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दो दिन पहले कर्जा लेकर साइकिल ली थी वो भी जल गई
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सेक्टर 16-17 स्थित झुग्गियों में लगी आग ,चारों तरफ धुआं ही धुआं।
- फोटो : Hisar
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हिसार। सेक्टर 16-17 की पुलिया के पास बनी झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले करीब 150 परिवारों के अरमान आग की चिंगारी में जलकर राख हो गए। किसी ने दो दिन पहले कर्जा लेकर साइकिल ली थी, जो इस आग में जल गई। वहीं किसी ने ननद की शादी रुपये जमा किए थे, जो इस आग की भेंट चढ़ गए। उधर एक के बाद एक करीब 10 सिलिंडरों के फटने से हुए धमाकों से सेक्टरवासी भी सहम उठे। इस दुख की घड़ी में सेक्टरवासियों से लेकर जनसंगठन मदद के लिए आगे आए।
बता दें कि सेक्टर 16-17 में विश्वास आश्रम के पास करीब 225 झुग्गियां बनी हुई थीं। मगर इस हादसे में करीब 150 झुग्गियां जलकर राख हो गईं।
चीख पुकार से गूंजा सेक्टर
जैसे ही सेक्टर में घरों में काम करने वाली महिलाओं को झुग्गियों में आग लगने का पता चला तो वे दौड़ते हुए अपने बच्चों और सामान को बचाने पहुंची। इस दौरान कुछ महिलाएं मौके पर बच्चों न पाकर रोने लगीं, लेकिन कुछ देर रात जब बच्चे सुरक्षित मिले तो वे शांत हुईं। वहां पर पहुंची महिला उर्मिला व पूूजा आदि ने बताया कि वे काम पर गई हुईं थी। जब मौके पर पहुंची तो झोपड़ियों में आग लगी हुई थी। बच्चे बाहर भागते हुए नजर आ रहे थे। बच्चों की चीख पुकार सुनाई दे रही थी। लोग मदद के लिए आगे आ रहे थे। आग की लपटों के कारण सामान को बचाने के लिए अंदर भी नहीं जा सकीं। उनकी आंखों के सामने जिंदगी भर की कमाई जलकर राख हो गई।
कर्जा लेकर ली थी साइकिल
बिहार निवासी किशोरी पूूजा का कहना है कि वह चाची संगीता के पास झुग्गी में रहती है। दो दिन पहले ही दस हजार रुपये का कर्जा लिया था और इन रुपयों की नई साइकिल खरीद कर लेकर आई थी। वह साइकिल झोपड़ी के बाहर खड़ी कर काम पर चली गई। पता चला कि झोपड़ियों में आग लगने के साथ ही साइकिल को भी नुकसान पहुंचा है। पूजा का कहना है कि साइकिल भी चली गई और अब कर्जा भी उतारना है।
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ननद की शादी के लिए मालिकन से लेकर आई थी रुपये
झुग्गी में रहने वाली आरती ने बताया कि इसी माह में ननद माला की शादी करनी थी। दो तीन दिन बाद ही गांव जाना था। शादी के खर्च के लिए मालकिन से 50 हजार रुपये लेकर आई थी। रुपये झुग्गी में रखे हुए थे। इस आग में सारे रुपये जल गए। साथ ही सारा सामान जल गया। अब कहां जाएंगे और शादी कैसे करेंगे।
रुपये और सामान जलकर राख
सहिला देवी ने बताया कि उसने दिनरात मेहनत कर 50 हजार रुपये जोड़े थे। घर का सामान एकत्रित किया जो जलकर राख हो गया। बबीता ने बताया कि झोपड़ी के अंदर 30 हजार रुपये रखे थे। वहीं, पार्वती का कहना है कि वह 30 हजार रुपये लेकर आई थी जो अंदर रखे थे। सामान के साथ रुपये भी जल गए।
एक एक तिनका जोड़ा, सब जल गया
बिहार के दरभंगा जिला के रहने वाली पूजा, फूलपड़ी, पूनम, चंद्ररेखा, ननकू आदि ने बताया कि काफी समय से यहां पर रह रहे हैं। मेहनत मजदूरी का काम करते हैं। एक एक तिनका करके सामान और रुपये जमा किए थे, जो एक ही पल में जलकर राख हो गए। अब गुजारा कैसे करेंगे। महिलाओं ने बताया कि हर रोज दोपहर तीन बजे के आसपास झोपड़ी में रहने वाली महिलाएं और लड़कियां अपने अपने काम पर चली जाती हैं। झोपड़ियों में छोटे बच्चे ही रहते हैं। भगवान का शुक्रिया अदा करते है कि उनके बच्चों की जान बच गई।
बिजली घर तक पहुंचे फटे हुए सिलिंडर के टुकड़े
आग बुझाने के दौरान करीब 10 सिलिंडर फटे। कुछ के टुकड़े 100 मीटर दूर स्थित बिजली घर तक पहुंच गए। हालांकि छोटे-बड़े करीब 10 सिलिंडर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। बिजली घर में मौजूद लाइनमैन शोभित ने बताया कि सिलिंडर का एक टुकड़ा मेरे पास आकर गिरा। मैं बाल बाल बच गया। इस प्रकार के कई टुकड़े आसपास आकर गिरे। इसके अलावा इस हादसे में झुग्गियों के पास से गुजर रही तार भी जल गई। मौके पर मौजूद लोगों ने लाइन को बंद करवाया।
भंडारे में गए हुए थे ज्यादातर बच्चे
पुलिया के पास विश्वास पुरम में बने आश्रम में भंडारे का आयोजन किया हुआ था। झुग्गियों में रहने वाले अधिकतर बच्चे भंडारे में खाने गए हुए थे। अगर भंडारा न होता तो जानमाल का और नुकसान हो सकता था।
उपायुक्त ने भी किया मौके का निरीक्षण
शाम करीब सात बजे उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी घटना स्थल पर पहुंची। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से राहत कार्यों के बारे में जानकारी ली। साथ ही रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय भेजने के आदेश दिए। इसके अलावा संपदा अधिकारी राजेश कोथ, डीएसपी अभिमन्यु, पार्षद जगमोहन मित्तल, पार्षद प्रतिनिधि पंकज दीवान, मनोनीत पार्षद नरेंद्र शर्मा व सतीश सुरलिया मौके पर पहुंचे।
मदद के लिए जनसंगठन आए आगे
इस दौरान प्रशासनिक कर्मचारी राहत कार्यों में जुटे हुए ही थे। साथ में जनसंगठनों के लोग भी उनकी मदद कर रहे थे। मदद करने वालों में कांग्रेस नेता मनोज टाक, मदद संस्था से संजीव भोजराज, पार्षद अमित ग्रोवर आदि शामिल हैं।
रहने और खाने की व्यवस्था की
कुरुक्षेत्र गोशाला की तरफ से सभी पीड़ितों के लिए खाने की व्यवस्था की गई है और नगर निगम की तरफ से सेक्टर 13 व 16-17 के सामुदायिक केंद्र में इन लोगों रहने का इंतजाम किया गया है। हालांकि सेक्टर व आसपास के लोग भी इन लोगों के लिए खाने-पीने का सामान लेकर पहुंच रहे हैं।
पिछले साल भी हुई थी झुग्गियों में आग लगने की घटना
8 अप्रैल 2021 को सेक्टर 16-17 में आग लगने से 30 झुग्गियां जल गईं थी। इस दौरान झुग्गियों में रखे 20 सिलिंडर फट गए थे। इस घटना में झुग्गियों में रखा सारा सामान जल गया था। गनीमत यह रही थी कि इस हादसे में किसी की जान नहीं गई थी।
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बता दें कि सेक्टर 16-17 में विश्वास आश्रम के पास करीब 225 झुग्गियां बनी हुई थीं। मगर इस हादसे में करीब 150 झुग्गियां जलकर राख हो गईं।
चीख पुकार से गूंजा सेक्टर
जैसे ही सेक्टर में घरों में काम करने वाली महिलाओं को झुग्गियों में आग लगने का पता चला तो वे दौड़ते हुए अपने बच्चों और सामान को बचाने पहुंची। इस दौरान कुछ महिलाएं मौके पर बच्चों न पाकर रोने लगीं, लेकिन कुछ देर रात जब बच्चे सुरक्षित मिले तो वे शांत हुईं। वहां पर पहुंची महिला उर्मिला व पूूजा आदि ने बताया कि वे काम पर गई हुईं थी। जब मौके पर पहुंची तो झोपड़ियों में आग लगी हुई थी। बच्चे बाहर भागते हुए नजर आ रहे थे। बच्चों की चीख पुकार सुनाई दे रही थी। लोग मदद के लिए आगे आ रहे थे। आग की लपटों के कारण सामान को बचाने के लिए अंदर भी नहीं जा सकीं। उनकी आंखों के सामने जिंदगी भर की कमाई जलकर राख हो गई।
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कर्जा लेकर ली थी साइकिल
बिहार निवासी किशोरी पूूजा का कहना है कि वह चाची संगीता के पास झुग्गी में रहती है। दो दिन पहले ही दस हजार रुपये का कर्जा लिया था और इन रुपयों की नई साइकिल खरीद कर लेकर आई थी। वह साइकिल झोपड़ी के बाहर खड़ी कर काम पर चली गई। पता चला कि झोपड़ियों में आग लगने के साथ ही साइकिल को भी नुकसान पहुंचा है। पूजा का कहना है कि साइकिल भी चली गई और अब कर्जा भी उतारना है।
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ननद की शादी के लिए मालिकन से लेकर आई थी रुपये
झुग्गी में रहने वाली आरती ने बताया कि इसी माह में ननद माला की शादी करनी थी। दो तीन दिन बाद ही गांव जाना था। शादी के खर्च के लिए मालकिन से 50 हजार रुपये लेकर आई थी। रुपये झुग्गी में रखे हुए थे। इस आग में सारे रुपये जल गए। साथ ही सारा सामान जल गया। अब कहां जाएंगे और शादी कैसे करेंगे।
रुपये और सामान जलकर राख
सहिला देवी ने बताया कि उसने दिनरात मेहनत कर 50 हजार रुपये जोड़े थे। घर का सामान एकत्रित किया जो जलकर राख हो गया। बबीता ने बताया कि झोपड़ी के अंदर 30 हजार रुपये रखे थे। वहीं, पार्वती का कहना है कि वह 30 हजार रुपये लेकर आई थी जो अंदर रखे थे। सामान के साथ रुपये भी जल गए।
एक एक तिनका जोड़ा, सब जल गया
बिहार के दरभंगा जिला के रहने वाली पूजा, फूलपड़ी, पूनम, चंद्ररेखा, ननकू आदि ने बताया कि काफी समय से यहां पर रह रहे हैं। मेहनत मजदूरी का काम करते हैं। एक एक तिनका करके सामान और रुपये जमा किए थे, जो एक ही पल में जलकर राख हो गए। अब गुजारा कैसे करेंगे। महिलाओं ने बताया कि हर रोज दोपहर तीन बजे के आसपास झोपड़ी में रहने वाली महिलाएं और लड़कियां अपने अपने काम पर चली जाती हैं। झोपड़ियों में छोटे बच्चे ही रहते हैं। भगवान का शुक्रिया अदा करते है कि उनके बच्चों की जान बच गई।
बिजली घर तक पहुंचे फटे हुए सिलिंडर के टुकड़े
आग बुझाने के दौरान करीब 10 सिलिंडर फटे। कुछ के टुकड़े 100 मीटर दूर स्थित बिजली घर तक पहुंच गए। हालांकि छोटे-बड़े करीब 10 सिलिंडर को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। बिजली घर में मौजूद लाइनमैन शोभित ने बताया कि सिलिंडर का एक टुकड़ा मेरे पास आकर गिरा। मैं बाल बाल बच गया। इस प्रकार के कई टुकड़े आसपास आकर गिरे। इसके अलावा इस हादसे में झुग्गियों के पास से गुजर रही तार भी जल गई। मौके पर मौजूद लोगों ने लाइन को बंद करवाया।
भंडारे में गए हुए थे ज्यादातर बच्चे
पुलिया के पास विश्वास पुरम में बने आश्रम में भंडारे का आयोजन किया हुआ था। झुग्गियों में रहने वाले अधिकतर बच्चे भंडारे में खाने गए हुए थे। अगर भंडारा न होता तो जानमाल का और नुकसान हो सकता था।
उपायुक्त ने भी किया मौके का निरीक्षण
शाम करीब सात बजे उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी घटना स्थल पर पहुंची। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से राहत कार्यों के बारे में जानकारी ली। साथ ही रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय भेजने के आदेश दिए। इसके अलावा संपदा अधिकारी राजेश कोथ, डीएसपी अभिमन्यु, पार्षद जगमोहन मित्तल, पार्षद प्रतिनिधि पंकज दीवान, मनोनीत पार्षद नरेंद्र शर्मा व सतीश सुरलिया मौके पर पहुंचे।
मदद के लिए जनसंगठन आए आगे
इस दौरान प्रशासनिक कर्मचारी राहत कार्यों में जुटे हुए ही थे। साथ में जनसंगठनों के लोग भी उनकी मदद कर रहे थे। मदद करने वालों में कांग्रेस नेता मनोज टाक, मदद संस्था से संजीव भोजराज, पार्षद अमित ग्रोवर आदि शामिल हैं।
रहने और खाने की व्यवस्था की
कुरुक्षेत्र गोशाला की तरफ से सभी पीड़ितों के लिए खाने की व्यवस्था की गई है और नगर निगम की तरफ से सेक्टर 13 व 16-17 के सामुदायिक केंद्र में इन लोगों रहने का इंतजाम किया गया है। हालांकि सेक्टर व आसपास के लोग भी इन लोगों के लिए खाने-पीने का सामान लेकर पहुंच रहे हैं।
पिछले साल भी हुई थी झुग्गियों में आग लगने की घटना
8 अप्रैल 2021 को सेक्टर 16-17 में आग लगने से 30 झुग्गियां जल गईं थी। इस दौरान झुग्गियों में रखे 20 सिलिंडर फट गए थे। इस घटना में झुग्गियों में रखा सारा सामान जल गया था। गनीमत यह रही थी कि इस हादसे में किसी की जान नहीं गई थी।