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एनएचएआई के सेवानिवृत्त अधिकारी की हत्या के आरोप में हिसार के दो युवक काबू
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हिसार। जयपुर में एनएचएआई से सेवानिवृत्त अधिकारी आरके चावला की हत्या मामले में जयपुर पुलिस ने हिसार निवासी करणदीप, विकास, पानीपत के गांव उरलानावासी नवीन, भिवानी के आलमपुर निवासी अमित को गिरफ्तार किया है। चारों आरोपियों को पुलिस ने शनिवार को अदालत में पेश कर सात-सात दिन के रिमांड पर लिया है। रिमांड अवधि में पुलिस दो शूटरों के नाम व पते के बारे में पूछताछ करेगी।
26 अगस्त को फरीदाबाद निवासी आरके चावला जयपुर में प्रोग्रेस बैठक में शामिल होने के लिए गए थे। बैठक से बाहर निकलते ही दो युवकों ने उन पर फायर कर हत्या कर दी थी। वारदात को अंजाम देकर दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए थे। जयपुर पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में आरोपी काले रंग की फॉच्यूर्नर कार में भागते दिखाई दिए। जयपुर पुलिस ने बताया कि अधिकारी आरके चावला की हत्या के लिए 15 लाख रुपये में दो शूटरों को सुपारी दी गई थी। मामले में मुख्य आरोपी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी का मालिक करणदीप बताया गया है। विकास देवंदा और नवीन दोनों इंजीनियर करणदीप की कंपनी में काम करते हैं। इन्होंने योजना बनाकर वारदात को अंजाम दिया था। कंपनी ने 14 फुट ओवर ब्रिज 35 करोड़ रुपये में बनाने का प्रोजेक्ट लिया था। समय पर प्रोजेक्ट पूरा नहीं पर कंपनी पर 3.5 करोड़ की पेनल्टी लगी। कंपनी ने प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए समय मांगा। जिसके लिए जयपुर में बैठक हुई थी। बैठक के बाद आरके चावला की हत्या हो गई थी।
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26 अगस्त को फरीदाबाद निवासी आरके चावला जयपुर में प्रोग्रेस बैठक में शामिल होने के लिए गए थे। बैठक से बाहर निकलते ही दो युवकों ने उन पर फायर कर हत्या कर दी थी। वारदात को अंजाम देकर दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए थे। जयपुर पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में आरोपी काले रंग की फॉच्यूर्नर कार में भागते दिखाई दिए। जयपुर पुलिस ने बताया कि अधिकारी आरके चावला की हत्या के लिए 15 लाख रुपये में दो शूटरों को सुपारी दी गई थी। मामले में मुख्य आरोपी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी का मालिक करणदीप बताया गया है। विकास देवंदा और नवीन दोनों इंजीनियर करणदीप की कंपनी में काम करते हैं। इन्होंने योजना बनाकर वारदात को अंजाम दिया था। कंपनी ने 14 फुट ओवर ब्रिज 35 करोड़ रुपये में बनाने का प्रोजेक्ट लिया था। समय पर प्रोजेक्ट पूरा नहीं पर कंपनी पर 3.5 करोड़ की पेनल्टी लगी। कंपनी ने प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए समय मांगा। जिसके लिए जयपुर में बैठक हुई थी। बैठक के बाद आरके चावला की हत्या हो गई थी।
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