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7 लाख की सरकारी ग्रांट घोटाले में ग्राम सचिव गिरफ्तार
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उकलाना। गांव मुगलपुरा के ग्राम सचिव राजेंद्र सिंह को सरकारी ग्रांट घोटाले के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को शनिवार अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। सुलखनी निवासी 51 वर्षीय सचिव राजेंद्र रेलन फिलहाल उकलाना की चौबीसी कॉलोनी में रहता है। आरोपी सचिव इस मामले में अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक गया था, लेकिन जमानत नहीं मिल पाई।
सेशन कोर्ट के बाद एक अक्तूबर को हाईकोर्ट ने व 16 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने आरेापी सचिव की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। आरोपी सचिव राजेंद्र सिंह पर पूर्व सरपंच सुरेश के साथ मिलकर 7 लाख रुपये से ज्यादा की सरकारी ग्रांट घोटाले और पंचायती कार्यों में फर्जीवाड़ा करने के आरोप है। पुलिस ने पूर्व सरपंच सुरेश को करीब चार महीने पहले की गिरफ्तार कर लिया था। पंचायती जमीन की निशानदेही के लिए जनवरी 2017 को 35 हजार रुपये का चेक ग्राम सचिव सुशील कुमार द्वारा लिखा गया था, परंतु चेक जारी नहीं किया गया। सुशील कुमार के सर्कल में तबादले के बाद नियुक्त ग्राम सचिव राजेंद्र सिंह ने सुशील कुमार द्वारा लिखे हुए प्रस्ताव में बैंक का नाम व रकम में बदलाव करके 35 हजार की जगह 90 हजार लिखकर चेक पीछे की तारीख में जारी कर दिया, लेकिन उस तारीख को राजेंद्र ग्राम सचिव नहीं था।
गांव मुगलपुरा के शैलेंद्र सिंह ने वर्ष 2017 में तत्कालीन सरपंच सुरेश व ग्राम सचिव राजेंद्र पर पंचायती कार्यों में फर्जीवाड़े के आरोप लगाकर जिला प्रशासन से शिकायत की थी। प्रशासन ने मामले की जांच डीडीपीओ को सौंपी थी। जांच में दोषी पाए जाने के बाद सरपंच और ग्राम सचिव के खिलाफ 18 अगस्त 2018 को थाना उकलाना में केस दर्ज किया गया। तभी से फरार चल रहे सचिव राजेंद्र को उकलाना पुलिस ने शुक्रवार रात गिरफ्तार कर लिया और अदालत में पेश कर जेल भेज दिया।
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सेशन कोर्ट के बाद एक अक्तूबर को हाईकोर्ट ने व 16 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने आरेापी सचिव की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। आरोपी सचिव राजेंद्र सिंह पर पूर्व सरपंच सुरेश के साथ मिलकर 7 लाख रुपये से ज्यादा की सरकारी ग्रांट घोटाले और पंचायती कार्यों में फर्जीवाड़ा करने के आरोप है। पुलिस ने पूर्व सरपंच सुरेश को करीब चार महीने पहले की गिरफ्तार कर लिया था। पंचायती जमीन की निशानदेही के लिए जनवरी 2017 को 35 हजार रुपये का चेक ग्राम सचिव सुशील कुमार द्वारा लिखा गया था, परंतु चेक जारी नहीं किया गया। सुशील कुमार के सर्कल में तबादले के बाद नियुक्त ग्राम सचिव राजेंद्र सिंह ने सुशील कुमार द्वारा लिखे हुए प्रस्ताव में बैंक का नाम व रकम में बदलाव करके 35 हजार की जगह 90 हजार लिखकर चेक पीछे की तारीख में जारी कर दिया, लेकिन उस तारीख को राजेंद्र ग्राम सचिव नहीं था।
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गांव मुगलपुरा के शैलेंद्र सिंह ने वर्ष 2017 में तत्कालीन सरपंच सुरेश व ग्राम सचिव राजेंद्र पर पंचायती कार्यों में फर्जीवाड़े के आरोप लगाकर जिला प्रशासन से शिकायत की थी। प्रशासन ने मामले की जांच डीडीपीओ को सौंपी थी। जांच में दोषी पाए जाने के बाद सरपंच और ग्राम सचिव के खिलाफ 18 अगस्त 2018 को थाना उकलाना में केस दर्ज किया गया। तभी से फरार चल रहे सचिव राजेंद्र को उकलाना पुलिस ने शुक्रवार रात गिरफ्तार कर लिया और अदालत में पेश कर जेल भेज दिया।
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