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Hisar News: तीन कर्मचारियों ने सिर मुंडवाया, संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया
Sat, 05 Sep 2026 01:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Sat, 05 Sep 2026 01:23 AM IST
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हांसी में मुंडन करा कर सरकार के प्रति विरोध जताते हड़ताली कर्मचारी। स्रोत : यूनियन
हांसी। नगर परिषद हांसी के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल शुक्रवार को 30वें दिन भी जारी रही। सरकार और कर्मचारियों के बीच मांगों को लेकर चल रहे गतिरोध के बीच कर्मचारियों ने नगर परिषद परिसर में सफाई कर्मचारी जगदीश, सुखदेव और फायरमैन ने मुंडन करवाकर विरोध जताया। इस दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया।
कर्मचारियों ने स्पष्ट कहा कि केवल आश्वासन से हड़ताल खत्म नहीं होगी। मांगों पर लिखित आदेश जारी होने के बाद ही आंदोलन वापस लिया जाएगा। वह लंबे समय से कच्चे कर्मचारी के तौर पर सेवाएं दे रहे हैं और अपनी मांगों को लेकर एक महीने से हड़ताल पर हैं। उनका आरोप है कि आंदोलन के बावजूद सरकार ने अभी तक कोई ठोस लिखित आदेश जारी नहीं किया है।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने मंत्री विपुल गोयल, मंत्री कृष्ण बेदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के फोटो हाथों में लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मचारियों ने यूनियन प्रतिनिधियों से तत्काल बातचीत कर समस्या का समाधान करने की मांग की।
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लिखित आदेश मिलते ही एक घंटे में काम पर लौटेंगे :
सफाई कर्मचारी यूनियन हांसी इकाई की उपाध्यक्ष रेखा ने कहा कि सरकार 12 मांगें माने जाने की बात कह रही है, लेकिन कर्मचारियों को मौखिक आश्वासन नहीं चाहिए। कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने सहित अन्य मांगों पर लिखित आदेश जारी होते ही कर्मचारी एक घंटे के भीतर हड़ताल समाप्त कर शहर की सफाई व्यवस्था संभाल लेंगे। रेखा ने आरोप लगाया कि हड़ताल पर बैठे सफाई कर्मचारियों और आंदोलन का समर्थन करने वाले अन्य कर्मचारियों को सरकारी नोटिस दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नोटिस देकर कर्मचारियों की आवाज नहीं दबाई जा सकती। मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा।
कूड़े के ढेर से बढ़ी शहरवासियों की परेशानी :
सफाई कर्मचारी यूनियन के जिला प्रधान बलजीत सिंह ने कहा कि हड़ताल के कारण शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। बारिश होने पर कूड़ा सड़ने से दुर्गंध और संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। सर्व कर्मचारी संघ के कोषाध्यक्ष अशोक यादव ने कहा कि कर्मचारी भी नहीं चाहते कि हड़ताल से शहरवासियों को परेशानी हो, लेकिन वे अपने अधिकारों और भविष्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं। कर्मचारियों ने सरकार से हठ छोड़कर यूनियन प्रतिनिधियों से बातचीत करने और मांगों पर लिखित निर्णय जारी करने की अपील की।
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कर्मचारियों ने स्पष्ट कहा कि केवल आश्वासन से हड़ताल खत्म नहीं होगी। मांगों पर लिखित आदेश जारी होने के बाद ही आंदोलन वापस लिया जाएगा। वह लंबे समय से कच्चे कर्मचारी के तौर पर सेवाएं दे रहे हैं और अपनी मांगों को लेकर एक महीने से हड़ताल पर हैं। उनका आरोप है कि आंदोलन के बावजूद सरकार ने अभी तक कोई ठोस लिखित आदेश जारी नहीं किया है।
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प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने मंत्री विपुल गोयल, मंत्री कृष्ण बेदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के फोटो हाथों में लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मचारियों ने यूनियन प्रतिनिधियों से तत्काल बातचीत कर समस्या का समाधान करने की मांग की।
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लिखित आदेश मिलते ही एक घंटे में काम पर लौटेंगे :
सफाई कर्मचारी यूनियन हांसी इकाई की उपाध्यक्ष रेखा ने कहा कि सरकार 12 मांगें माने जाने की बात कह रही है, लेकिन कर्मचारियों को मौखिक आश्वासन नहीं चाहिए। कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने सहित अन्य मांगों पर लिखित आदेश जारी होते ही कर्मचारी एक घंटे के भीतर हड़ताल समाप्त कर शहर की सफाई व्यवस्था संभाल लेंगे। रेखा ने आरोप लगाया कि हड़ताल पर बैठे सफाई कर्मचारियों और आंदोलन का समर्थन करने वाले अन्य कर्मचारियों को सरकारी नोटिस दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नोटिस देकर कर्मचारियों की आवाज नहीं दबाई जा सकती। मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा।
कूड़े के ढेर से बढ़ी शहरवासियों की परेशानी :
सफाई कर्मचारी यूनियन के जिला प्रधान बलजीत सिंह ने कहा कि हड़ताल के कारण शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। बारिश होने पर कूड़ा सड़ने से दुर्गंध और संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। सर्व कर्मचारी संघ के कोषाध्यक्ष अशोक यादव ने कहा कि कर्मचारी भी नहीं चाहते कि हड़ताल से शहरवासियों को परेशानी हो, लेकिन वे अपने अधिकारों और भविष्य के लिए संघर्ष कर रहे हैं। कर्मचारियों ने सरकार से हठ छोड़कर यूनियन प्रतिनिधियों से बातचीत करने और मांगों पर लिखित निर्णय जारी करने की अपील की।