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सांसद बनने के सात माह बाद बृजेंद्र सिंह ने पहली बार ली दिशा की बैठक, डीआरडीए कर्मी से बोले

Sat, 21 Dec 2019 01:00 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 21 Dec 2019 01:00 AM IST
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when you do not know who bpl is then the entire adc staff should be suspended
लोकसभा सांसद बृजेंद्र सिंह ने सांसद बनने के सात महीने बाद पहली बार लघु सचिवालय स्थित जिला सभागार में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी (दिशा) कमेटी की बैठक ली। पहली ही बैठक में सांसद अधिकारियों की छोटी-छोटी खामियों को पकड़ते नजर आए।
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बैठक में 26 एजेंडे रखे गए। जब प्रधानमंत्री आवास योजना का एजेंडा रखा तो डीआरडीए के कर्मचारी से सांसद बृजेंद्र सिंह ने बीपीएल का परिभाषा पूछी। उन्होंने पूछा कि बीपीएल किसे मानते हो। इस पर कर्मचारी बगले झांकने लगा। काफी देर तक सांसद को बीपीएल की सही परिभाषा नहीं मिली तो उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि जब आपको यही नहीं पता कि बीपीएल कौन तो फिर पूरे एडीसी स्टाफ को सस्पेंड कर देना चाहिए। इनका तो सारा ऑफिस ही इसी काम में लगा रहता है।
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रेलवे और नेशनल हाईवे के अधिकारियों को पहले डीसी ने लताड़ा, फिर सांसद ने
बैठक का समय सुबह 11 बजे रखा गया। मगर सांसद 11:44 बजे आए। इससे पहले डीसी ने कुछ विभागों के अधिकारियों से बातचीत की। उन्होंने रेलवे अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि मेल भेजने और फोन पर सूचना देने के बाद भी आप बैठक में नहीं आते हो। जब आए हो तो बिना किसी प्रगति रिपोर्ट के आ गए। दिशा की बैठक को आप लोग गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। आपके खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए लिखना पड़ेगा। इसके बाद सांसद ने भी कहा कि रेलवे और नेशनल हाईवे अथॉरिटी के कामकाज को सुधारने की जरूरत है। उन्होंने रेलवे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए रेलमंत्री को पत्र लिखने के आदेश दिए।
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बीऐंडआर अधिकारियों से बोले, सड़कों की जानकारी नहीं तो क्यों अनुशंसा करवा रहे हो
सांसद ने पीडब्ल्यूडी बीऐंडआर विभाग के अधिकारियों के रवैये को लेकर भी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि वह कुछ दिन पहले एक गांव में किसी कार्यक्रम में गए थे। बीऐंडआर का एक्सईएन वहीं फाइल लेकर आया और उस पर साइन करने के लिए कह दिया। सांसद ने कहा कि यह कौन सा तरीका का है। हमें पोस्ट ऑफिस समझ रखा है क्या कि जहां कहोगे, वहीं स्टांप लगा दी और काम खत्म। उन्होंने कहा कि मुझे सरपंच मत समझो, जो ग्राम सचिव के कहते ही साइन कर देगा। अगर सड़कों की जानकारी नहीं हो तो उसकी अनुशंसा करवाने के लिए फाइल मत लेकर आया करो।
एनएचएआई अधिकारियों से बोले, तुम सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनाई कमेटी की बैठक में ही नहीं आते
बैठक में नेशनल हाईवे अथॉरिटी के अधिकारी डीसी अशोक कुमार मीणा के निशाने पर रहे। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर रोड सेफ्टी कमेटी बनाई गई है। उसकी बैठक जब भी होती है, उसमें एनएचएआई का कोई अधिकारी नहीं आता। इससे पता चलता है कि अधिकारियों की सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के प्रति कितनी गंभीरता है। वहीं, बरवाला के विधायक जोगीराम सिहाग ने भी हाईवे अधिकारियों से कहा कि टोल टैक्स पर किसी का कंट्रोल है या नहीं। मनमर्जी से रेट बढ़ा देते हैं। हाईवे पर सही ढंग से कहीं मार्किंग नहीं है।
कागजों में नंबर वन हो गए, मगर सड़कों के दोनों तरफ बिखरी गंदगी
बैठक में राज्यसभा सांसद लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. डीपी वत्स ने सड़कों के दोनों तरफ गंदगी बिखरने को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि स्वच्छता अभियान में हम कागजों में तो नंबर वन बन गए। मगर सड़कों के दोनों तरफ बिखरी गंदगी साफ करवाने की बहुत जरूरत है। प्लास्टिक भी जगह जगह पड़ा रहता है। इसको लेकर बेहतर तरीके से काम होना चाहिए।
विधायक भ्याना बोले, हांसी शहर नहीं रहा, गंदगी का ढेर बन गया
बैठक में विधायक विनोद भ्याना ने हांसी शहर में गंदगी का मुद्दा उठाया। भ्याना ने कहा कि हांसी अब शहर नहीं रहा, बल्कि गंदगी का ढेर बन गया है। कागजों में जितने सफाईकर्मी है, धरातल पर उतने सफाई नहीं कर रहे। डॉ. डीपी वत्स ने भी उनकी बात को जायज ठहराया। इस पर हांसी नगर परिषद के ईओ को सफाई व्यवस्था मजबूत करने और अगली बैठक में संतोषजनक प्रगति रिपोर्ट रखने के निर्देश दिए गए।
रामकुमार गौतम का झलका दर्द, बोले बृजेंद्र के बजाय गलत जगह मदद की
बैठक के दौरान नारनौंद के जजपा विधायक रामकुमार गौतम ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि बृजेंद्र सिंह काबिल आईएएस थे और अब सांसद बने हैं। इनके पिता मेरे क्लासमेट थे। मगर उन्हें दुख है कि उन्होंने उनकी चुनाव में मदद नहीं की, बल्कि गलत जगह मदद कर दी। गौतम बोले कि उन्होंने भाजपा के मुख्यमंत्री के बाद सबसे बड़े मंत्री को चुनाव में हराया था। उनकी जीत में किसी का अहसान नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को भ्रष्टाचार व जातपात से परहेज करने का संदेश दिया।

इन योजनाओं की भी हुई समीक्षा
बैठक में सांसद ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, मिड-डे-मील, स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) व (ग्रामीण), मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना, एनआरएलएम, ठोस कचरा प्रबंधन योजना, एमपी लैड, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, सामाजिक सहायता कार्यक्रम, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमरूत योजना, शहरी आजीविका मिशन, ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना, कृषि विकास योजना, परंपरागत कृषि विकास योजना, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, सर्व शिक्षा अभियान, डिजिटल इंडिया अभियान, ई-नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट व पीएमईजीपी सहित अन्य योजनाओं की समीक्षा की। बैठक में मंच पर राज्यसभा सांसद लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. डीपी वत्स, बरवाला विधायक जोगीराम सिहाग, हांसी विधायक विनोद भ्याणा, नारनौंद विधायक रामकुमार गौतम, मेयर गौतम सरदाना, डीसी अशोक मीणा व एडीसी उत्तम सिंह मौजूद रहे।
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