{"_id":"680a83e3a74d77937c0b655d","slug":"wheat-was-being-stored-illegally-in-bhatlas-godown-team-busted-it-hisar-news-c-21-hsr1013-612418-2025-04-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hisar News: भाटला के गोदाम में अवैध रूप से किया जा रहा था गेहूं का भंडारण, टीम ने किया भंडाफोड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hisar News: भाटला के गोदाम में अवैध रूप से किया जा रहा था गेहूं का भंडारण, टीम ने किया भंडाफोड़
Fri, 25 Apr 2025 12:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Fri, 25 Apr 2025 12:03 AM IST
विज्ञापन
हांसी (हिसार)। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम ने मार्केट फीस से बचने के चक्कर में बरवाला रोड पर भाटला के गोदाम में अवैध रूप से किए जा रहे गेहूं के भंडारण का भंडाफोड़ किया। टीम को मौके पर करीब छह हजार क्विंटल गेहूं का भंडारण मिला। टीम ने गोदाम संचालक पर 7.20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। गोदाम संचालक ने कार्रवाई से बचने के लिए साढ़े चार घंटे तक गोदाम नहीं खोला और सीएम कार्यालय से भी फोन करवाया। शाम को काफी संख्या में किसानों ने मौके पर हंगामा किया तो एसडीएम मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला। जिसके बाद गोदाम संचालक ने मौके पर जुर्माना भरा।
गोदाम में अवैध रूप से गेहूं का भंडारण करने की शिकायत पर मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की इंचार्ज सुनैना के नेतृत्व में टीम ने छापा मारा। इस दौरान मार्केट कमेटी के सचिव अमित रोहिल्ला व कमेटी के कर्मचारी भी वहां मौजूद रहे। टीम के पास शिकायत के साथ गोदाम की वीडियो भी पहुंची थी। टीम वीरवार सुबह 11 बजे वहां पर छापा मारने पहुंची।
इस दौरान गोदाम के शटर बंद थे। टीम ने वहां के कर्मचारियों को शटर खोलने के लिए कहा तो शटर नहीं खोला और संचालक के आने के इंतजार करने की बात कही। इस दौरान टीम ने दोपहर तीन बजे तक इंतजार करी। तीन बजे टीम ने गोदाम को सीज करवाने की चेतावनी दी और एसडीएम को फोन करके ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त करने के लिए कहा। इस पर वहां नायब तहसीलदार दयाचंद बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट भेजा गया। इधर, सीज करने की चेतावनी पर गोदाम संचालक वहां पहुंचे और गोदाम को खुलवाया। जिसके बाद टीम ने वहां जांच की तो 5,950 क्विंटल गेहूं वहां रखा मिला। गेहूं के भंडारण करने की अनुमति से संबंधित कोई दस्तावेज नहीं मिला। जांच के दौरान शाम को मामला बिगड़ा। गोदाम संचालक के साथी इंचार्ज सुनैना से बहस करने लगे और काफी संख्या में किसानों को एकत्रित कर लिया। इस पर इंचार्ज सुनैना ने एसडीएम राजेश खोथ को बुलाया और साथ ही पुलिस को बुलाया, जिसके बाद एसडीएम ने गोदाम संचालक पर जुर्माना लगाया। जुर्माना न भरने पर गोदाम को सीज करने के लिए कहा। इस पर 7.20 लाख रुपये का चेक मार्केट कमेटी को सौंपा। वहीं, गोदाम संचालक जगदीप का कहना था कि 213 किसानों का जय जवान प्रोड्यूसर कंपनी के नाम से एफपीओ बना रखा है। उन्हीं की गेहूं का यहां भंडारण किया जाता है। इस गोदाम में कोल्ड स्टोर बनाया जा रहा है। जिसकी प्रक्रिया चल रही है।
विज्ञापन
सीएमओ से भी करवाया फोन
गोदाम संचालक ने कार्रवाई से बचने के लिए मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम के इंचार्ज के पास सीएमओ कार्यालय से एक व्यक्ति का फोन भी करवाया। फोन करने वाले ने खुद को ओएसडी बताया। इंचार्ज ने उनके समक्ष कार्रवाई करने की बात रखी। इसके अलावा मार्केट कमेटी के एक कर्मचारी को फोन करके धमकाया गया। कर्मचारी को कहा गया कि वह टीम को लेकर आया है।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम ने गोदाम में छापा मारा था। यहां पर कोई खरीद केंद्र नहीं है। इसके बावजूद गेहूं का भंडारण किया हुआ था। साथ ही मार्केट फीस की चोरी की जा रही थी। हमने मार्केट फीस व एचआरडीएफ भरवाई है। साथ ही 25 प्रतिशत जुर्माना लगाया है। मौके पर गोदाम संचालक ने जुर्माना भरने के लिए चेक दे दिया। - राजेश खोथ, एसडीएम
विज्ञापन
गोदाम में अवैध रूप से गेहूं का भंडारण करने की शिकायत पर मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की इंचार्ज सुनैना के नेतृत्व में टीम ने छापा मारा। इस दौरान मार्केट कमेटी के सचिव अमित रोहिल्ला व कमेटी के कर्मचारी भी वहां मौजूद रहे। टीम के पास शिकायत के साथ गोदाम की वीडियो भी पहुंची थी। टीम वीरवार सुबह 11 बजे वहां पर छापा मारने पहुंची।
विज्ञापन
इस दौरान गोदाम के शटर बंद थे। टीम ने वहां के कर्मचारियों को शटर खोलने के लिए कहा तो शटर नहीं खोला और संचालक के आने के इंतजार करने की बात कही। इस दौरान टीम ने दोपहर तीन बजे तक इंतजार करी। तीन बजे टीम ने गोदाम को सीज करवाने की चेतावनी दी और एसडीएम को फोन करके ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त करने के लिए कहा। इस पर वहां नायब तहसीलदार दयाचंद बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट भेजा गया। इधर, सीज करने की चेतावनी पर गोदाम संचालक वहां पहुंचे और गोदाम को खुलवाया। जिसके बाद टीम ने वहां जांच की तो 5,950 क्विंटल गेहूं वहां रखा मिला। गेहूं के भंडारण करने की अनुमति से संबंधित कोई दस्तावेज नहीं मिला। जांच के दौरान शाम को मामला बिगड़ा। गोदाम संचालक के साथी इंचार्ज सुनैना से बहस करने लगे और काफी संख्या में किसानों को एकत्रित कर लिया। इस पर इंचार्ज सुनैना ने एसडीएम राजेश खोथ को बुलाया और साथ ही पुलिस को बुलाया, जिसके बाद एसडीएम ने गोदाम संचालक पर जुर्माना लगाया। जुर्माना न भरने पर गोदाम को सीज करने के लिए कहा। इस पर 7.20 लाख रुपये का चेक मार्केट कमेटी को सौंपा। वहीं, गोदाम संचालक जगदीप का कहना था कि 213 किसानों का जय जवान प्रोड्यूसर कंपनी के नाम से एफपीओ बना रखा है। उन्हीं की गेहूं का यहां भंडारण किया जाता है। इस गोदाम में कोल्ड स्टोर बनाया जा रहा है। जिसकी प्रक्रिया चल रही है।
विज्ञापन
सीएमओ से भी करवाया फोन
गोदाम संचालक ने कार्रवाई से बचने के लिए मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम के इंचार्ज के पास सीएमओ कार्यालय से एक व्यक्ति का फोन भी करवाया। फोन करने वाले ने खुद को ओएसडी बताया। इंचार्ज ने उनके समक्ष कार्रवाई करने की बात रखी। इसके अलावा मार्केट कमेटी के एक कर्मचारी को फोन करके धमकाया गया। कर्मचारी को कहा गया कि वह टीम को लेकर आया है।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम ने गोदाम में छापा मारा था। यहां पर कोई खरीद केंद्र नहीं है। इसके बावजूद गेहूं का भंडारण किया हुआ था। साथ ही मार्केट फीस की चोरी की जा रही थी। हमने मार्केट फीस व एचआरडीएफ भरवाई है। साथ ही 25 प्रतिशत जुर्माना लगाया है। मौके पर गोदाम संचालक ने जुर्माना भरने के लिए चेक दे दिया। - राजेश खोथ, एसडीएम