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Hisar News: चक्का जाम...बसों का इंतजार करते रहे यात्री, वार्ता विफल, हिसार डिपो के रोडवेज कर्मियों की हड़ताल बरकरार
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हिसार। लंबित भत्तों का भुगतान नहीं होने के विरोध में रविवार को दूसरे दिन भी रोडवेज कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इससे हिसार और हांसी डिपो की 251 बसों को पहिए थमे रहे। लंबी दूरी के यात्रियों को डेढ़ से दो घंटे तक बसों का इंतजार करना पड़ा। लोकल रूटों पर यात्री निजी बसों के सहारे रहे। रोडवेज प्रबंधन ने हड़ताली कर्मचारी से वार्ता की लेकिन सिरे नहीं चढ़ी। कर्मचारियों ने सोमवार को भी हड़ताल पर रहने का एलान किया है।
रोडवेज कर्मचारी शुक्रवार रात से हड़ताल पर हैं। केवल अन्य डिपो की रोडवेज बसों का ही संचालन हो रहा है। हिसार डिपो की कोई बस संचालित नहीं हो रही। ऐसे में सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को हो रही है जो हिसार डिपो की बस से जींद, कैथल, चरखीदादरी, भिवानी, बीकानेर, सिरसा, फतेहाबाद, राजगढ़ की ओर जाना चाहते हैं। निजी बसों में यात्रीभार बढ़ा है। इससे यात्रियों को खचाखच भरी बसों में सफर करना पड़ रहा है। रोडवेज महाप्रबंधक राहुल मित्तल ने दोपहर 12 बजे साझा मोर्चा के नेताओं से बातचीत कर मांगे पूरी करने का आश्वासन दिया लेकिन वे नहीं माने। दिनभर बसें नहीं चलने से यात्री बसों का इंतजार करते रहे। समिति प्रधान जोगेंद्र पंघाल, बजरंग लाखा, कर्मवीर मसूदपुर, जितेंद्र शर्मा, पवन कनोह, अमित जुगलान, अरुण शर्मा, राजेश जांगड़ा, नरेंद्र खरड़ ने बताया कि जब तक भत्तों का भुगतान नहीं होता हड़ताल पर रहेंगे।
लोकल रूटों पर नहीं चलीं बसें
चक्का जाम के कारण यात्रियों को अन्य डिपो व राज्यों से आने वाली बसों में बैठकर गंतव्य तक पहुंचना पड़ा। लोकल रूटों पर बसें ही नहीं चलीं। ऐसे में यात्रियों को काफी देर तक इंतजार करने के बाद अन्य विकल्पों के जरिये जाना पड़ा। बालक, पाबड़ा, नहला, भूना के अलावा गोरछी, सरसाना, बासड़ा, गावड़, शेरड़ा, सिद्धमुख, श्यामसुख, किरोड़ी, खेड़ी बर्की, कनोह, किरतान, डोभी, सुंडावास, हिंदवान, जुगलान, बुगाना, राजली, धान्सू, सुलखनी, घिराय, खानपुर, खोखा, भाटला, मिर्जापुर, महजत, मसूदपुर, खरकड़ी, चैनत, डाटा व सिंघवा के ग्रामीणों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी।
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मांगों पर ये मिले जवाब
रात्रि भत्ते पर महाप्रबंधक ने कहा कि सोमवार को डिपो के अधिकारी मुख्यालय जाकर आपका पक्ष रखेंगे। एलटीसी पर कहा कि इसकी मुख्यालय से अनुमति ली जा रही है। चिकित्सा भत्तों के बारे में कहा कि 50 लाख रुपये का बजट आ गया है और 50 लाख रुपये का और मांगा है।
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सिटी बसों का भी नहीं हुआ संचालन
हड़ताल के कारण सिटी बसों का संचालन भी नहीं हुआ। इससे शहरवासियों को ऑटो में महंगा सफर करना पड़ा। रोहतक में भाजपा रैली के लिए डिपो से 17 बसें भेजी गईं। कर्मचारियों की हड़ताल के कारण परिचालक इन बसों में नहीं गए।
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ये बोले यात्री
- मुझे डोभी जाना है। करीब एक घंटे से लोकल बस स्टैंड पर बस का इंतजार कर रही हूं लेकिन एक भी बस नहीं आई। लगता है कि किसी अन्य साधन से ही गांव जाना पड़ेगा। - सुलोचना
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मुझे मिर्जापुर जाना है और पौने घंटे से यहां बैठी हूं लेकिन बस का कोई अता-पता नहीं है। अब किसी जानकार को फोन करके बुलाया है। उसके साथ ही निजी वाहन पर बैठकर जाऊंगी। - सरोज
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मुझे सिरसा जाना है लेकिन काफी देर से कोई बस नहीं आई है। कर्मचारियों ने बताया कि चक्का जाम के कारण डिपो की बसें नहीं चल रही हैं। अब अन्य डिपो की बस का इंतजार कर रहा हूं। - शेर सिंह
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आम दिनों में चंडीगढ़ के लिए हर 10 से 15 मिनट में बस चलती है। आज मुझे आधा घंटा हो गया है और बस नहीं मिली है। कर्मचारी बता रहे हैं कि अन्य डिपो की बस आएगी। - मनोज
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कर्मचारी केवल अपने जायज हकों की मांग कर रहे हैं। जब तक सभी लंबित वित्तीय लाभों का भुगतान नहीं किया जाता तब तक कर्मचारी काम पर नहीं लौटेंगे। - संदीप जैनावास, प्रेस प्रवक्ता, साझा संघर्ष समिति
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कर्मचारी अपनी जिद पर अड़े हैं। कुछ मांगों का समाधान कर दिया गया है बाकी का भी जल्द हल निकाल देंगे। त्योहार को देखते हुए कर्मचारियों को हड़ताल खत्म कर काम पर लौटना चाहिए। - राहुल मित्तल, महाप्रबंधक, रोडवेज
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रोडवेज कर्मचारी शुक्रवार रात से हड़ताल पर हैं। केवल अन्य डिपो की रोडवेज बसों का ही संचालन हो रहा है। हिसार डिपो की कोई बस संचालित नहीं हो रही। ऐसे में सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को हो रही है जो हिसार डिपो की बस से जींद, कैथल, चरखीदादरी, भिवानी, बीकानेर, सिरसा, फतेहाबाद, राजगढ़ की ओर जाना चाहते हैं। निजी बसों में यात्रीभार बढ़ा है। इससे यात्रियों को खचाखच भरी बसों में सफर करना पड़ रहा है। रोडवेज महाप्रबंधक राहुल मित्तल ने दोपहर 12 बजे साझा मोर्चा के नेताओं से बातचीत कर मांगे पूरी करने का आश्वासन दिया लेकिन वे नहीं माने। दिनभर बसें नहीं चलने से यात्री बसों का इंतजार करते रहे। समिति प्रधान जोगेंद्र पंघाल, बजरंग लाखा, कर्मवीर मसूदपुर, जितेंद्र शर्मा, पवन कनोह, अमित जुगलान, अरुण शर्मा, राजेश जांगड़ा, नरेंद्र खरड़ ने बताया कि जब तक भत्तों का भुगतान नहीं होता हड़ताल पर रहेंगे।
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लोकल रूटों पर नहीं चलीं बसें
चक्का जाम के कारण यात्रियों को अन्य डिपो व राज्यों से आने वाली बसों में बैठकर गंतव्य तक पहुंचना पड़ा। लोकल रूटों पर बसें ही नहीं चलीं। ऐसे में यात्रियों को काफी देर तक इंतजार करने के बाद अन्य विकल्पों के जरिये जाना पड़ा। बालक, पाबड़ा, नहला, भूना के अलावा गोरछी, सरसाना, बासड़ा, गावड़, शेरड़ा, सिद्धमुख, श्यामसुख, किरोड़ी, खेड़ी बर्की, कनोह, किरतान, डोभी, सुंडावास, हिंदवान, जुगलान, बुगाना, राजली, धान्सू, सुलखनी, घिराय, खानपुर, खोखा, भाटला, मिर्जापुर, महजत, मसूदपुर, खरकड़ी, चैनत, डाटा व सिंघवा के ग्रामीणों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी।
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मांगों पर ये मिले जवाब
रात्रि भत्ते पर महाप्रबंधक ने कहा कि सोमवार को डिपो के अधिकारी मुख्यालय जाकर आपका पक्ष रखेंगे। एलटीसी पर कहा कि इसकी मुख्यालय से अनुमति ली जा रही है। चिकित्सा भत्तों के बारे में कहा कि 50 लाख रुपये का बजट आ गया है और 50 लाख रुपये का और मांगा है।
सिटी बसों का भी नहीं हुआ संचालन
हड़ताल के कारण सिटी बसों का संचालन भी नहीं हुआ। इससे शहरवासियों को ऑटो में महंगा सफर करना पड़ा। रोहतक में भाजपा रैली के लिए डिपो से 17 बसें भेजी गईं। कर्मचारियों की हड़ताल के कारण परिचालक इन बसों में नहीं गए।
ये बोले यात्री
- मुझे डोभी जाना है। करीब एक घंटे से लोकल बस स्टैंड पर बस का इंतजार कर रही हूं लेकिन एक भी बस नहीं आई। लगता है कि किसी अन्य साधन से ही गांव जाना पड़ेगा। - सुलोचना
मुझे मिर्जापुर जाना है और पौने घंटे से यहां बैठी हूं लेकिन बस का कोई अता-पता नहीं है। अब किसी जानकार को फोन करके बुलाया है। उसके साथ ही निजी वाहन पर बैठकर जाऊंगी। - सरोज
मुझे सिरसा जाना है लेकिन काफी देर से कोई बस नहीं आई है। कर्मचारियों ने बताया कि चक्का जाम के कारण डिपो की बसें नहीं चल रही हैं। अब अन्य डिपो की बस का इंतजार कर रहा हूं। - शेर सिंह
आम दिनों में चंडीगढ़ के लिए हर 10 से 15 मिनट में बस चलती है। आज मुझे आधा घंटा हो गया है और बस नहीं मिली है। कर्मचारी बता रहे हैं कि अन्य डिपो की बस आएगी। - मनोज
कर्मचारी केवल अपने जायज हकों की मांग कर रहे हैं। जब तक सभी लंबित वित्तीय लाभों का भुगतान नहीं किया जाता तब तक कर्मचारी काम पर नहीं लौटेंगे। - संदीप जैनावास, प्रेस प्रवक्ता, साझा संघर्ष समिति
कर्मचारी अपनी जिद पर अड़े हैं। कुछ मांगों का समाधान कर दिया गया है बाकी का भी जल्द हल निकाल देंगे। त्योहार को देखते हुए कर्मचारियों को हड़ताल खत्म कर काम पर लौटना चाहिए। - राहुल मित्तल, महाप्रबंधक, रोडवेज