गारंटी में थी 30 करोड़ की सड़कें, लोग सरकार को कोसते रहे, हुडा अधिकारी व ठेकेदार फरमाते रहे आराम
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करीब दो साल तक हुडा अधिकारियों की लापरवाही आम जन भुगतता रहा। बदहाल सड़कों से गुजरते हुए लोग सरकार को कोसते भी रहे। 30 करोड़ की लागत से बनी ये सड़कें गारंटी में होने के बाद भी अधिकारियों ने ठेकेदारों से ठीक नहीं कराईं। हुडा एडमिनिस्ट्रेटर के मामला संज्ञान में आने के बाद सिविल इंजीनियर विंग की पोल खुली है। एडमिनिस्ट्रेटर ने तीन व पांच साल वाली गारंटी पीरियड वाली सड़कों की लिस्ट मांगी है, जिसमें कई सारी सड़कें ऐसी निकली हैं जहां रिपेयर की जरूरत है। मगर ठेकेदार से रिपेयर ही नहीं करवाई जा रही। अधिकारी व ठेकेदार मिलकर टाइम पास कर रहें हैं, ताकि उनकी गारंटी पीरियड समाप्त हो जाए।
ये हैं गारंटी पीरियड वाली सड़कें
सेक्टर 1-4 मास्टर रोड जिंदल चौक से सेक्टर 1-4 तक
अर्बन इस्टेट टू मास्टर रोड जिंदल चौक से अर्बन इस्टेट टू तक
सेक्टर 27-28 में रोड स्पेशल रिपेयर
मास्टर रोड जिंदल चौक टू सेक्टर 1-4 तक
सेक्टर 16-17 बाइपास रोड, मास्टर रोड जिंदल चौक टू अर्बन इस्टेट टू सेक्टर 1-4 तक
अर्बन इस्टेट स्पेशल रिपेयर, सेक्टर 16-17 फेज टू, सेक्टर 13 पी फेज टू, सेक्टर 15 पी
सेक्टर 9-11 इंटरनल रोड, पार्किंग कॉमर्शियल पॉकेट 9-11 सेक्टर
सेक्टर 14 पी इंटरनल रोड
सेक्टर 16-17 में स्पेशल रिपेयर करवाई गई सड़कें
सेक्टर 15 ए में स्पेशल रिपेयर, सेक्टर 13 रोड
सेक्टर 13 पी फुटपाथ व अन्य काम
सेक्टर 4 पी टू व सेक्टर 3-5 में बनाया गया रोड
सेक्टर 15 ए में वाइड रोड कट निर्माण
सेक्टर 14 पी में वाटर वर्कर्स के काम के बाद रोड और पार्किंग रिपेयर
दो बार सेक्टर 14 पी में बचा हुआ रोड निर्माण के काम करवाए गए जो गारंटी पीरियड में हैं
अमर उजाला ने उठाया था मुद्दा
बता दें कि उमर उजाला ने गारंटी पीरियड वाली सड़कों के बारे में मुद्दा उठाया था, जिसके बाद हुडा एडमिनिस्ट्रेटर ने सिविल इंजीनियरिंग विंग से गारंटी पीरियड वाली सड़कों की डिटेल मांगी थी। इसके बाद अधिकारी हरकत में आए और उन्होंने एडमिनिस्ट्रेटर कार्यालय में ऐसी सड़कों की डिटेल भेजी जो गारंटी पीरियड में हैं।
निगम में सेक्टर जाने के बाद हुडा अधिकारियों ने झाड़ा पल्ला
जब से डेवलेप सेक्टर नगर निगम को सौंपे गए हैं तब से हुडा अधिकारियों ने अपनी जिम्मेवारी से पल्ला झाड़ लिया है। हालांकि गारंटी पीरियड वाली सड़कों के बारे में जब हुडा ने सेक्टरों को निगम के हैंडओवर किया तो निगम अधिकारियों को भी लिस्ट लेनी चाहिए थे। निगम व हुडा अधिकारियों में तालमेल न होने के कारण भी जनता को परेशानी झेलनी पड़ी। जब आम लोग आवाज उठाते तो हुडा के अधिकारी निगम की तरफ पल्ला झाड़ देते। निगम अधिकारियों के पास लोग जाते तो हुडा अधिकारी की तरफ पल्ला झाड़ देते।
कोई भी काम अगर गारंटी पीरियड में है उस काम को कांट्रेक्टर से ठीक करवाने के लिए निर्देश दे दिए गए हैं। जल्द ही सेक्टरों में गारंटी पीरियड वाली सड़कों का रिपेयरिंग का काम शुरू हो जाएगा। ऐसे ठेकेदारों को टाइम नहीं खपाने दिया जाएगा। लिस्ट कार्यालय में आ चुकी है।
- दिनेश यादव, एडमिनिस्ट्रेटर हुडा, हिसार सर्कल