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Hisar News: बिना ओटीपी हैक हो सकता है व्हाट्सएप अकाउंट
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हिसार। व्हाट्सएप यूजर्स के लिए एक नया साइबर खतरा सामने आया है। भारतीय सुरक्षा एजेंसी ने घोस्ट पेयरिंग नामक खतरनाक हैकिंग ट्रिक के संबंध में चेतावनी जारी की है। इसमें अपराधी बिना ओटीपी, पासवर्ड या सिम स्वैप के व्हाट्सएप अकाउंट अपने कब्जे में ले लेते हैं।
पुलिस प्रशासन के अनुसार, इस साइबर ठगी में अपराधी किसी परिचित कॉन्टैक्ट के नाम से व्हाट्सएप पर संदिग्ध लिंक भेजते हैं, जैसे हाय चेक दिस फोटो। लिंक पर क्लिक करते ही फर्जी फेसबुक या मीडिया व्यूअर पेज खुलता है जो मोबाइल नंबर डालने को कहता है। नंबर डालते ही हैकर्स व्हाट्सएप के लिंक्ड डिवाइस फीचर का गलत इस्तेमाल कर अकाउंट को अपने डिवाइस से जोड़ लेते हैं। इससे वी बैकग्राउंड में यूजर के पुराने मैसेज पढ़ सकते हैं। रीयल-टाइम चैट देख सकते हैं और यूजर की ओर से उसके कॉन्टैक्ट्स नंबर को मैसेज, फोटो या वीडियो भेज सकते हैं।
टू स्टेप वेरिफिकेशन रखें ऑन :
यूजर्स को अनजान लिंक पर क्लिक न करने, मोबाइल नंबर या निजी जानकारी दर्ज न करने और लिंक्ड डिवाइस सेक्शन नियमित चेक करने की सलाह दी गई है। टू स्टेप वेरिफिकेशन ऑन रखें। किसी भी संदेह पर इंटरनेट बंद करें और राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।
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साइबर अपराधी छोटी सी लापरवाही का फायदा उठाते हैं, इसलिए सतर्क और जागरूक रहें। साइबर सुरक्षा ही सबसे मजबूत ढाल है। -सिद्धांत जैन, पुलिस अधीक्षक।
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पुलिस प्रशासन के अनुसार, इस साइबर ठगी में अपराधी किसी परिचित कॉन्टैक्ट के नाम से व्हाट्सएप पर संदिग्ध लिंक भेजते हैं, जैसे हाय चेक दिस फोटो। लिंक पर क्लिक करते ही फर्जी फेसबुक या मीडिया व्यूअर पेज खुलता है जो मोबाइल नंबर डालने को कहता है। नंबर डालते ही हैकर्स व्हाट्सएप के लिंक्ड डिवाइस फीचर का गलत इस्तेमाल कर अकाउंट को अपने डिवाइस से जोड़ लेते हैं। इससे वी बैकग्राउंड में यूजर के पुराने मैसेज पढ़ सकते हैं। रीयल-टाइम चैट देख सकते हैं और यूजर की ओर से उसके कॉन्टैक्ट्स नंबर को मैसेज, फोटो या वीडियो भेज सकते हैं।
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यूजर्स को अनजान लिंक पर क्लिक न करने, मोबाइल नंबर या निजी जानकारी दर्ज न करने और लिंक्ड डिवाइस सेक्शन नियमित चेक करने की सलाह दी गई है। टू स्टेप वेरिफिकेशन ऑन रखें। किसी भी संदेह पर इंटरनेट बंद करें और राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।
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साइबर अपराधी छोटी सी लापरवाही का फायदा उठाते हैं, इसलिए सतर्क और जागरूक रहें। साइबर सुरक्षा ही सबसे मजबूत ढाल है। -सिद्धांत जैन, पुलिस अधीक्षक।