओं को घर की चारदीवारी से बाहर निकलकर अपने उत्पाद बाजार तक पहुंचाने चाहिए। उन्होंने बताया कि उनका समूह गद्दे किराये पर देने और नई सब्जी मंडी में कैंटीन संचालन का कार्य करता है।
सातरोड़ कला निवासी भतेरी ने बताया कि गीत तैयार करने में पांच महिलाओं ने करीब 15 दिन मेहनत की और आठ घंटे लगातार अभ्यास किया। उन्होंने बताया कि टीम जल्द ही एक लघु फिल्म भी तैयार करेगी। वहीं भर्री निवासी मोनिका ने बताया कि अगला गीत विभिन्न सरकारी योजनाओं और महिलाओं के जीवन में आए बदलाव पर आधारित होगा। जिले में करीब 34 हजार महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से मिशन से जुड़ी हैं।
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सीईओ सुभाष चंद्र ने कहा कि गांवों में छोटे-छोटे कारोबार से आत्मनिर्भर बनी महिलाओं ने बिना किसी पेशेवर सहयोग के उत्कृष्ट कार्य किया है। यह गीत स्वयं सहायता समूहों की गतिविधियों और महिलाओं की प्रतिभा को व्यापक पहचान दिलाएगा।
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जिला योजना प्रबंधक वीरेंद्र श्योराण ने बताया कि गीत का लेखन उनका पहला प्रयास है। उन्होंने कहा कि कई बार लंबा भाषण जिस प्रभाव से संदेश नहीं पहुंचा पाता, वह एक गीत के माध्यम से सहजता से पहुंच जाता है। गीत की रिकॉर्डिंग, गायन और वीडियो निर्माण महिलाओं ने स्वयं किया है। इसे यूट्यूब, फेसबुक और इंस्टाग्राम सहित विभिन्न सोशल मीडिया मंचों पर जारी किया जाएगा। गीत में ड्रोन दीदी सहित स्वयं सहायता समूहों की विभिन्न गतिविधियां भी दिखाई गई हैं।
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गीत में मुख्य भूमिका निभाने वाली मोनिका ने बताया कि यह उनका पहला वीडियो गीत है। उन्होंने कहा कि गांव की महिलाओं को घर की चारदीवारी से बाहर निकलकर अपने उत्पाद बाजार तक पहुंचाने चाहिए। उन्होंने बताया कि उनका समूह गद्दे किराये पर देने और नई सब्जी मंडी में कैंटीन संचालन का कार्य करता है।
सातरोड़ कला निवासी भतेरी ने बताया कि गीत तैयार करने में पांच महिलाओं ने करीब 15 दिन मेहनत की और आठ घंटे लगातार अभ्यास किया। उन्होंने बताया कि टीम जल्द ही एक लघु फिल्म भी तैयार करेगी। वहीं भर्री निवासी मोनिका ने बताया कि अगला गीत विभिन्न सरकारी योजनाओं और महिलाओं के जीवन में आए बदलाव पर आधारित होगा। जिले में करीब 34 हजार महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से मिशन से जुड़ी हैं।