{"_id":"676c8e1f1a2b501dca09a366","slug":"two-members-of-the-investigation-committee-were-replaced-hisar-news-c-21-hsr1005-532197-2024-12-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hisar News: फर्जी मेडिकल बिल मामले में गठित की गई जांच समिति के दो सदस्यों को बदला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hisar News: फर्जी मेडिकल बिल मामले में गठित की गई जांच समिति के दो सदस्यों को बदला
Thu, 26 Dec 2024 05:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Thu, 26 Dec 2024 05:48 AM IST
विज्ञापन
हिसार। नगर निगम में फर्जी मेडिकल बिल मामले में दूसरी बार गठित की गई जांच समिति के भी दो सदस्यों को बदला गया है। अब कमेटी में अकाउंटेंट अंशुल व सचिव संजय शर्मा को शामिल किया गया है। इससे पहले कमेटी में डीएमसी विरेंद्र सहारण के अलावा एसओ राजबाला व सचिव राहुल सैनी शामिल थे। राहुल सैनी लीव पर चले गए हैं और एसओ राजबाला के उन फर्जी मेडिकल बिलों पर हस्ताक्षर हैं। इस कारण से दोनों सदस्यों को बदला गया है।
बता दें कि निगम में सफाई कर्मचारी दलविंद्र की तरफ से दिए गए फर्जी मेडिकल बिल के पास होने से पहले पकड़ में आने के बाद से फर्जीवाड़े की जांच शुरू हुई तो पता चला कि 8 फर्जी मेडिकल बिल पहले भी पास हो चुके हैं। जिन कर्मचारियों की तरफ से ये बिल दिए गए, उनमें सुनील बेलदार, सुनील माली, सफाई कर्मचारी वेदप्रकाश, बलवंत, रमेश, मुरारी, ईश्वर व सुभाष का नाम शामिल है। हालांकि बाद में इन सभी कर्मचारियों ने पास करवाए गए मेडिकल बिलों की राशि लौटा दी, जो 17 लाख रुपये से अधिक थी। जांच पूरी होने के बाद निगम प्रशासन ने तीन कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर व सस्पेंड करने के आदेश दिए थे। साथ ही 6 कर्मचारियों को चार्जशीट किया था। इसके अलावा एक एक्सपर्ट की भी सेवाएं समाप्त कर दी गई थी।
चूंकि यह पूरी जांच एक ही फर्जी बिल के संबंध में की गई थी तो निगम प्रशासन ने बाकी बचे बिलों की जांच करवाने का फैसला किया, जिसके लिए दोबारा से जांच कमेटी गठित की गई।
विज्ञापन
ब्याज राशि की अभी नहीं हुई गणना
उधर, निगम प्रशासन ने पास किए गए फर्जी बिलों की राशि पर ब्याज वसूलने की भी तैयारी कर रहा है। हालांकि यह ब्याज राशि कितनी बनती है, अभी इसकी गणना नहीं की गई है। अधिकारियों की मानें तो कर्मचारियों के वेतन में से ही यह ब्याज राशि काटी जाएगी।
अभी इस मामले में निगम से कुछ और रिकॉर्ड भी लेना है। रिकॉर्ड पूरा होने के बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। - इंस्पेक्टर कविता, सिविल लाइन थाना प्रभारी, हिसार।
विज्ञापन
बता दें कि निगम में सफाई कर्मचारी दलविंद्र की तरफ से दिए गए फर्जी मेडिकल बिल के पास होने से पहले पकड़ में आने के बाद से फर्जीवाड़े की जांच शुरू हुई तो पता चला कि 8 फर्जी मेडिकल बिल पहले भी पास हो चुके हैं। जिन कर्मचारियों की तरफ से ये बिल दिए गए, उनमें सुनील बेलदार, सुनील माली, सफाई कर्मचारी वेदप्रकाश, बलवंत, रमेश, मुरारी, ईश्वर व सुभाष का नाम शामिल है। हालांकि बाद में इन सभी कर्मचारियों ने पास करवाए गए मेडिकल बिलों की राशि लौटा दी, जो 17 लाख रुपये से अधिक थी। जांच पूरी होने के बाद निगम प्रशासन ने तीन कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर व सस्पेंड करने के आदेश दिए थे। साथ ही 6 कर्मचारियों को चार्जशीट किया था। इसके अलावा एक एक्सपर्ट की भी सेवाएं समाप्त कर दी गई थी।
विज्ञापन
चूंकि यह पूरी जांच एक ही फर्जी बिल के संबंध में की गई थी तो निगम प्रशासन ने बाकी बचे बिलों की जांच करवाने का फैसला किया, जिसके लिए दोबारा से जांच कमेटी गठित की गई।
विज्ञापन
ब्याज राशि की अभी नहीं हुई गणना
उधर, निगम प्रशासन ने पास किए गए फर्जी बिलों की राशि पर ब्याज वसूलने की भी तैयारी कर रहा है। हालांकि यह ब्याज राशि कितनी बनती है, अभी इसकी गणना नहीं की गई है। अधिकारियों की मानें तो कर्मचारियों के वेतन में से ही यह ब्याज राशि काटी जाएगी।
अभी इस मामले में निगम से कुछ और रिकॉर्ड भी लेना है। रिकॉर्ड पूरा होने के बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। - इंस्पेक्टर कविता, सिविल लाइन थाना प्रभारी, हिसार।

.दुलही जाने वाला संपर्क मार्ग। संवाद

.दुलही जाने वाला संपर्क मार्ग। संवाद

.दुलही जाने वाला संपर्क मार्ग। संवाद