हरियाणा : विधानसभा उपाध्यक्ष के काफिले पर हुआ था हमला, अब दो ऑडियो वायरल, बोला- हमने तो ले लिया बदला...
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हरियाणा के हिसार के आर्य नगर गांव में विधानसभा उपाध्यक्ष रणबीर सिंह गंगवा पर हमले के मामले के पांच दिन बाद दो ऑडियो वायरल हुए हैं। ये दोनों ऑडियो एक ही व्यक्ति के हैं, जिनमें एक उपाध्यक्ष पर हमले के बारे में दूसरे को बता रहा है। इन ऑडियो से यह लग रहा है कि यह हमला एक सुनियोजित था और इसमें किसानों का कोई लेनादेना नहीं था। घटना के बारे में बताने वाला व्यक्ति दूसरे को साफ-साफ कह रहा है कि हमने तो ले लिया बदला, कर दिया काम आज तुम्हारे गंगवा का....।
दोनों ऑडियो से पता चल रहा है कि पहले वाला व्यक्ति अपना नाम मंजीत बिश्नोई बता रहा है और वह दूसरे को चेयरमैन साहब कहकर संबोधित करता है। हालांकि ऑडियो में दूसरा व्यक्ति मारने का समर्थन नहीं कर रहा और कहता है कि नेताओं का विरोध तो हो जाता है लेकिन मारना तो गलत है, जबकि पहले वाला व्यक्ति स्पष्ट कहता है कि हम तो मारने ही गए थे।
ऑडियो से यह भी पता चल रहा है कि किसी शादी समारोह में हुए छोटे-मोटे झगड़े को लेकर रणबीर गंगवा से रंजिश रखी गई। पहला व्यक्ति कहता है कि नंबरदार की शादी में आया था और हमारे साथ झगड़ा करवा... इसके बाद दूसरी बात शुरू हो जाती है।
दर्ज मामले का मुख्य आरोपी
ऑडियो में जिस मंजीत बिश्नोई का नाम सामने आ रहा है, वह उस मामले में दर्ज एफआईआर में मुख्य आरोपी है। विधानसभा उपाध्यक्ष के बेटे सुरेंद्र गंगवा ने बताया कि चौधरीवास टोल प्लाजा पर माइक से उपाध्यक्ष का विरोध करने के लिए चलने की बात कही तो किसान यूनियन के लोगों ने मना कर दिया था लेकिन यह लड़का 20-30 अन्य लड़कों को बहकाकर वहां से आर्य नगर लेकर पहुंचा था।
नंबरदार की शादी के मामले में उन्होंने बताया कि हम पहले इनेलो में थे और यह लड़का भी इनेलो में था। एक शादी में उपाध्यक्ष गए होंगे तो अब दोनों की पार्टियां अलग होने के कारण यह लड़का इसी बात से ईर्ष्या होगी कि उपाध्यक्ष शादी में क्यों गए।
हमने पहले ही दिन कहा था मामला सुनियोजित है : गंगवा
मैं खुद किसान हूं और किसानों की समस्या को बखूबी समझता हूं। मैंने पहले ही दिन कहा था कि मामले को अंजाम देने वाले किसान नहीं थे। उसी दिन रात को किसान नेता मुझसे मिले थे और उन्होंने इस पर अफसोस जताया था। ऑडियो क्लिप और रावलवास खुर्द की पंचायत के लेटरपैड का दुरुपयोग कर बहिष्कार जैसी बातों से स्पष्ट हो गया है कि यह एक सुनियोजित साजिश थी। जो लड़के आए थे, वहां उनके प्रति हमारे मन में कोई द्वेष नहीं है और पुलिस को भी हमने कहा था कि हम कोई कार्रवाई नहीं चाहते लेकिन वहां पुलिसकर्मी संदीप को चोट लगी थी और उसी ने पुलिस को शिकायत दी है। - रणबीर सिंह गंगवा, उपाध्यक्ष, हरियाणा विधानसभा एवं विधायक नलवा हलका।
ये हैं ऑडियो में बातचीत के अंश
- ऑडियो-1
- पहला - हेलो... चेयरमैन साहब! क्या हाल है।
- हमने तो ले लिया बदला, कर दिया काम आज तुम्हारे गंगवा का। ले लिया बदला।
- दूसरा - कहां पर?
- पहला - गाड़ी के शीशे तोड़ दिए। आर्य नगर से वो ईंट साथ में ही लेके गया है। कुरड़ी गांव में उसकी ससुराल में।
- दूसरा - किसने तोड़ा?
- पहला - सारे ही थे हलके के। इकट्ठे किए थे। ऐसे ही थोड़े ना घेरा जाता। तुम्हें बताया तो था नंबरदार की शादी में आया था, हमारे साथ झगड़ा करवा कै। अब....
- दूसरा - शीशे फॉर्च्यूनर के तोड़े क्या?
- पहला - पुलिस वाले थे फिर भी तोड़ दिए। मेरी आईडी पर लाइव देख लो
- दूसरा - किस नाम से है आईडी?
- पहला - मंजीत बिश्नोई, पुरानी तो मेरी हैक करवा दी आईडी। ये नई बनाई है।
- दूसरा - तू मेरी फ्रेंड लिस्ट में है क्या?
- पहला - रिक्वेस्ट मिलेगी आई हुई, देख लो।
- दूसरा - ठीक है।
ऑडियो-2
- (यह कॉल फेसबुक पर देखने के बाद की गई होगी)
- दूसरा - अरे गाड़ी का नुकसान होते तो नहीं दिखा रखा।
- पहला - गाड़ी निकाल ली थी, लाइट वगैरह सब बंद थी। तब की बात है। पिछले शीशे टूट गए थे।
- दूसरा - फिर सुना है तुम्हारे गांव में भी विरोध किया है। वहां पुल पर खड़े थे। तो बाईपास होकर गया है।
- पहला - मैं बताऊं, ये बच गया। अगर सब जगह पता चल जाता कि ये आया है तो... ये तो 50-40 लोगों को पता चला। हमारे युवा-युवा को। हम भागे थे वहां। सारे किसान चले जाते तो कोई जुगाड़ ही नहीं था। तुम्हारे कुम्हार आ गए थे बाहर। बोले हमारे घर आए हुए को मत मारो।
- दूसरा - ये तो गलत बात है, ऐसे मारना और कुछ करना ये गलत है।
- पहला - अपने बंदे तो मारने ही गए थे। मेरी बात सुन, अपने को कूटना था, वो फंस गया किसान आंदोलन में। मैंने कहा था ना कि नंबरदार की शादी में आया था।
- दूसरा - ये गलत है। शोभा नहीं देता।
- पहला - इसने गलती की थी, वो नहीं दिखी। वो सही थी क्या।
- दूसरा - विरोध तो नेताओं का हो जाता है लेकिन ये अच्छी बात नहीं।